बिजनेस स्टैंडर्ड - खान पान की स्वच्छता पर विशेष ध्यान
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खान पान की स्वच्छता पर विशेष ध्यान
विवेट सुजन पिंटो / मुंबई May 15, 2016

भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने अब स्वच्छता के मानकों को लागू करने के लिए रेस्टोरेंट, खाद्य केंद्रों और होटलों पर ध्यान केंद्रित किया है। नैशनल रेस्टोरेंट्स एसोसिएशन आफ इंडिया (एनआरएआई) और फेडरेशन आफ होटल ऐंंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन आफ इंडिया (एफएचआरएआई) जैसे उद्योग संगठनों और एफएसएसएआई के सदस्यों को मिलाकर एक उपसमूह का गठन किया गया है। यह उपसमूह उन नियमों में संशोधन के सुझाव देगा, जो खान पान केंद्रों पर सुरक्षा मानकों के लिए लागू होते हैं। 
 
पिछले सप्ताह एफएसएसएआई, एआरएआई, एफएचआरएआई की नई दिल्ली में आयोजित बैठक के बाद उप समूह का गठन किया गया। इस बैठक में लोकप्रिय फास्ट फूड कंपनियां जैसे यम और ताज एवं आईटीसी जैसे होटल समूह भी शामिल थे। एफएसएसएआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पवन कुमार अग्रवाल ने इसकी पुष्टि करते हुए बिजनेस स्टैंडर्ड से कहा कि खानपान की जगहों पर खाद्य सुरक्षा मानकों को लागू किया जाना बहुत जरूरी है। 
 
अग्रवाल ने कहा, 'होटल, रेस्टोरेंट और खाद्य केंद्र को परिचालन के लिए एफएसएसएआई से लाइसेंस लेना होता है, लेकिन खाद्य सुरक्षा मानकों को अनिवार्य रूप से पूरा नहीं किया जाता है। हम चाहते हैं कि इस मामले में उद्योग जगत से राय ली जाए और यह जाना जाए कि नियमों को कड़ाई से लागू कराए जाने को लेकर उनका क्या विचार है।' खानपान सेवा बाजार को नियमित करने का विचार इसलिए महत्त्वपूर्ण हो रहा है, क्योंकि इसका आकार तेजी से बढ़ रहा है। टेक्नोपाक और एनआरएआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में खानपान सेवाओं का बाजार 2013 के 2,47,680 करोड़ रुपये से बढ़कर 2018 में 4,08,040 करोड़ रुपये का होने की संभावना है। 
 
टेक्नोपाक-एनआरएआई की रिपोर्ट के मुताबिक 5 साल के दौरान इस क्षेत्र की सालाना वृद्धि दर 11 प्रतिशत रही है। टेक्नोपाक के चेयरमैन अरविंद सिंघल ने कहा कि भारत में जिस तरीके से संगठित व असंगठित क्षेत्र में खाद्य केंद्रो का विस्तार हो रहा है, इससे तेजी की धारणा के संकेत मिलते हैं। उन्होंने कहा, 'मंदी की चर्चा के बावजूद भारत में बाहर खाने की प्रवृत्ति बढ़ेगी। इसकी वजह से खान पान केंद्रों की संख्या में भी बढ़ोतरी होगी।'
 
पिछले साल खबर आई थी कि मंगलौर में केएफसी के एक आउटलेट पर एक जोड़े ने अपने खाद्य में कीड़े पाए थे। 2012 में तिरुवनंतपुरम में एक परिवार ने इसी तरह की एक शिकायत की थी। केएफसी की यम से इस मसले पर उसके भारत स्थित कार्यालय से जवाब नहीं मिल सका।  एनआरएआई के महासचिव प्रकुल कुमार ने कहा, 'आप ढाबे और एक बेहतरीन खान पान के रेस्टोरेंट को एक ही दायरे में नहींं रख सकते। उन्हें अलग अलग नजरिये से देखना होगा।' उम्मीद की जा रही है कि उपसमूह की बैठक अगले 3 सप्ताह के भीतर होगी, जिसमें वह खाद्य संरक्षा एवं मानक नियमन 2011 की अनुसूची 4 में संशोधन का प्रस्ताव करेगी। इसी नियम से खान पान सेवाओं में स्वच्छता मानकों का पालन किया जाता है। 
Keyword: food, maggi, FSSAI,,
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