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स्वर्ण मुद्रीकरण और बॉन्ड योजनाएं अगले महीने
भाषा / नई दिल्ली October 05, 2015

सरकार अगले महीने दो स्वर्ण योजनाएं स्वर्ण मुद्रीकरण और सॉवरिन स्वर्ण बॉन्ड योजना पेश करेगी। पीली धातु की मांग पर अंकुश और इसके आयात पर नियंत्रण के इरादे से ये योजनाएं लाई जा रही हैं। आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास ने आज नई दिल्ली में संवाददाताओं से कहा, 'दो योजनाएं हैं-मुद्रीकरण और सॉवरिन गोल्ड बॉन्ड। हम इनके ब्योरे पर काम कर रहे हैंं। हमारी रिजर्व बैंक के साथ बैठकें हुई हैं। दोनों योजनाएं नवंबर में शुरू की जाएंगी।' दास ने कहा कि सरकार जल्द अशोक चक्र के चिह्नï वाले सोने के सिक्के जारी करेगी, जिससे आयातित सिक्कों की मांग पर अंकुश लगाया जा सकेगा। उन्होंने कहा, 'एमएमटीसी द्वारा इस दिशा में पहले ही कार्रवाई की गई है और तारीख की घोषणा जल्द होगी। जल्द इसे जारी किया जाएगा।' वित्त मंत्री अरुण जेटली ने अपने बजट भाषण में सोने के सिक्के जारी करने की घोषणा की थी। सोने के आयात को हतोत्साहित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पिछले महीने दोनों योजनाओं को मंजूरी दी थी। 
 
स्वर्ण मुद्रीकरण योजना के तहत किसी भी रूप में सोना एक से 15 साल की अवधि के लिए बैंक में जमा कराया जा सकेगा। इस पर ब्याज मिलेगा। परिपक्वता अवधि पूरी होने पर इसकी निकासी उस समय के मूल्य पर की जा सकेगी। सॉवरिन गोल्ड बॉन्ड योजना के तहत लोग पीली धातु की खरीद निवेश के रूप में कर सकेंगे। इस तरह के बॉन्ड 5 ग्राम, 10 ग्राम, 50 ग्राम और 100 ग्राम में पांच से सात साल के लिए जारी किए जाएंगे। ब्याज दर की गणना निवेश के समय धातु के मूल्य के हिसाब से की जाएगी। इसमें हालांकि, किसी व्यक्ति द्वारा एक साल में 500 ग्राम खरीद तक की सीमा होगी। इस तरह के बॉन्डों की पेशकश केवल भारतीय नागरिकों और संस्थानों को की जाएगी। प्रतिभूतियों का एक्सचेंजों में कारोबार होगा, जिससे निवेशकों को पहले निकलने की सुविधा मिलेगी। सरकार को चालू वित्त वर्ष में स्वर्ण बॉन्ड से 15,000 करोड़ रुपये जुटने की उम्मीद है। भारत हर साल करीब 1,000 टन सोने का आयात करता है और इसका चालू खाते के घाटे पर प्रतिकूल असर पड़ता है। इसके अलावा आयातित सोने के 30 फीसदी का इस्तेमाल परिवारों की बचत के रूप में होता है। स्वर्ण मुद्रीकरण योजना के तहत सरकार को उम्मीद है कि देश की आयात पर निर्भरता घटेगी। 
Keyword: gold bond, market,,
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