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बॉन्ड भुगतान में चूका पीएसआईडीसी
कोमल अमित गेरा / चंडीगढ़ February 02, 2016

नकदी संकट से जूझ रही पंजाब सरकार का उपक्रम औद्योगिक विकास निगम (पीएसआईडीसी) बॉन्ड पर भुगतान में चूक कर गया है। पीएसआईडीसी अपने बॉन्ड पर मूलधन और ब्याज के मद में 380 करोड़ रुपये भुगतान करने में नाकाम रहा है।
खुदरा निवेशकों ने इसे कम जोखिम वाला निवेश मानकर अपनी जीवन भर की बचत इस बॉन्ड में निवेश की थी, क्योंकि बॉन्ड पंजाब सरकार द्वारा समर्थित था। अब निवेशकों को पीएसआईडीसी के चंडीगढ़ मुख्यालय में अपने बॉन्ड को भुनाने के लिए पूछताछ करते देखा जा सकता है। करीब 900 से ज्यादा निवेशकों (संस्थागत एवं कॉरपोरेट) ने पीएसआईडीसी बॉन्ड में निवेश किया था। इसमें संस्थागत निवेशकों और कॉरपोरेट ने अच्छा खासा निवेश किया है, जबकि खुदरा निवेशकों की हिस्सेदारी अपेक्षाकृत कम है।
सूत्रों ने बताया कि यह पहला मौका नहीं है जब पीएसआईडीसी ने बॉन्ड की परिपक्वता पर चूक की हो। वर्ष 2012 से ही शेयरधारकों और कर्जदाताओं से रकम वसूली प्रक्रिया में असंगति देखी जा रही है। वित्तीय संकट की वजह से पीएसआईडीसी पिछले तीन साल से बॉन्ड पर ब्याज भुगतान भी सही तरीके से नहीं कर पा रहा है। भारतीय रिजर्व बैंक ने भी पिछले साल पीएसआईडीसी को नोटिस भेजकर पूछा था कि क्यों नहीं उसके एनबीएफसी को रद्द कर दिया जाए? पीएसआईडीसी ने इससे पहले जारी 270 करोड़ रुपये के बॉन्ड भुगतान में चूक की थी।
पीएसआईडीसी के एक वरिष्ठï अधिकारी ने बताया कि कॉरपोरेशन पर कुल 400 करोड़ रुपये की देनदारी है, जिसमें इसमें मूलधन और ब्याज भी शामिल है। राज्य सरकार के स्वामित्व वाले कॉरपोरेशन ने परियोजनाओं के शुरू नहीं होने की वजह से वित्तीय गारंटर के तौर पर पेनल्टी मद में भी बैंकों को 100 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। पीएसआईडीसी ने 2001 से 2013 के दौरान 15 निर्गम जारी किए थे और इससे 610.92 करोड़ रुपये की रकम जुटाई थी।
उन्होंने कहा कि अगर पुनर्भुगतान के नियम एवं शर्तों को कड़ाई से पालन किया जाए तो भुगतान में चूक पर पीएसआईडीसी 20,000 करोड़ रुपये तक वसूल सकती है। सूत्रों के मुताबिक पंजाब के कई प्रमुख उद्योगपतियों और राजनेताओं ने पीएसआईडीसी से कर्ज लिया है। लेकिन लंबे समय से कर्ज की वापसी नहीं होने से पीएसआईडीसी की हालत खस्ता है।
पीएसआईडीसी के प्रबंध निदेशक एस आर लाठर ने कहा, 'हमने दिसंबर 2015 में घोषणा की थी कि एकमुश्त निपटान योजना के तहत निगम से कर्ज लेने वाले अपने बकाये का भुगतान 10 फीसदी ब्याज के साथ कर सकते हैं।'

Keyword: Punjab, bonds, PSIDC,
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