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संस्कृति पर करें गर्व: नरेंद्र मोदी
एजेंसियां /  March 11, 2016

श्री श्री रविशंकर के 'आर्ट ऑफ लिविंग' (एओएल) के तीन दिवसीय 'विश्व सांस्कृतिक महोत्सव' के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि दुनिया में लोग न सिर्फ अर्थव्यवस्था बल्कि संस्कृति की वजह से भी जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि भारत के पास ऐसी मानवीय विरासत है जिसकी तलाश दुनिया को है और भारत अपनी विविधताओं के साथ दुनिया में काफी योगदान कर सकता है। 
 
उन्होंने कहा, 'हमें अपनी संस्कृति पर गर्व करना चाहिए। अगर हम अपनी ही बुराई करते रहेंगे तो फिर दुनिया हमारी ओर क्यों देखेगी।' मोदी ने कहा कि भारत एक ऐसा देश है जो उपनिषद् से उपग्रह तक और स्व से स्वस्ति तक पहुंचा है। इस कार्यक्रम में करीब 150 देशों के 35 लाख लोग हिस्सा ले रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा विश्व सांस्कृतिक महोत्सव कला और संस्कृति के कुंभ मेले की तरह है। उन्होंने कहा कि तन को डुलाने वाला संगीत तो हर जगह है लेकिन मन को छू लेने वाला संगीत सिर्फ भारत में ही है। उन्होंने कहा कि आर्ट ऑफ लिविंग के जरिये भी दुनिया भारत के बारे में जान रही है। उन्होंने इसका जिक्र करते हुए कहा कि मंगोलिया में 'ऑर्ट ऑफ लिविंग' परिवार ने उनका स्वागत किया था।
 
उन्होंने कहा, 'जब हम औरों के लिए जीते हैं तब हमें आर्ट ऑफ लिविंग की जरूरत होती है। विश्व के सामने भारत की विविधतापूर्ण तस्वीर पेश करने के लिए श्री श्री रविशंकर और कलाकारों को बधाई देता हूं।' उन्होंने कहा कि वह 35 सालों से 150 देशों में इस सेवा अभियान को पूरा करने के लिए श्री श्री रविशंकर को बधाई देते हैं। एओएल के तीन दिवसीय 'विश्व सांस्कृतिक महोत्सव' ने शुक्रवार को आखिरी पल की बाधाएं भी पार कर लीं क्योंकि इस महा-आयोजन को रोकने की कोशिश राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) में विफल हो गई और एनजीटी ने आयोजकों को पांच करोड़ रुपये का 'पर्यावरण जुर्माना' देने के लिए तीन हफ्ते का वक्त दे दिया।
 
एनजीटी को ऐतराज
 
वैसे एओएल फांउडेशन को यह राहत एनजीटी के कड़े बयान के साथ ही मिली। एनजीटी ने यमुना के मैदानों में तीन दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम के सिलसिले में पर्यावरण की क्षतिपूर्ति के तौर पर पांच करोड़ देने से इनकार करने संबंधी श्री श्री रविशंकर के बयान पर आज कड़ा एतराज जताया  एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति स्वतंत्र कुमार की अगुआई वाले पीठ ने कहा, 'जब उनके दर्जे का कोई व्यक्ति ऐसा बयान देता है तो यह कानून के शासन पर एक प्रहार होता है। यदि कोई अधिकरण की छवि पर प्रहार करता है तो कानून का शासन उसके प्रति अपना काम करेगा। अधिकरण को इस आयोजन से संबंधित अपने विवाद का विषय नहीं समझें।'
 
 एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति स्वतंत्र कुमार की अगुवाई वाली पीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि पांच करोड़ रुपये की राशि पर्यावरण क्षतिपूर्ति, न कि जुर्माना समझी जाए। अधिकरण ने एओएल को तत्काल 25 लाख रुपये देने को कहा नहीं तो केंद्र द्वारा उसके लिए मंजूर 2.5 करोड़ रुपये का अनुदान जब्त कर लिया जाएगा। एनजीटी का यह निर्देश तब आया जब फाउंडेशन ने कहा कि वह परमार्थ संगठन है और इतने कम समय में पांच करोड़ रुपये की इतनी भारी राशि जुटाना उसके लिए कठिन है। 
 
एनजीटी ने एओएल को बाकी 4.75 करोड़ रुपये का भुगतान करने के लिए तीन हफ्ते का वक्त दिया। एनजीटी ने अगली सुनवाई की तारीख चार अप्रैल तय की। अधिकरण का आदेश पर्यावरण कार्यकर्ताओं के इस अनुरोध पर आया है कि शुक्रवार से शुरू होकर 13 मार्च तक चलने वाले एओएल के विश्व सांस्कृतिक महोत्सव पर स्थगन लगाया जाए क्योंकि उसने पांच करोड़ रुपये का जुर्माना नहीं दिया है। 
 
बहुस्तरीय सुरक्षा 
 
तीन दिवसीय समारोह के लिए यमुना किनारे बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है और यहां 12 हजार पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। सुरक्षाकर्मियों को सभी 11 पुलिस जिले, सुरक्षा इकाई और पुलिस नियंत्रण कक्ष, विशेष प्रकोष्ठ, विशेष शाखा, यातायात विभाग, अपराध शाखा और आर्थिक अपराध शाखा से बुलाया गया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि समारोह स्थल पर दिल्ली पुलिस के शीर्ष अधिकारी मौजूद हैं और विशेष पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) दीपक मिश्रा ने सुरक्षा बैठक की। 
 
 उन्होंने कहा कि समारोह में प्रधानमंत्री और अन्य अति विशिष्ट  लोगों की मौजूदगी को देखते हुए कई स्तर की सुरक्षा योजना बनाई गई है। वहां प्रधानमंत्री की सुरक्षा विंग में तैनात दिल्ली पुलिस के कर्मी भी मौजूद थे। समारोह के लिए एक बड़ा नियंत्रण कक्ष बनाया गया है जो स्थल पर स्थापित पांच नियंत्रण कक्ष से रिपोर्ट हासिल करेगा और हर नियंत्रण कक्ष को संयुक्त आयुक्त स्तर के अधिकारी के निरीक्षण में रखा गया है। वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'इस समारोह को लेकर सुरक्षा व्यवस्था की सबसे बड़ी चुनौती खतरों की आशंका और आने वाले लोगों की संख्या को लेकर है।' उन्होंने कहा कि समारोह स्थल पर कैमरे लगाए गए हैं ताकि हर कोने पर नजर रखी जा सके। करीब पांच सौ पुलिसकर्मियों को उन होटलों के पास तैनात किया जाएगा जहां हस्तियां ठहरी हुई हैं और दिल्ली यातायात पुलिस ने करीब चार हजार कर्मियों को तैनात किया है। 
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