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'देश की संपन्नता के लिए बैंक में रखें सोना'
बीएस संवाददाता /  October 25, 2015

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को घोषणा की कि धनतेरस से पहले सरकार स्वर्ण मुद्रीकरण योजना शुरू करेगी। अपने मासिक रेडियो प्रसारण 'मन की बात' में प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि शांति, सौहार्द और एकता देश की तरक्की की बुनियाद हैं और भारत की विविधता ही इसका गौरव है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 2015-16 के केंद्रीय बजट में भी स्वर्ण मुद्रीकरण योजना की घोषणा की थी। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह योजना धनतेरस के त्योहार से पहले प्रभावी होगी जो इस साल 9 नवंबर को मनाई जाएगी। धनतेरस में सोना खरीदना शुभ माना जाता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में सोना परंपरागत रूप से आर्थिक सुरक्षा का एक उपकरण माना जाता है। मोदी का कहना है, 'यह सही नहीं है कि सोने को एक मृत संपत्ति के तौर पर रखा जाए।' उनका कहना है कि घरों में रखा गया सोना देश की आर्थिक संपन्नता का एक स्रोत हो सकता है। उन्होंने लोगों से यह अपील की है कि वे स्वर्ण मुद्रीकरण योजना के तहत सोने को बैंक में रखें। प्रधानमंत्री ने कहा, 'लोग बैंक लॉकर में अपना सोना रखते हैं और उसका किराया भरते हैं। अब वे बैंक में रखे गए सोने पर न केवल ब्याज पा सकेंगे बल्कि वे उसकी सुरक्षा को लेकर भी आश्वस्त हो सकते हैं।' उन्होंने लोगों से यह भी अपील की कि वे अपने घरों में सोना नहीं रखें बल्कि वे उसे बैंकों में जमा कराएं ताकि यह 'मृत पूंजी' के बजाय 'जीवंत' जरिया बने। प्रधानमंत्री ने यह भी अपील की कि वास्तविक सोने के बजाय लोगों को सॉवरिन गोल्ड बॉन्ड खरीदना चाहिए। उन्होंने यह घोषणा की कि सरकार पांच और 10 ग्राम वजन वाले 'इंडिया गोल्ड कॉइन' जारी करेगी जिस पर अशोक चक्र बना होगा।

भ्रष्टाचार पर रोक

प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी घोषणा की कि केंद्र सरकार के ग्रुप बी, ग्रुप सी और ग्रुप डी के अराजपत्रित पदों पर नियुक्ति के लिए एक जनवरी 2016 से साक्षात्कार नहीं होगा। प्रधानमंत्री ने इस साल स्वतंत्रता दिवस के संबोधन के दौरान पहली बार इसकी घोषणा की थी। उनका कहना है कि इस कदम से भ्रष्टाचार को जड़ से उखाड़ा जा सकेगा और इन पदों पर की जाने वाली भर्तियों में बिचौलियों और दलालों को खत्म किया जा सकेगा।

उन्होंने कहा, 'मैं आज गर्व से कहना चाहता हूं कि सरकार ने सारी प्रक्रियाएं पूरी कर ली हैं और केंद्र सरकार के ग्रुप डी, ग्रुप सी और ग्रुप बी के गैर राजपत्रित पदों में अब भर्ती के लिए साक्षात्कार नहीं होगा। एक जनवरी, 2016 से यह लागू हो जाएगा।' मोदी ने कहा, 'लोगों को रोजगार दिलाने के नाम पर लूटा जा रहा था। यह बात अक्सर मेरे दिमाग में आती थी कि आखिर छोटी नौकरियों के लिए साक्षात्कार की क्या जरूरत है। मैंने किसी मनोवैज्ञानिक से भी यह बात नहीं सुनी है कि वह किसी व्यक्ति का मूल्यांकन एक-दो मिनट के साक्षात्कार के दौरान कर सकता है।' कार्मिक मंत्री जितेंद्र सिंह ने सभी मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर उन पदों की पहचान करने को कहा है जिन्हें साक्षात्कार से छूट दी जा सकती है।

विविधता में एकता

प्रधानमंत्री मोदी ने देश में हाल की सांप्रदायिक और जातीय हिंसा से जुड़ी घटनाओं का हवाला सीधे तौर पर दिए बगैर कहा कि धार्मिक और जातीय विविधता ही भारत की खासियत है और एकता का मंत्र हमारे सोच, व्यवहार और अभिव्यक्ति का माध्यम होना चाहिए। मोदी ने कहा कि 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर 'राष्ट्रीय एकता दिवस' मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पटेल ने भारत की एकता के लिए बड़ा योगदान दिया है। उन्होंने कहा, 'हम सरदार पटेल को श्रद्धांजलि देंगे लेकिन भारत को एक करने के उनके सपने और भौगोलिक रूप से देश को एक करने के कार्य के मद्देनजर एकता का मंत्र निरंतर हमारे चिंतन, व्यवहार और अभिव्यक्ति का माध्यम होना चाहिए।'

अपने 32 मिनट लंबे रेडियो प्रसारण में प्रधानमंत्री ने कहा, 'भारत विविधताओं से भरा हुआ है। अनेक पंथ, अनेक संप्रदाय, अनेक बोलियां, अनेक जातियां, अनेक परिवेश के साथ विविधताओं से भरा हुआ अपना भारत देश। यह विविधता ही है जिसके कारण हमारी शोभा है। यह विविधता न होती तो शायद जिस शोभा के लिए हम गर्व करते हैं वो नहीं कर पाते और इसलिए विविधता ही एकता का मंत्र है। शांति, सद्भावना और एकता विकास की जड़ी बूटी हैं।'

अंगदान जरूरी

अंगदान को एक उत्सव का दर्जा देने का देशवासियों का आह्वान करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इस समय जितने प्रतिरोपण की जरूरत है उसके मुकाबले अंगदान बहुत कम हो रहा है। उन्होंने कहा, 'यह विषय काफी महत्त्वपूर्ण है। देश में प्रति वर्ष ढाई लाख से भी अधिक गुर्दा, हृदय और यकृत प्रत्यारोपण की जरूरत है। लेकिन सवा सौ करोड़ के देश में हम सिर्फ पांच हजार प्रत्यारोपण को ही सफल कर पाते हैं।'  मोदी ने कहा, 'हर साल एक लाख आंखों को रोशनी की जरूरत होती है और हम सिर्फ पच्चीस हजार तक पहुंच पाते हैं। चार आंखों की जरूरत है लेकिन हम सिर्फ एक दे पाते हैं।

सड़क दुर्घटना में मौत होने पर शरीर के अंग का दान किया जा सकता है। कुछ कानूनी उलझनें भी हैं। राज्यों को भी इस दिशा में मार्गदर्शन देने की कोशिश हुई है।' उन्होंने मीडिया समूहों को 'स्वच्छ भारत अभियान' का समर्थन करने के लिए बधाई दी। प्रधानमंत्री ने तीसरे भारत-अफ्रीका शिखर सम्मेलन के महत्व के बारे में भी बात की जिसका आयोजन नई दिल्ली में 26 से 29 अक्टूबर तक हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह न केवल अफ्रीका के बाहर अफ्रीका का सबसे बड़ा सम्मेलन होगा बल्कि यह दोनों देशों की जनता के बीच संपर्क के स्तर को और आगे ले जाएगा।

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