बिजनेस स्टैंडर्ड - उप्र: पेट्रोल-डीजल पर कर बढ़ाने की तैयारी
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Monday, December 06, 2021 02:14 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम जिंस खबर

उप्र: पेट्रोल-डीजल पर कर बढ़ाने की तैयारी
सिध्दार्थ कलहंस / लखनऊ December 07, 2008
पेट्रोल और डीजल के दामों में कटौती पर आम जनता भले ही खुश हो पर उत्तर प्रदेश सरकार के लिए मुसीबतें बढ़ गयी हैं।
राज्य सरकार ने अभी पेट्रोलियम उत्पादों के दामों पर करों को संशोधित करने के बारे में कोई फैसला नही लिया है पर जल्दी ही इस बारे में अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

जैसी की आशा की जा रही है राज्य सरकार पेट्रोल और डीजल पर वाणिज्य कर बढ़ाकर जनता की खुशी को कम कर सकती है।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश सरकार पहले से ही धन की कमी का सामना कर रही है और कर्मचारियों के लिए छठा वेतनमान लागू करने के बाद तो मुसीबतें और बढ़ गयी हैं।

साथ ही राज्य सरकार को कई विकास योजनाओं के लिए भी धन की जरुरत है जिसके लिए कल ही सरकार ने 1000 करोड़ रुपये के बांड जारी करने का फैसला किया था।

अधिकारियों के अनुसार पेट्रोल और डीजल के दामों में कटौती से राज्य सरकार पर हर महीने करीब 25 करोड़ रुपये और सालाना 300 करोड़ रुपये का घाटा होगा जिसकी भरपाई की जुगत लगायी जा रही है।

उत्तर प्रदेश सरकार का वित्तीय वर्ष 2008-09 में पेट्रोल और डीजल पर टैक्स के जरिए 7200 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाने का लक्ष्य है जो कि दामों में कटौती से प्रभावित हो रहा है।

गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने जब शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल के दामों में क्रमश 5 और 2 रुपये की कटौती की घोषणा की थी उसके बाद इन उत्पादों की सबसे ज्यादा कीमत उत्तर प्रदेश में ही घटी हैं।

प्रदेश में अब पेट्रोल 5.15 रुपये और डीजल 2.06 रुपये सस्ता हो गया है। राज्य सरकार के अधिकारियों के अनुसार विगत जून में केंद्र सरकार ने पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस के दाम बढ़ाए थे तो जनता को राहत देने के लिए माया सरकार ने वाणिज्य कर में छूट दी थी।

इस कदम से पहले से ही राज्य सरकार को 450 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा था अब इसमे 300 करोड़ रुपये का और इजाफा हो गया है।

राजस्व प्राप्ति में कमी से चिंतित राज्य सरकार कई और राज्यों से पेट्रोलियम उत्पादों पर वसूले जाने वाले करों के बारे में आंकड़े मंगा रही है।

सरकारी  अधिकारियों की मानें तो आंकड़ों के अध्ययन के बाद वाणिज्य कर में दी गयी छूट  को या तो वापस लिया जाएगा या फिर इसे कम किया जाएगा।

गौरतलब है कि राज्य सरकार का इस वित्तीय वर्ष में 22,000 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाने का लक्ष्य है जिसके अभी तक पूरा होने के आसार नही दिख रहे हैं।

इस साल की पहली छमाही में में राजस्व वसूली में 1200 करोड़ रुपए की कमी आयी थी। जिसके बाद खुद प्रदेश के चीफ सेक्रेटरी ने इस विभाग की मानिटरिंग करना शुरु कर दिया है।

इसके सकारात्मक नतीजे सामने आए हैं और बीते साल के मुकाबले इस साल नवंबर में अधिक राजस्व की प्राप्ति हुयी है।
Keyword: more taxes on petrol diesel will soon take place in utter pradesh,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या देश में कोविड टीके की बूस्टर खुराक लगाई जाएं?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.