बिजनेस स?टैंडर?ड - फेसबुक-यूट्यूब की मदद लेगी डिज्नी
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फेसबुक-यूट्यूब की मदद लेगी डिज्नी
उर्वी मलवाणिया /  04 18, 2016

डिज्नी अपने टेलीविजन चैनल 'बिंदास' के साथ फेसबुक वीडियो और यूट्यूब जैसे डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर रही है ताकि वह युवाओं पर केंद्रित शो 'गर्ल इन द सिटी' के लिए अधिक से अधिक दर्शकों को लुभा सके। 13 कडिय़ों की इस वेब सीरीज के साथ कैस्ट्रॉल और ई-बे जैसे ब्रांड साझेदार जुड़ गए हैं

डिज्नी 'गर्ल इन दि सिटी' वेब सीरीज को फेसबुक वीडियो पर 28 अप्रैल को लॉन्च करेगी
वेब सीरीज नया एपिसोड हर गुरुवार को फेसबुक के वीडियो मंच पर दिखाया जाएगा

देश में ज्यादातर मीडिया नेटवर्क अपने खुद के ओवर-द-टॉप (ओटीटी) या डिजिटल वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म विकसित करने या उन्हें बढ़ावा देने में व्यस्त हैं, डिज्नी इंडिया ने डिजिटल दर्शकों को लुभाने के लिए अलग ही रास्ता अपनाने का फैसला किया है। डिज्नी अपनी पहली वेब सीरीज गर्ल इन द सिटी को फेसबुक के वीडियो प्लेटफॉर्म पर 28 अप्रैल को पेश करेगी। 13 कडिय़ों वाली इस सीरीज में देहरादून की मीर सहगल की जिंदगी की कहानी है जो फैशन उद्योग में नाम कमाने के लिए मुंबई आती हैं। सीरीज का नया एपिसोड हर गुरुवार को फेसबुक के वीडियो प्लेटफॉर्म पर प्रस्तुत किया जाएगा, इसके बाद इसे नेटवर्क युवा मनोरंजन चैनल बिंदास पर अगले दिन प्रसारित किया जाएगा। साथ ही प्रत्येक शनिवार यूट्यूब पर एपिसोड को रिलीज किया जाएगा।

बिजनेस स?टैंडर?ड फेसबुक-यूट्यूब की मदद लेगी डिज्नीडिज्नी इंडिया के उपाध्यक्ष एवं राजस्व प्रमुख (मीडिया चैनल) निखिल गांधी ने कहा, 'चरणबद्घ तरीके से रिलीज करने से दो उद्देश्यों की पूर्ति होती है- सबसे अव्वल तो डिजिटल माध्यम पर सामग्री के लोकप्रिय हो जाने की संभावना रहती है, दूसरे बिंदास के टीवी दर्शकों की पहुंच से भी ऐसे कार्यक्रम दूर नहीं रहते हैं। फेसबुक पर हमारे करीब 80 लाख प्रशसंक हैं जो चैनल के लिए अत्यंत महत्त्वपूर्ण हैं। इसलिए उनके साथ जुडऩे से उचित लोगों के समक्ष सामग्री को रिलीज करने में मदद मिलती है और उनमें साझा करने की क्षमता होती है। टीवी पर प्रसारण से सीरीज को उन दर्शकों तक पहुंचाने में मदद मिलती है जो फेसबुक और यूट्यूब पर अधिक सक्रिय नहीं हैं।' टीवी चैनल बिंदास की पहुंच फिलहाल देश के 6 करोड़ घरों तक है।

फेसबुक वीडियो या यूट्यूब का इस्तेमाल करना कोई नई रणनीति नहीं है। अरुणाभ कुमार के द वायरल फीवर (टीवीएफ) ने अपने प्लेटफॉर्म टीवीएफ प्ले की शुरुआत होने से पहले तक अपनी सामग्री का वितरण करने के लिए यूट्यूब का इस्तेमाल किया। दरअसल निर्माताओं का मानना है कि यूट्यूब और फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्मों की पहुंच की वजह से इन पर सामग्री को जारी करना अत्यधिक आकर्षक है। टीवीएफ की दोनों वेब सीरीज टीवीएफ पिचर्स और परमानेंट रूममेट, एमेजॉन आईएमडीबी के सर्वश्रेष्ठï 250 शो में अपनी जगह बनाने में कामयाब रहे और इन्हें शुरुआत में यूट्यूब पर रिलीज किया गया।

डिज्नी ने हाल ही में ब्रिटेन में अपना ओटीटी प्लेटफॉर्म डिज्नी लाइव पेश किया है जो आने वाले समय में भारत में भी आ सकता है। लेकिन नेटवर्क तब तक अपने धारावाहिक और अन्य सामग्री फेसबुक और यूट्यूब जैसे नि:शुल्क प्लेटफॉर्मों पर ही रिलीज करता रहेगा। भारतीय संदर्भ में डिज्नी के पास सामान्य मनोरंजन चैनलों  (जीईसी) के लिहाज से पर्याप्त पहुंच नहीं है जबकि स्टार इंडिया, जी, सोनी और वायकॉम 18 जैसे प्रतिद्वंद्वी इस मामले में आगे हैं। फिलहाल डिज्नी बच्चों के बीच ही लोकप्रिय है-नेटवर्क पर मुख्य रूप से एनिमेशन और लाइव एक्शन सामग्री और फिल्में ही प्रसारित की जाती हैं जो एक स्वतंत्र ओटीटी प्लेटफॉर्म का संचालन करने के लिए पर्याप्त नहीं है। एक अहम बात यह है कि भारतीय बाजार में अन्य नेटवर्क ऑन डिमांड सेवाएं पेश करने के बारे में विचार कर रहे हैं और नेटफ्लिक्स अपनी पकड़ बनाने की कोशिश में है।

बिजनेस स?टैंडर?ड फेसबुक-यूट्यूब की मदद लेगी डिज्नीनेटवर्क टीवी पर प्रसारण के लिए समय चुनने के बारे में अभी भी काम कर रहा है लेकिन निश्चित है कि इसे शाम 6 बजे से रात 8 बजे के बीच ही प्रसारित किया जाएगा क्योंकि माना जा रहा है कि प्राइम टाइम के लिहाज से युवाओं के लिए 7 बजे का समय बहुत ही उपयुक्त होता है। डिजिटल रिलीज का मतलब यह भी होता है कि दर्शनीय और मौखिक सामग्री के लिहाज शो में कुछ अहम निर्णय लिए जा सकते हैं क्योंकि टीवी पर प्रसारण के लिए सेंसर बोर्ड के नियमों का पालन करना होता है। दूसरे शब्दों में 15 मिनट के प्रत्येक एपिसोड को डिजिटल और टेलीविजन दर्शकों की जरूरत के मुताबिक ढाला जा सकता है।

इस सीरीज को ऑटो लुब्रिकेंट कैस्ट्रॉल और ई-कॉमर्स कंपनी ई-बे के रूप में ब्रांड साझेदार भी मिल गए हैं। दोनों ब्रांडों को कथानक में जगह दी गई है। उदाहरण के लिए कहानी में शीर्षक भूमिका को ई-बे में नौकरी करने का मौका मिलता है। गांधी का कहना है कि ब्रांड एकीकरण ऐसे शो के लिए राजस्व मॉडल का हिस्सा है और यह वेब सीरीज विज्ञापनदाताओं के धन से चलने वाला कार्यक्रम नहीं है। साथ आने वाले अन्य ब्रांड डिजिटल विज्ञापन के लिए अलग-अलग जगह तलाशेंगे। नेटवर्क की योजना आने वाले समय में ऐसे कई शो पेश करने की है और अगले छह से 12 महीनों में महत्त्वपूर्ण हिस्सेदारी हासिल करना चाहता है।

Keyword: facebook, youtube, disney,,
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