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बेहद गरीब परिवार से निकले नाबालिग अपराधी
दीपक पटेल /  December 22, 2015

देश में 18 साल से कम उम्र के नाबालिगों के जघन्य अपराधों के लिए सख्त कानून पर आखिरकार संसद की मुहर लग गई है। इस बीच सरकारी आंकड़ों की मानें तो पिछले तीन सालों यानी 2012, 2013 और 2014 में पुलिस ने जिन करीब 80 फीसदी नाबालिग अपराधियों को पकड़ा है, उनका ताल्लुक ऐसे परिवारों से है जिनकी सालाना आमदनी 50 हजार रुपये या इससे कम है। 

 
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक पिछले तीन सालों में पकड़े गए नाबालिग अपराधियों में से लगभग आधों के परिवार की सालाना आमदनी महज 25 हजार रुपये है। करीब 0.007 फीसदी नाबालिग उन परिवारों से आते हैं जिनकी पारिवारिक आमदनी 3 लाख रुपये या इससे ऊपर है। भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और विशेष तथा स्थानीय कानून (एसएलएल) के अंतर्गत विभिन्न संज्ञेय अपराधों के लिए वर्ष 2012, 2013 और 2014 में क्रमश: 39,822, 43, 506 और 48,230 नाबालिग पकड़े गए। पकड़े गए कुल नाबालिगों में से क्रमश: 31,409, 33,745 और 37,622 नाबालिगों का ताल्लुक ऐसे परिवार से था जिनकी सालाना आमदनी 50,000 रुपये या इससे कम थी। सरकार ने संसद में एक सवाल के जवाब में ये आंकड़े पेश किए। 
 
इन आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि देश में नाबालिगों द्वारा किए जाने वाले अपराध में तेजी आई है। सिर्फ दिल्ली में ही पिछले साल सरकार ने 2547 नाबालिग पकड़े जबकि 2012 में 1572 नाबालिगों को हिरासत में ले जाया गया था। इस तरह इसमें 62 फीसदी की तेजी दिखती है। दिल्ली में गिरफ्तार 2547 नाबालिगों में से 12,52 का ताल्लुक ऐसे परिवारों से है जिनकी आमदनी 25000 रुपये से कम है। पिछले साल मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा क्रमश: 7802 और 7228 नाबालिग पकड़े गए। बिहार में पिछले साल पकड़े गए नाबालिगों की तादाद में 204 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई जो वर्ष 2013 के 2104 से बढ़कर 2014 में 6404 हो गई। 
Keyword: adult, law, nirbhaya, rape case,,
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