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सन को एफएम के लिए बोली लगाने की इजाजत
टीई नरसिम्हन / चेन्नई 07 23, 2015

मद्रास उच्च न्यायालय ने सन टेलीविजन नेटवर्क (सन टीवी) के रेडियो चैनल को एफएम रेडियो चैनलों की नीलामी के तीसरे चरण में हिस्सा लेने की इजाजत दे दी है। नीलामी सोमवार को होगी। इससे पहले गृह मंत्रालय ने इन रेडियो चैनलों को सुरक्षा संबंधी मंजूरी नहीं दी थी, जिसके कारण समूह नीलामी के दो चरणों में हिस्सा नहीं ले सका। सन समूह और उसकी दो एफएम कंपनियों ने मंत्रालय के इस फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी। अदालत ने आज उसके पक्ष में फैसला सुनाया, जिसके बाद सन टीवी का शेयर 6.02 फीसदी चढ़कर 273.90 रुपये पर बंद हुआ।

न्यायमूर्ति एम सत्यनारायण ने दो दिन पहले ही इस बारे में रिट याचिका सुनवाई के लिए स्वीकार की थी। आज उन्होंने कंपनियों को नीलामी में शामिल होने की स्वीकृति देते हुए कहा कि नीलामी के नतीजे अदालत के सामने एक मुहरबंद लिफाफे में पेश होने चाहिए। हालांकि वकील यह स्पष्टï नहीं कर पाए थे कि सभी नतीजे अदालत के सामने पेश किए जाएंगे या केवल सन समूह के नतीजे भेजे जाएंगे। लेकिन उन्होंने कहा कि अंतिम फैसला अदालत में लंबित याचिकाओं पर होने वाले फैसलों पर निर्भर करेगा। सन समूह की ओर से वरिष्ठï अधिवक्ता पी एस रामन ने कहा कि समूह की तीन कंपनियों ने अदालत के समक्ष रिट याचिका दायर कर नीलामी में हिस्सा लेने के लिए अंतरिम अनुमति मांगी थी। रामन ने बताया, 'अदालत ने प्रथम दृष्टïया यह माना है कि आपराधिक मामला लंबित रहने पर ही किसी को तब तक अयोग्य नहीं ठहराया जा सकता , जब तक वह दोषी न पाया जाए। अदालत ने यह भी माना कि कंपनियां किसी शिकायत या लाइसेंस शर्तों के उल्लंघन के बिना कई साल से कारोबार कर रही हैं। इसीलिए नीलामी में हिस्सा लेने का अधिकार उनसे छीनना गलत होगा।'

सन समूह देश भर में 45 एफएम चैनल चलाता है। कंपनी कह चुकी है कि उसकी एफएम कंपनियों को नीलामी में नहीं जाने देने से 350 करोड़ रुपये की वह रकम बेकार पड़ी रहेगी, जो उसने नए लाइसेंसों के लिए बोली लगाने के इरादे से रखी है। कंपनी ने याचिका में कहा कि मंत्रालय का यह आदेश अवैध, एकतरफा, भेदभाव करने वाला और कानून का दुरुपयोग करने वाला है। साथ ही यह भारतीय टेलीग्राफ अधिनियम 1885 के अधिकार क्षेत्र से बाहर है, असंवैधानिक है और मौलिक अधिकारों का हनन करने वाला है। सन टीवी ने यह भी कहा कि सुरक्षा अनुमति नहीं देने की जो तीन वजह बताई हैं वे या तो प्राथमिकी से ली गई हैं या आरोपपत्र से ली गई हैं। याचिका में सन ने कहा कि तीनों में से किसी भी मामले में उस पर आरोप नहीं लगाया गया है और पहले दो मामलों में तो केवल एक निदेशक ही आरोपित है। रामन ने न्यायालय में कहा कि जब विभिन्न आरोप झेल रही रिलायंस ब्रॉडकास्टिंग को नीलामी में शामिल होने दिया जा रहा है तो सन टीवी को रोकने की कोई वजह ही नहीं है।

'हम कर चोरी करने वाले नहीं'

दिल्ली की एक अदालत द्वारा स्पाइसजेट के कर संबंधी मामले में जारी समन को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए सन समूह के चेयरमैन कलानिधि मारन ने आज कहा कि उन्होंने और उनकी कंपनी ने 'कर के मामले में कोई फर्जीवाड़ा नहीं' किया है। मारन ने बताया कि कर अधिकारी कई बार इस क्षेत्र में सबसे अधिक कर चुकाने के लिए सन टीवी नेटवर्क का सम्मान कर चुके हैं।

Keyword: sun TV, FM radio,,
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