बिजनेस स?टैंडर?ड - पीएसपीसीएल के वित्तीय पुनर्गठन पर संकट!
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पीएसपीसीएल के वित्तीय पुनर्गठन पर संकट!
कोमल अमित गेरा / चंडीगढ़ July 20, 2016

केंद्र सरकार की उदय योजना के तहत पंजाब राज्य पावर कॉर्पोरेशन (पीएसपीसीएल) के वित्तीय पुनर्गठन में देरी हो सकती है। इसकी वजह यह है कि राज्य सरकार अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए बिजली दरें बढ़ाने या बिजली चोरों के खिलाफ कड़े कदम उठाने से परहेज कर रही है। राज्य में सत्ताधारी अकाली दल-भाजपा सरकार का मानना है कि चुनाव से ठीक पहले पीएसपीसीएल में आर्थिक सुधार लागू करना उसके लिए घाटे का सौदा हो सकता है। पंजाब देश के उन 18 राज्यों में शामिल है, जिन्होंने बिजली वितरण कंपनियों की खस्ता हालत में सुधार के लिए उदय योजना स्वीकार की है।  राज्य सरकार के एक वरिष्ठï अधिकारी ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया कि योजना के तहत पीएसपीसीएल पर कुल कर्ज का 75 प्रतिशत भार का वहन राज्य सरकार ने किया है जिस पर करीब 15,628 करोड़ रुपये लागत आई है। राज्य सरकार पहले ही 15,069 करोड़ रुपये मूल्य के बॉन्ड जारी कर चुकी है और 559 करोड़ रुपये मूल्य के बॉन्ड की दूसरी किस्त भी जारी होने वाली है। शेष कर्ज के 25 प्रतिशत हिस्से के लिए बॉन्ड स्वयं पीएसपीसीएल जारी करेगी।

 
विभिन्न सरकारी विभागों और पंजाब सरकार ने पीएसपीएसीएल की बकाया रकम का भुगतान नहीं किया है। पंजाब सरकार के विभिन्न विभागों पर पीएसपीसीएल का 500 करोड़ रु पये से अधिक बकाया है। अधिकारी ने बताया कि इस रकम के भुगतान के विषय पर वित्त विभाग के साथ बातचीत जारी है लेकिन कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है। पंजाब सरकार ने पिछले वित्त वर्ष की 1,200 करोड़ रुपये सब्सिडी का भुगतान अब तक पीएसपीसीएल को नहीं किया है। राज्य में गरीबी रेखा से नीचे गुजर-बसर करने वाले जितने लोगों को सब्सिडी पर बिजली दी जाती है उनमें सर्वाधिक कनेक्शन कृषि क्षेत्र के हैं। पंजाब सरकार को सालाना 5,400 करोड़ रुपये बिजली सब्सिडी देनी पड़ती है।
 
राज्य सरकार ने आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए बिजली दरें भी नहीं बढ़ाई हैं। भारत सरकार, पंजाब सरकार और पीएसपीसीएल के बीच हुए एक समझौते के अनुसार राज्य सरकार को वित्त वर्ष 2016-17 और 2017-18 के लिए बिजली दरों में क्रमश: 5 प्रतिशत और 9 प्रतिशत बढ़ोतरी करनी है। 2015-16 में बिजली दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई और इससे पहले 2014-15 में दरें मात्र 2.74 प्रतिशत मामूली बढ़ाई गई थीं। अधिकारी कहा कि पंजाब राज्य बिजली नियामक आयोग को उन्होंने दरों में बढ़ोतरी संबंधी प्रस्ताव भेजा है और वे आदेश का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि अधिकारी ने स्वीकार किया कि उनके राजनीतिक आका अपने राजनीतिक हितों की रक्षा के लिए फिलहाल दरें बढ़ाने की जहमत नहीं उठा सकते हैं। 
Keyword: power, electricity, energy, PSPCL,,
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