बिजनेस स्टैंडर्ड - ऑर्डर का निर्माण, काम पर ध्यान
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ऑर्डर का निर्माण, काम पर ध्यान

उज्ज्वल जौहरी /  07 18, 2017

काम बताएगा निर्माण कंपनियों की रफ्तार

निर्माण कंपनियों को ठेका

वित्त वर्ष 2015 के मुकाबले वित्त वर्ष 2017 में निर्माण कंपनियों के ऑर्डर दोगुने हो गए हैं मगर उनका मुनाफा इस पर निर्भर करेगा कि वे कितनी तेजी से काम पूरा करती हैं
एचसीसी-यूआरसी नामक संयुक्त निर्माण उद्यम को बेंगलूरु मेट्रो से 798 करोड़ रुपये का ठेका मिला
मेट्रो रेल परियोजनाओं से अच्छे-खासे ऑर्डर मिलने से लार्सन ऐंड टुब्रो, जे कुमार इन्फ्रा (जेकेआईएल), सिंप्लेक्स इन्फ्रास्ट्रक्चर और एचसीसी जैसी कंपनियों का परिदृश्य उजला दिख रहा

बिजनेस स्टैंडर्ड ऑर्डर का निर्माण, काम पर ध्याननिर्माण क्षेत्र की कंपनियों की ऑर्डर संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। हाल में एचसीसी-यूआरसी नामक संयुक्त निर्माण उद्यम को बेंगलूरु मेट्रो से 798 करोड़ रुपये का ठेका मिला है। मेट्रो रेल परियोजनाओं से अच्छे-खासे ऑर्डर मिलने से लार्सन ऐंड टुब्रो, जे कुमार इन्फ्रा (जेकेआईएल), सिंप्लेक्स इन्फ्रास्ट्रक्चर और एचसीसी जैसी कंपनियों का परिदृश्य उजला दिख रहा है।

इसके अलावा हाल के वर्षों में सरकार ने ढांचागत परियोजनाओं पर भी ध्यान केंद्रित किया है। इससे इंजीनियरिंग और निर्माण क्षेत्र की कई कंपनियों को सड़क और शहरी बुनियादी ढांचा क्षेत्र से काफी संख्या में ऑर्डर मिले हैं। दिलीप बिल्डकॉन, आईआरबी इन्फ्रा, पीएनसी इन्फ्राटेक, केएनआर इन्फ्रा और कई दूसरी कंपनियां ऑर्डर बुक के लिहाज से मजबूत स्थिति में हैं। क्रेडिट सुइस के विश्लेषकों का कहना है कि ऑर्डर संख्या में लगातार तेजी आ रही है और यह अब वित्त वर्ष 2013-15 के औसत की तुलना में दोगुनी हो गई है। वित्त वर्ष 2015 में इन कंपनियों के पास 29,400 करोड़ रुपये के ऑर्डर थे जो वित्त वर्ष 2017 में बढ़कर करीब 60,000 करोड़ रुपये पर पहुंच गए। वित्त वर्ष 2012 से 2015 के दौरान इस क्षेत्र में सुस्ती रही थी मगर वित्त वर्ष 2015 से 2018 के दरम्यान बुनियादी ढांचा क्षेत्र में निवेश बढ़कर सालाना 10 फीसदी पर पहुंच जाने का अनुमान है। ऐम्बिट के विश्लेषकों का कहना है कि राजस्व वृद्धि में तेजी और लगातार वित्तीय सुगमता के फायदे की वजह से इस क्षेत्र की कंपनियां सालाना आय में दो अंक की वृद्धि दर्ज करेंगी।

बढि़या ठेके मिलने के बाद अब इन कंपनियों के शेयरों में तेजी इस पर निर्भर करेगी कि वे इन परियोजनाओं को  कितना तेजी से पूरा कर पाती हैं। सिस्टेमैटिक्स में दिव्याता दलाल का कहना है कि इस लिहाज से वित्त वर्ष 2017 इन कंपनियों के लिए सपाट रहा है। मगर वित्त वर्ष 2018 में तेजी दिखनी चाहिए। क्रेडिट सुइस का कहना है कि जहां ऑर्डर दोगुना हो गए हैं, वहीं राजस्व महज 25 प्रतिशत (वित्त वर्ष 2013 से 2015 की अवधि की तुलना में) बढ़ा है। इसलिए काफी कुछ इस पर निर्भर है कि वे कैसे काम करती हैं। उनके परिचालन के तरीके से ही उनकी आय बढ़ेगी। ब्याज लागत में किसी भी तरह की कमी से उनकी आय में इजाफा होगा।

इसलिए इस क्षेत्र की कई कंपनियों निवेशकों के लिए अवसर मुहैया कराती हैं। हालांकि ऑर्डर में इजाफे के साथ उनके शेयरों में भी मजबूती आ चुकी है। लिहाजा, उनका मूल्यांकन भी देखने की जरूरत होगी। इसके अलावा निवेशकों को उन्हीं कंपनियों के शेयर चुनने चाहिए जिनकी  बैलेंस शीट मजबूत हो या जिनकी वित्तीय स्थिति में सबसे अधिक सुधार की संभावना हो। 

इंडिया निवेश सिक्योरिटीज में येलापु संतोष का कहना है कि सड़क क्षेत्र की कंपनियों में पीएनसी इन्फ्राटेक और केएनआर कंस्ट्रक्शन बेहतर स्थिति में हैं क्योंकि उनका ऐसेट-लाइट मॉडल है। इस मॉडल के तहत कंपनियां जमीन नहीं खरीदतीं बल्कि समझौता करके जमीन मालिकों को मुनाफे में भागीदार बना लेती हैं। दलाल की पसंद केएनआर कंस्ट्रक्शन है क्योंकि कंपनी ने अपनी कई परियोजनाओं पर काम शुरू कर दिया है। पीएनसी की कुछ परियोजनाओं पर अभी काम शुरू होना है। उनका कहना है कि पीएनसी इस वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में बेहतर काम दिखा सकती है। हालांकि केएनआर का शेयर भी इस समय में 52 सप्ताह की ऊंचाई के आसपास है और वित्त वर्ष 2018 की आय के अनुमानों के 17-18 गुना पर कारोबार कर रहा है, लेकिन इसकी कीमत ठीक-ठाक दिख रही है।

बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर (बीओटी) क्षेत्र में सड़क निर्माण से जुड़ी एक और कंपनी आईआरबी इन्फ्रास्ट्रक्चर है जिसकी बैलेंस शीट भी सुधरी है और ऑर्डर संख्या भी बढ़ी है। विश्लेषक इसे लेकर सकारात्मक हैं और इसे लंबी अवधि के निवेश विकल्प के तौर पर देख रहे हैं। उनका कहना है कि टोल से राजस्व के आंकड़े मजबूत बने हुए हैं, लेकिन ये बाजार अनुमानों से थोड़े से कम हैं। साथ ही, आय वृद्धि पर निर्माणाधीन परियोजनाओं से लाभ सिर्फ वित्त वर्ष 2019 से दिखना शुरू होगा। लिहाजा, लंबी अवधि के निवेशक इसमें निवेश कर सकते हैं। 

काम की गति, लगातार बढिय़ा प्रदर्शन और आय संभावनाओं के लिहाज से दिलीप बिल्डकॉन ज्यादातर विश्लेषकों का पसंदीदा शेयर बना हुआ है। जहां संतोष का मानना है कि शेयर की कीमत उचित है, वहीं क्रेडिट सुइस ने मजबूत राजस्व संभावना, शानदार मुनाफा वृद्धि को ध्यान में रखकर इस शेयर को 650 रुपये के कीमत लक्ष्य के साथ 'आउटपरफॉर्म रेटिंग' दी है। मेट्रो रेल के क्षेत्र में ऑर्डर प्रवाह का लाभ जेकेआईएल, एचसीसी और सिंप्लेक्स इन्फ्रा को मिलेगा। जेकेआईएल ने इस क्षेत्र पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है, जबकि अन्य कंपनियों के पोर्टफोलियो में विविधता है। हालांकि कार्यशील पूंजी की अधिक जरूरत की वजह से सिंप्लेक्स की बैलेंस शीट पर दबाव बना हुआ है जिसे दूर किए जाने की जरूरत है। एचसीसी का कर्ज बोझ धीरे-धीरे घटेगा तो उसका परिचालन प्रदर्शन दुरुस्त होगा। क्रेडिट सुइस ने जेकेआईएल को 375 रुपये के कीमत लक्ष्य के साथ आउटपरफार्म रेटिंग दी है।
Keyword: निर्माण क्षेत्र, ऑर्डर, एचसीसी-यूआरसी, बेंगलूरु मेट्रो, ठेका, परियोजना, लार्सन ऐंड टुब्रो,
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