बिजनेस स्टैंडर्ड - ट्रंप के रुख से आईटी को राहत
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ट्रंप के रुख से आईटी को राहत
आयान प्रामाणिक / बेंगलूरु 03 01, 2017

प्रतिभा-आधारित प्रवास को प्रोत्साहन संभव

अमेरिकी सरकार आव्रजन सुधार के तहत प्रतिभा आधारित श्रमबल का रखेगी खयाल

बिजनेस स्टैंडर्ड ट्रंप के रुख से आईटी को राहतअमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप आव्रजन सुधार नीति में थोड़ा बदलाव कर सकते हैं, जिसमें प्रतिभा-आधारित प्रवास को प्रोत्साहन दिया जा सकता है। ट्रंप के इस कदम से भारतीय आईटी उद्योग को मदद मिल सकती है क्योंकि आईटी कंपनियां काफी संख्या में अल्पावधि के लिए कार्य वीजा पर कुशल इंजीनियरों को अमेरिका भेजती है। अमेरिका की ओर से उच्च तकनीक वाले श्रमबल के लिए जारी किए जाने वाले एच1बी वीजा का लाभ उठाने वालों में करीब 69 फीसदी हिस्सेदारी भारतीय नागरिकों की होती है।

भारतीय फर्मों जैसे- टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, टीसीएस और विप्रो की ओर से ऐसे वीजा का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाता है, वहीं बहुराष्ट्रीय कंपनियों आईबीएम, गूगल और फेसबुक की भी इसमें अच्छी-खासी हिस्सेदारी होती है। बुधवार को ट्रंप ने कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों द्वारा अपनाई गई योग्यता-आधारित आव्रजन प्रणाली को अमेरिका में भी लागू करने की वकालत की। इस प्रणाली से ऐसे कर्मचारियों को अमेरिका आने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, जो वित्तीय रूप से सक्षम होंगे।

अमेरिकी संसद को अपने पहले संबोधन में ट्रंप ने कहा, 'कम कुशल आव्रजन की मौजूदा प्रणाली की जगह योग्यता आधारित प्रणाली को अपनाने के कई फायदे होंगे। इससे काफी डॉलर की बचत होगी और कर्मचारियों के वेतन में भी इजाफा होगा, जिससे संघर्षशील परिवारों को मदद मिलेगी साथ ही प्रवासी परिवारों को भी इसका फायदा होगा।' हालांकि अपने चुनावी अभियान के दौरान ट्रंप ने आईबीएम जैसी प्रौद्योगिकी कंपनियों के लिए सख्त आव्रजन कानून की बात कही थी और ऐसी कंपनियों द्वारा नौकरियां बाहर ले जाने पर कर लगाने की भी चेतावनी दी थी।

जनवरी में कैलिफोर्निया के सीनेट सदस्य जियो लॉफजरेन ने संसद में एक विधेयक पेश किया था, जिसमें यह प्रावधान किया गया था कि एच1बी वीजा पर कर्मचारी नियुक्त करने वाली कंपनियों को सालाना वेतन भुगतान  से दोगुना कर 1300,000 डॉलर करना होगा। इसके बाद से भारतीय कंपनियां अमेरिकी सरकार को तकनीकी प्रतिभाओं के मुक्त आवागमन के लिए मनाने की पुरजोर कोशिश कर रही थीं। सॉफ्टवेयर कंपनियों के संगठन नैसकॉम का कहना था कि आउटसोर्सिंग से अमेरिका को 50,000 से ज्यादा रोजगार सृजन करने में मदद मिली है और उसे 20 अरब डॉलर से ज्यादा का कर भी प्राप्त होता है।

नैसकॉम के चेयरमैन एवं टेक महिंद्रा के प्रबंध निदेशक व मुख्य कार्याधिकारी सी पी गुरनानी ने कहा कि उच्च कुशल कर्मचारियों के मामले में सहज हैं। विश्लेषकों का कहना है कि ट्रंप को यह अहसास हो गया कि आव्रजन सुधार की ओर कदम बढ़ाने से उसे उच्च कुशल प्रतिभाओं के मामले में चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ग्रेहाउंड रिसर्च के मुख्य कार्याधिकारी संचित वीर गोगिया ने कहा, 'इससे पता चलता है कि ट्रंप प्रशासन को यह आभास हो गया कि यह विषय कितना गंभीर है।'

Keyword: प्रतिभा, प्रवास, प्रोत्साहन, अमेरिका, आव्रजन सुधार, डॉनल्ड ट्रंप, आईटी उद्योग, टीसीएस, विप्रो,
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