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अवरोध हटाने में जुटीं रीट्स पेश करने वाली संभावित कंपनियां
राघवेंद्र कामत / मुंबई April 22, 2016

वित्त मंत्री की तरफ से रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट्स (रीट्स) के अंतिम अवरोध दूर किए जाने के डेढ़ महीने बाद इसे पेश करने वाली संभावित कंपनियां इस पर आगे बढऩे से पहले संभावित बाधा दूर करने पर काम कर रही है। रीट्स रियल एस्टेट में निवेश करता है और इसकी ट्रेडिंग प्रमुख एक्सचेंजों में स्टॉक की तरह होती है। निवेशकों को रीट्स रियल एस्टेट क्षेत्र में काफी तरल हिस्सेदारी मुहैया कराता है। साल 2016 के बजट में मंत्री ने ऐसे ट्रस्टों के लिए लाभांश वितरण कर (डीडीटी) समाप्त कर दिया, जो इसे पेश करने में प्रमुख बाधा थी।
 
रीट्स का आवेदन करने वाली संभावित कंपनी में से एक के रहेजा कॉर्प के निदेशक (वित्त) सुनील हिंगोरानी ने कहा, हमने बाजार नियामक सेबी और मंत्रालय के सामने अपना पक्ष रखा है। कुछ छोटे मसले हैं, जिसके दो-तीन महीने में समाधान की उम्मीद हम कर रहे हैं। बदलाव के सारे सुझाव सूचीबद्ध कंपनियों के प्रावधानों के मुताबिक हैं। रीट्स म्युचुअल फंडों की तरह होते हैं, जिसे स्टॉक एक्सचेंजों पर सूचीबद्ध कराया जा सकता है और इसकी ट्रेडिंग हो सकती है। इन्हें अपनी आय का ज्यादातर हिस्सा लाभांश के तौर पर वितरित करना होगा।
 
हिंगोरानी ने कहा, हमने कहा है कि अल्पावधि के पूंजी लाभ के आकलन के लिए 36 महीने के बजाय 12 महीने की अवधि पर विचार किया जाना चाहिए। इसके अलावा समूह कंपनियों के बीच उधारी के कुछ निश्चित नियमों और कैरी-फॉरवर्ड नुकसान से जुड़े नियमों में बदलाव की मांग की है। ब्लैकस्टोन की योजना की जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने कहा कि अमेरिकी निवेशक रीट्स कानून की भी जांच कर रही है। सूत्रों ने कहा, वे वैयक्तिक मालिकाना हक वाले ढांचे का अध्ययन कर रहे हैं। ब्लैकस्टोन देश में कार्यालय संपत्तियों की सबसे बड़ी मालिक है और इसके पास करीब 3 करोड़ वर्गफुट ऑफिस स्पेस है।
 
कार्यालय संपत्तियों की बड़ी मालिक और कतर इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी समर्थित आरएमजेड साल 2017 में सूचीबद्ध होने की योजना बना रही है और यह जानकारी इसके कार्यकारी चेयरमैन राज मेंदा ने दी। उन्होंने कहा, हमें सुनिश्चित करना होगा कि हमारे जैसे रीट्स के निवेशक और इश्यू करने वालों को भारत में रीट्स के बाजार की बढ़त की खातिर इच्छित प्रतिफल हासिल हो।
 
सेबी के चेयरमैन यू के सिन्हा ने हाल में कहा था, हालिया बजट घोषणाएं और उद्योग के साथ हमारी बातचीत के आधार पर हमें उम्मीद है कि साल 2016-17 के दौरान अच्छे खासे रीट्स देखने को मिलेंगे। रियल्टी कंसल्टेंट जेएलएल के मुताबिक, करीब 1 लाख करोड़ रुपये की 8-10 करोड़ वर्गफुट ऑफिस स्पेस रीट्स में शामिल करने का पात्र हो सकता है। ये संपत्तियां कुल मिलाकर सालाना 6,000 करोड़ रुपये का किराया अर्जित कर सकती है।
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