बिजनेस स?टैंडर?ड - कॉल ड्रॉप पर नहीं लगेगा जुर्माना
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कॉल ड्रॉप पर नहीं लगेगा जुर्माना
मानसी तनेजा और एम जे एंटनी / नई दिल्ली 05 11, 2016

उच्चतम न्यायालय ने कॉल ड्रॉप पर दूरसंचार नियामक के फैसले को किया खारिज
दूरसंचार कंपनियों को मिली राहत
दूरसंचार नियामक ने हर कॉल ड्रॉप (एक दिन में अधिकतम 3) पर 1 रुपये का लगाया था जुर्माना
दूरसंचार कंपनियों ने ट्राई के फैसले को उच्चतम न्यायालय में दी थी चुनौती
अदालत ने ट्राई के निर्णय को मनमाना, अनुचित तथा अस्पष्ट करार दिया

बिजनेस स?टैंडर?ड कॉल ड्रॉप पर नहीं लगेगा जुर्मानादूरसंचार सेवा प्रदाताओं को कॉल ड्रॉप के मामले में उच्चतम न्यायालय से आज बड़ी राहत मिली, जब अदालत ने कॉल ड्रॉप होने की सूरत में जुर्माना लगाने की भारतीय दूरसंचार नियामक आयोग (ट्राई) की नीति खारिज कर दी। पिछले साल अक्टूबर में नियामक ने कहा था कि दूरसंचार कंपनियों को कॉल ड्रॉप होने पर उपभोक्ता के खाते में 1 रुपया डालना होगा और एक दिन में एक कनेक्शन पर अधिकतम 3 रुपये दिए जाएंगे। यह नियम इस साल 1 जनवरी से लागू होना था, लेकिन कंपनियां दिल्ली उच्च न्यायालय पहुंच गईं। वहां ट्राई को सही ठहराया गया, जिस पर कंपनियों ने सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।

शीर्ष न्यायालय ने इस नियम को मनमाना, बेतुका और अपारदर्शी बताते हुए खत्म कर दिया। यह फैसला दूरसंचार कंपनियों के संगठन सीओएआई और भारती एयरटेल, वोडाफोन तथा रिलायंस कम्युनिकेशंस समेत 21 दूरसंचार प्रदाता कंपनियों की याचिका पर आया है। कंपनियों ने पिछले हफ्ते अदालत से कहा था कि समूचा उद्योग भारी कर्ज के बोझ तले दबा है और स्पेक्ट्रम के लिए उन्हें बड़ी कीमत चुकानी पड़ती है, इसलिए कॉल ड्रॉप पर जुर्माने की नीति उन पर नहीं थोपी जानी चाहिए। ट्राई के नियम में दो फीसदी कॉल ड्रॉप की इजाजत भी नहीं थी। इसका मतलब है कि नियामक नेटवर्क को सौ फीसदी कारगर बनाना चाहता था और दूरसंचार कंपनियों को हरेक कॉल ड्रॉप पर जुर्माना भुगतना पड़ता। इस पर भी बड़ा विवाद था।

ट्राई ने दलील दी थी कि 1 अरब दूरसंचार उपभोकताओं के हितों की रक्षा करना उसका काम है और यदि कंपनियां कॉल ड्रॉप के बदले उपभोक्ताओं को बिना शर्त उतनी ही मुफ्त कॉल देने को राजी हो जाएं तो जुर्माना लगाने के फैसले पर दोबारा विचार किया जा सकता है। उसने अदालत से यह भी कहा था कि 4-5 कंपनियां सांठगांठ कर रोजाना 250 करोड़ रुपये कमा रही हैं, लेकिन सेवाएं सुधारने और कॉल ड्रॉप रोकने के लिए नेटवर्क में एक पैसा नहीं लगा रहा।

कंपनियों ने ट्राई के फैसले को मनमाना और सनक भरा बताते हुए कहा था कि उपभोक्ताओं को मुआवजा देने की बात कहना कंपनियों के शुल्क ढांचे में दखल देना है, जो नियम नहीं बल्कि आदेश के जरिये ही किया जा सकता है। हालांकि ट्राई ने अदालत से कहा कि कॉल ड्रॉप के बदले मुआवजा पाना उपभोक्ताओं का हक है अैर यह लाइसेंस की शर्तों में सेवा की गुणवत्ता के नियम से इतर है। लेकिन कंपनियों ने दलील दी कि उपभोक्ताओं को परेशानी होने के बावजूद वैधानिक आदेश के बगैर ऐसा नहीं किया जा सकता।

इस आदेश पर संचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा, 'सेवाओं का शुल्क और गुणवत्ता ट्राई के दायरे में आते हैं। मैं मानता हूं कि कंपनियां देश के हर कोने में सेवा दे रही हैं, लेकिन अच्छी सेवा देना भी उतना ही जरूरी है। इसके लिए उन्हें निवेश करना चाहिए।'

इधर विश्लेषकों ने अदालत के फैसले की सराहना की, पर यह भी कहा कि कंपनियां जिम्मेदारी से मुकर नहीं सकतीं। बहरहाल सीओएआई के महानिदेशक राजन मैथ्यूज ने कहा कि अदालत के फैसले ने कंपनियों के पक्ष को सही ठहराया है। अब कंपनियों को अधिक सेल टॉवर लगाकर, किफायती स्पेक्ट्रम हासिल कर खामियां दूर करनी होंगी। इस बीच भारती एयरटेल, आइडिया सेल्युलर, रिलायंस कम्युनिकेशंस समेत सभी बड़ी दूरसंचार कंपनियों के शेयर बंबई स्टॉक एक्सचेंज पर आज लुढ़कते दिखे। कुछ शेयर तो 2 फीसदी से अधिक टूटे।


सुब्रत रॉय की पैरोल अवधि बढ़ी

उच्चतम न्यायालय ने सहारा समूह प्रमुख सुब्रत रॉय की पैरोल अवधि 11 जुलाई तक के लिए बढ़ा दी है। पैरोल अवधि में यह विस्तार इस शर्त पर दिया गया है कि 11 जुलाई को मामले की अगली सुनवाई तक उन्हें 200 करोड़ रुपये जमा करने होंगे। इस तरह रॉय को कुल 500 करोड़ रुपये जमा करने होंगे। अगर वे 11 जुलाई तक 200 करोड़ रुपये जमा करने में विफल रहते हैं तो उन्हें समर्पण करना होगा और तिहाड़ जेल वापस जाना होगा।


कर मामले में बढ़ेगी अमिताभ की मुश्किल

बॉलीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन को एक पुराने कर मामले में अदालत से झटका लगा है। उच्चतम न्यायालय ने आयकर विभाग को अमिताभ बच्चन से जुड़े कर आकलन मामले को दोबारा खोलने की अनुमति दे दी है। यह मामला 2001-2002 में बच्चन की 'कौन बनेगा करोड़पति' शो से होने वाली कमाई से जुड़ा है। हालांकि अमिताभ की ओर से कहा गया है कि यह केबीसी से जुड़ा मामला नहीं है और उन्हें पुनर्आकलन के खिलाफ अपील करने का अधिकार दिया गया है।

Keyword: telecom, spectrum, network, call drop,,
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