बिजनेस स्टैंडर्ड - प्रीमियम कार बाजार में रफ्तार पकडऩे की मारुति की चाह
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Tuesday, August 09, 2022 03:32 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम विशेष खबर

प्रीमियम कार बाजार में रफ्तार पकडऩे की मारुति की चाह
कारोबारी मंत्र
भूपेश भन्डारी /  August 18, 2015

देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजूकी के प्रीमियम शोरूम नेक्सा को लेकर विश्लेषकों ने सकारात्मक रुख दिखाया है। यह पहल कंपनी को 7 लाख रुपये से ऊपर मूल्य वाली कारों के बाजार में अपनी पकड़ बनाने का अवसर देगी जिसमें कंपनी पिछले कुछ प्रयासों के दौरान विफल रही है। इन शोरूम की सजधज और वहां का माहौल कुछ अलग ही होगा। वहां सेल्समैन की जगह पर 'रिलेशनशिप मैनेजर' होंगे जो बिक्री के बाद भी ग्राहकों के संपर्क में रहेंगे। नेक्सा में जिन कारों को बिक्री के लिए रखा जाएगा वे मारुति सुजूकी के अन्य डीलरों के यहां उपलब्ध नहीं होंगी। मारुति सुजूकी निर्विवाद रूप से देश के कार बाजार की अग्रणी कंपनी है और वह देश के 40 फीसदी कार बाजार पर काबिज है। लेकिन अब जबकि खरीदार महंगी कारों की ओर रुख कर रहे हैं तो कंपनी को अपनी छवि की चिंता सता रही है। कंपनी को देखरेख में आसान और ईंधन बचाने वाली कार निर्माता के रूप में देखा जाता है।

सस्ती कारों के क्षेत्र में प्रवेश के लिए तो यह अहम है लेकिन प्रीमियम ग्राहक को इससे बहुत लेनादेना नहीं होता क्योंकि वह कार को अपनी जीवनशैली की झलक देने वाले उत्पाद के रूप में देखता है। देश के लोगों में बड़ी और फीचर वाली कारों को लेकर बढ़ता रुझान यही बताता है। क्रॉसओवर और स्पोट्र्स यूटिलिटी कार की बढ़ी लोकप्रियता इसका संकेत देती है। यह देखना सुखद है कि कंपनी दूरगामी सोच को अपना रही है। ऐसी कंपनियां कम ही होंगी जो बाजार पर इतनी अच्छी पकड़ के बाद अपने सफल फॉर्मूले में बदलाव करेंगी। मारुति को इसका पूरा श्रेय दिया जाना चाहिए। मेरा मानना है कि मारुति ने खुद को एक खांचे में समेट लिया था।

याद कीजिए कंपनी का 'कितना देती है अभियान?' कंपनी ईंधन किफायत को लेकर देश के सोच को भुना रही थी। उक्त सोच चाहे जितना रचनात्मक रहा हो लेकिन इसने कंपनी को ईंधन की किफायत वाली कारें बनाने वाली कंपनी के रूप में विख्यात कर दिया। परंतु जब तक यह विज्ञापन बाजार में आया, बड़ी कारों ने बाजार में हिस्सेदारी शुरू कर दी थी। ऐसे में मारुति का ईंधन की कम खपत को अपनी प्रमुख खूबी बनाकर पेश करना सही रणनीति नहीं थी। एक वक्त था जब यह अभियान सफल हो सकता था लेकिन वह समय काफी पीछे छूट चुका। याद कीजिए हीरो होंडा का वह अभियान जो कहता था, 'फिल इट, शट इट ऐंड फॉरगेट इट।' शुरुआती सालों में इसने जादू का असर किया लेकिन कुछ समय बाद यह फीका पड़ गया। कंपनी को अब हीरो मोटरकॉर्प के नाम से जाना जाता है और उसने इस विज्ञापन को तिलांजलि दे दी।

वास्तव में अब कोई भी दोपहिया वाहन निर्माता कंपनी इस बात पर जोर नहीं दे रही। खरीदार अब आगे बढ़ गए हैं और किसी भी ब्रांड के लिए अपनी छवि बनाना बहुत अहम हो चला है। खरीदार नित नए-नए बदलावों पर नजर रखते हैं। यही वजह है बजाज ऑटो ने कई साल पहले अपनी लोकप्रिय टैगलाइन 'हमारा बजाज' का प्रयोग बंद कर दिया। क्योंकि यह एक तरह की पुरानी छवि पेश करता था जो आज के जमाने में आत्मघाती साबित हो सकती थी। मारुति सुजूकी का प्रीमियम बाजार की ओर रुख स्वागतयोग्य है लेकिन राह आसान नहीं है। हमें ऐसे उदाहरण बहुत अधिक नहीं दिखते जहां व्यापक आधार वाले ब्रांडों ने प्रीमियम होने की कवायद की हो। टोयोटा इस बदलाव में सफल रही है लेकिन उसने इसके लिए लेक्सस नाम से एक नया ब्रांड बनाया।

देसी मोबाइल फोन निर्माता कंपनी माइक्रोमैक्स ने भी यू शृंखला वाले फोनों के साथ यही करने का प्रयास किया है। समझदारी तो यही कहती है मारुति सुजूकी को एक नए ब्रांड के साथ प्रीमियम कार बाजार में उतरना चाहिए लेकिन उसमें बहुत अधिक समय और पैसा लग सकता है। मारुति सुजूकी ऐसा अपने दम पर करना चाहती है और इसके लिए उसने नेक्सा नाम से नया वितरण नेटवर्क तैयार किया है। वह अपनी कारों की ब्रांडिंग नए सिरे से मारुति सुजूकी के बजाय सुजूकी नाम से कर रही है। मारुति सुजूकी की पहल को यह कहकर सही ठहराया जा सकता है कि वह नेक्सा के जरिये जिन नई कारों को बेचना चाहती है उनकी कीमत एकदम अलग ही दायरे में होगी। जाहिर है इसके लिए अलग ब्रांड नीति अपनानी होगी। नेक्सा के जरिये जो पहली नई कार बेची जाएगी उसका नाम है एस-क्रॉस क्रॉसओवर। इस कार की कीमत प्रतिद्वंद्वी कारों की कीमत के प्रतिस्पर्धी रखी गई है।

मारुति सुजूकी ने नेक्सा की फ्रैंचाइजी केवल मौजूदा डीलरों को ही दी है। कुछ लोगों को यह लग सकता है कि इसके लिए नए डीलर रखे जाने चाहिए थे, खासतौर पर ऐसे डीलर जिनके पास महंगी कार बेचने का अनुभव हो। ऐसा तब जरूरी होता जब कंपनी ने ऑडी, बीएमडब्ल्यू और मर्सिडीज की प्रतिस्पर्धा में कारें उतारी होतीं। लेकिन प्रीमियम कारों में उसकी प्रतिस्पर्धा होंडा, हुंडई और टोयोटा से है। ऐसे में नेक्सा को उनसे निपटने में सक्षम माना जा सकता है। मौजूदा डीलरों के नेटवर्क का इस्तेमाल एक और वजह से समझदारी भरा कदम है।

अगर ऐसा नहीं किया गया होता तो डीलरों में अजीब व्यवस्था बन जाती। कुछ-कुछ जाति व्यवस्था की तरह।  इसका मौजूदा डीलरों पर बुरा असर होता। जो डीलर नेक्सा नेवटर्क में शामिल होने में सक्षम नहीं हैं, उनका भी ख्याल रखा गया है। अगर वे अपने ग्राहकों को नेक्सा डीलर के पास भेजते हैं तो उनको कमीशन मिलेगा। शुरुआती कुछ महीनों के दौरान उनको नेक्सा में बिकी कार की सर्विस का अवसर भी मिलेगा। कार उद्योग में हर कोई यह बात जानता है कि कार की बिक्री से अधिक लाभ तो सर्विस और कलपुर्जों की बिक्री से होता है। मारुति के सामने चुनौती होगी नेक्सा को जल्द से जल्द मुनाफे में लाने की। ऐसा इसलिए भी क्योंकि ये शोरूम शहर की सबसे बढिय़ा जगहों पर स्थित होंगे और अमीर ग्राहकों पर ध्यान केंद्रित करेंगे। फिलहाल केवल एक ही कार एस-क्रॉस को इसके जरिये बेचा जा रहा है। कंपनी अपनी प्रीमियम सिडैन कार सियाज को भी इसमें शामिल कर सकती है।

Keyword: maruti suzuki car company, compact suv, gujrat, currentt financial year,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या राज्यों को फसल विविधीकरण पर देना चाहिए और जोर
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.