बिजनेस स्टैंडर्ड - वेदांत का शुद्ध मुनाफा 99 फीसदी घटा
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वेदांत का शुद्ध मुनाफा 99 फीसदी घटा
बीएस संवाददाता/एजेंसियां / नई दिल्ली/मुंबई January 28, 2016

प्राकृतिक संसाधन के क्षेत्र में विविध कारोबार करने वाली कंपनी वेदांत लिमिटेड का शुद्ध मुनाफा दिसंबर 2015 तिमाही में 99 फीसदी घटकर 18 करोड़ रुपये रह गया। धातु और कच्चे तेल कीमतों में नरमी से कंपनी की प्राप्तियों पर असर पड़ा। तिमाही के दौरान अनिल अग्रवाल की अगुवाई वाली इस कंपनी की शुद्ध बिक्री 14,801 करोड़ रुपये रही जो पिछले साल की समान अवधि में लौह अयस्क और बिजली को छोड़कर सभी कारोबारी इकाइयों से हुई आमदनी के मुकाबले 23 फीसदी कम है। ब्लूमबर्ग के आकलन के अनुसार कंपनी की शुद्ध बिक्री 14,486 करोड़ रुपये हो सकती थी जबकि मुनाफे के बजाय घाटे का अनुमान लगाया गया था। तिमाही के दौरान लागत नियंत्रित करने के लिए कंपनी की तमाम कोशिशों के बावजूद एबिटा मार्जिन घटकर 26 फीसदी रहा जो पिछले साल की समान अवधि में 43 फीसदी रहा था। वेदांत समूह के मुख्य कार्याधिकारी टॉम अल्बानीस ने कहा, 'लागत घटाने संबंधी हमारे सभी प्रयासों की झलक इस तिमाही की आय में नहीं दिखी लेकिन मुझे विश्वास है कि जनवरी से मार्च तिमाही में उसका बेहतर असर दिखेगा।' तिमाही के दौरान वेदांत का कुल व्यय 12 फीसदी घटकर 13,541 करोड़ रुपये रह गया। अल्बनीज ने कहा, 'जिंस कीमतों में नरमी के माहौल में हम अपने परिचालन को अधिकाधिक इस्तेमाल और बहीखाते को बचाने के लिए अधिक सक्रिय भूमिका को लेकर प्रतिबद्ध रहे।' उन्होंने कंपरी के लागत एवं खर्च के सकारात्मक परिणामों पर खुशी जताई है। कंपनी ने कहा है कि तेल व धातु कीमतों में नरमी के चलते सालाना आधार पर उसका कारोबार कम रहा। 31 दिसंबर 2015 तक कंपनी का सकल ऋण 80,952 करोड़ रुपये और शुद्ध ऋण 30,267 करोड़ रुपये रहा।

ग्लेनमार्क का शुद्ध लाभ 48 फीसदी बढ़ा
औषधि कंपनी ग्लेनमार्क का शुद्ध लाभ चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में 48 फीसदी बढ़कर 170 करोड़ रुपये हो गया जो बाजार की उम्मीद से कम है। यूरोप में कमजोर बिक्री और रूस एवं लैटिन अमेरिका में मुद्रा अवमूल्यन से कंपनी का कारोबार प्रभावित हुआ। पिछले साल की समान अवधि में कंपनी ने 114 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया था। तिमाही के दौरान घरेलू और अमेरिकी कारोबार बढऩे से कंपनी का राजस्व 4.5 फीसदी बढ़कर 1,778 करोड़ रुपये हो गया। हालांकि कुल बिक्री के मोर्चे पर भी कंपनी का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। ब्रोकरेज फर्मों ने कंपनी की कुल बिक्री में 8 से 12 फीसदी वृद्धि का अनुमान लगाया था।

डाबर का शुद्ध मुनाफा 12.64 फीसदी बढ़ा
प्रमुख एफएमसीजी कंपनी डाबर का एकीकृत शुद्ध मुनाफा 31 दिसंबर को समाप्त तिमाही में 12.64 फीसदी बढ़कर 318.54 करोड़ रुपये हो गया जिसका कारण उसके उपभोक्ता देखभाल व्यवसाय में वृद्धि होना है। कंपनी को पिछले साल की समान अवधि में 282.78 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ था। कंपनी ने कहा कि तिमाही के दौरान उसकी शुद्ध बिक्री 2.35 फीसदी बढ़कर 2,122.43 करोड़ रुपये हो गई जो पिछले साल की समान अवधि में 2,073.73 करोड़ रुपये रही थी। डाबर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुनील दुग्गल ने कहा, 'कुल मांग का माहौल तीसरी तिमाही में सुस्त रहा जहां कुछ खंडों में गिरावट देखी गई जबकि प्रतिस्पर्धी तीव्रता अधिक रही।'

इमाकी का शुद्ध लाभ 27 फीसदी घटा
प्रमुख एफएमसीजी कंपरी इमामी लिमिटेड का 31 दिसंबर को समाप्त तीसरी तिमाही में शुद्ध एकीकृत मुनाफा 27 फीसदी घटकर 134 करोड़ रुपये रह गया जो पिछले साल की समान तिमाही में 184 करोड़ रुपये रहा था। तिमाही के दौरान केश किंग के ऋणमुक्त होने से मुनाफा और बिक्री दोनों को बल मिला। कंपनी ने कहा कि तिमाही के दौरान उसकी शुद्ध आय 14 फीसदी बढ़कर 789 करोड़ रुपये हो गई जो पिछले साल की समान अवधि में 692 करोड़ रुपये रही थी।

टाटा कॉफी का शुद्ध मुनाफा बढ़ा
टाटा कॉफी का मुनाफा दिसंबर में समाप्त तीसरी तिमाही के दौरान 66 फीसदी बढ़कर 30.5 करोड़ रुपये हो गया जो पिछले साल की समान अवधि में 18.3 करोड़ रुपये रहा था। टाटा कॉफी ने बीएसई को बताया कि टाटा कॉफी की आय 9 फीसदी बढ़कर 439.4 करोड़ रुपये हो गई जो पिछले साल की इसी अवधि में 403 करोड़ रुपये थी। समीक्षाधीन अवधि में कंपनी का कुल व्यय 383.5 करोड़ रुपये रहा जो पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 3.9 फीसदी अधिक था।

सिंडिकेट बैंक को हुआ घाटा
सिंडिकेट बैंक को 31 दिसंबर 2015 को समाप्त तिमाही में 119.67 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ। बैंक को विलंबित कर के लिए प्रावधान के चलते आलोच्य तिमाही में यह घाटा हुआ। सार्वजनिक क्षेत्र के इस बैंक ने पिछले साल की समान तिमाही में 304.99 करोड़ रुपये का श्ुाद्ध लाभ हुआ था। बैंक ने बीएसई को सूचित किया है कि आलोच्य तिमाही में उसकी कुल आय 6,188.25 करोड़ रुपये रही जो कि एक साल पहले की तिमाही में 5,921.58 करोड़ रुपये रही थी। आलोच्य तिमाही में बैंक की सकल गैर निष्पादित आस्तियां (एनपीए) या खराब ऋण बढ़कर 4.61 फीसदी हो गया। बीएसई पर बैंक का शेयर आज 5.13 फीसदी टूटकर 70.25 रुपये पर बंद हुआ।

एस्सार की स्टैनलो रिफाइनरी को मुनाफा
स्टैनलो रिफाइनरी का स्वामित्व और परिचालन करने वाली रुइया प्रवर्तित एस्सार ऑयल (यूके) लिमिटेड ने कहा है कि उसका सकल राजस्व दिसंबर 2015 में समाप्त पहले नौ महीने के दौरान 35 फसदी घटकर 404.1 करोड़ डॉलर रह गया जो पिछले साल की समान अवधि में 625.7 करोड़ डॉलर था। कच्चे तेल में नरमी के कारण कंपनी का प्रदर्शन प्रभावित हुआ। पहले नौ महीने के दौरान कंपनी की एबिटा 30.4 करोड़ डॉलर रहा जो पिछले साल की समान अवधि में 12.67 करोड़ डॉलर रहा था।

जस्टडायल का शुद्ध मुनाफा घटा
स्थानीय सर्च ईंजन जस्टडायल का मुनाफा दिसंबर में समाप्त तीसरी तिमाही के दौरान 16 फीसदी घटकर 27 करोड़ रुपये रह गया जो पिछले साल की समान तिमाही में 32 करोड़ रुपये रहा था। इस दौरान कंपनी की कुल आय 10.95 फीसदी बढ़कर 171.3 करोड़ रुपये हो गई जो पिछले साल की इसी अवधि में 154.4 करोड़ रुपये रही थी। कंपनी का कुल व्यय 28.60 फीसदी बढ़कर 142 करोड़ रुपये हो गया।

भारती एयरटेल की शुद्ध आय 22 फीसदी घटी
निजी क्षेत्र की देश की सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी भारती एयरटेल की शुद्ध आय दिसंबर 2015 में समाप्त तिमाही के दौरान 22 फीसदी घटकर 1,117 करोड़ रुपये रह गई जो पिछले साल की समान तिमाही में 1,436 करोड़ रुपये रही थी।
अधिक ब्याज लागत और स्पेक्ट्रम के लिए भुगतान करने से कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन प्रभावित हुआ। तिमाही के दौरान कंपनी की शुद्ध ब्याज लागत 176 फीसदी बढ़कर 1,360 करोड़ रुपये हो गई जो पिछले साल की समान अवधि में 492 करोड़ रुपये रही थी। दूरसंचार उद्योग में तगड़ी प्रतिस्पर्धा के कारण कंपनी के वॉयस कारोबार पर दबाव बरकरार रहा जबकि डेटा कारोबार में वृद्धि दर्ज की गई। तिमाही के दौरान कुल राजस्व में गैर-वॉयस कारोबार से प्राप्त राजस्व की हिस्सेदारी 36.7 फीसदी रही जो पिछले साल की समान अवधि में 30.8 फीसदी रही थी। जबकि समेकित राजस्व 3.7 फीसदी बढ़कर 24,066 करोड़ रुपये हो गया जो एक साल पहले की समान अवधि में 23,217 करोड़ रुपये रहा था।
तिमाही के दौरान कंपनी का समेकित डेटा राजस्व 44 फीसदी बढ़कर 4,135 करोड़ रुपये हो गया। घरेलू बाजार में मोबाइल डेटा राजस्व 50.6 फीसदी बढ़कर 3,184 करोड़ रुपये हो गया। तिमाही के दौरान कंपनी प्रति उपयोगकर्ता औसत राजस्व (एआरपीयू) 5 फीसदी घटकर 192 रुपये रह गया। जबकि वॉयस एआरपीयू 13 फीसदी घटकर 137 रुपये और डेटा एआरपीयू 18 फीसदी बढ़कर 200 रुपये हो गया।     बीएस

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