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स्टार्टअप के लिए विदेशी पूंजी तक आसान पहुंच का प्रस्ताव
बीएस संवाददाता / मुंबई February 02, 2016

भारतीय रिजर्व बैंक ने मौद्रिक नीति समीक्षा में स्टार्टअप के लिए कारोबार आसान बनाने की खातिर कदम उठाने का प्रस्ताव किया है। इसके तहत वह विदेशी पूंजी तक उनकी आसान पहुंच बनाएगा और मालिकाना हक के हस्तांतरण को भी आसान बनाएगा। आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन ने कहा कि केंद्रीय बैंक प्रक्रिया को आसान बनाएगा और विदेशी उद्यम पूंजी हासिल करने के लिए ढांचा बनाएगा।
राजन ने कहा, विदेश से पूंजी जुटाना आसान बनाने के लिए हम स्टार्टअप की प्रक्रिया को समर्थन दे रहे हैं, साथ ही नियामक के पास अनुपालन के मामले का सरलीकरण भी कर रहे हैं, जिसमें ऑनलाइन फॉर्म उपलब्ध कराना शामिल है ताकि उन्हें आसानी हो।
आज घोषित नीति में सीमापार लेनदेन को आसान बनाने के लिए आरबीआई ने (भारत सरकार के साथ बातचीत के बाद) प्रस्ताव किया है कि स्टार्टअप एंटरप्राइजेज के मालिकाना हक के हस्तांतरण के मामले में इससे मिलने वाली रकम के लिए अलग-अलग शर्तें रखी जा सकती है। साथ ही 18 महीने के लिए एस्क्रो प्रबंधन या क्षतिपूर्ति की व्यवस्था का प्रस्ताव रखा है।
इसके अलावा आरबीआई ने भारत सरकार से बातचीत के बाद कुछ और प्रस्ताव रखा है, जिनमें वाह्य वाणिज्यिक उधारी के ढांचे के तहत रुपये वाले कर्ज तक स्टार्टअप एंटरप्राइजेज को पहुंचने की अनुमति देना शामिल है, जो अर्हता प्राप्त लेनदार के संबंध में छूट के साथ होगी। साथ ही वह नवोन्मेष वाली एफडीआई प्रतिभूतियों मसलन स्टार्टअप एंटरप्राइजेज की तरफ से कनवर्टिबल नोट्स पर भी विचार कर रहा है। इसके अलावा आरबीआई इससे जुड़े कुछ और प्रस्तावों पर विचार कर रहा है।
ग्रांट थॉर्नटन इंडिया एलएलपी के पार्टनर हरीश एचवी ने कहा, ये पूरी तरह से कारोबार को आसान करने वाले प्रस्ताव हैं और इससे स्टार्टअप को अपना परिचालन, रकम जुटाने के काम और संबंधित पहलू में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा, वादे के मुताबिक हम कनवर्टिबल नोट्स के मामले में छूट की उम्मीद कर रहे हैं। रिजर्व बैंक ने कहा कि हमारा लक्ष्य विभिन्न क्षेत्रों के स्टार्टअप को विदेशी उद्यम पूंजी निवेश हासिल करने में सक्षम बनाने का है।

Keyword: RBI, monetary policy, Start-up,
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