बिजनेस स्टैंडर्ड - आयकर की काली सूची वाले शेयर बाजारों के भी दोषी
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Thursday, July 07, 2022 03:45 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम कंपनिया खबर

आयकर की काली सूची वाले शेयर बाजारों के भी दोषी
सचिन मामबटा / मुंबई March 31, 2015

आयकर नहीं चुकाने वालों की एक सूची शायद पहली बार विभाग की वेबसाइट पर डाल दी गई है और इसमें 18 नाम शामिल हैं। विगत में चूक करने वालों के आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि इस सूची में शामिल कई प्रतिभूति बाजार में भी कानून का उल्लंघन करने वालों में भी रहे हैं। वाचआउटइन्वेस्टर्स डॉट कॉम से मिली सूचना के मुताबिक (जो विभिन्न नियामकों की तरफ से की गई खिंचाई के आंकड़े उपलब्ध कराती है) कई चूककर्ता एक से ज्यादा बार ऐसा कर चुके हैं।

तीन अलग-अलग मामलों में सेबी ब्लू इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के खिलाफ कार्रवाई कर चुका है। इनमें गलत तरीके से टर्नओवर बढ़ाना, गलत लाभांश घोषित करना और कारोबारी गतिविधियां अपने हक में करने का मामला शामिल है। कंपनी मामलों का मंत्रालय, बीएसई और एनएसडीएल भी इसकी खिंचाई कर चुके हैं। एमसीए ने सालाना वित्तीय विवरण दाखिल करने में चूक करने पर इसकी खिंचाई की थी जबकि एनएसडीएल ने प्रतिभूतियों को डीमैट रूप में नहीं करने पर। बीएसई ने इसे जुलाई 2004 में गैर-सूचीबद्ध कर दिया था।

एक अन्य कंपनी आइकन बायोफार्मा ऐंड हेल्थकेयर किसी तरह का उल्लंघन करती नहीं नजर आती, लेकिन अगर इसके पुराने नाम मून ड्रग्स के खाते पर नजर डालें तो कई तरह का उल्लंघन नजर आता है। बीएसई ने सूचीबद्धता समझौते का अनुपालन न करने, शेयरधारिता के पैटर्न की जानकारी न देने और कॉरपोरेट गवर्नेंस रिपोर्ट जमा नहीं कराने पर इसकी खिंचाई की है। इसे उन कंपनियों की सूची में शामिल किया गया है जो अपने पते पर नहीं पाई गई।

कर विभाग भी इस तरह की समस्या का सामना कर रहा है। 18 चूककर्ताओं में से 10 का पता नहीं चल पा रहा है और इसमें ब्लू इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और आइकन बायोफार्मा ऐंड हेल्थकेयर शामिल है। सेबी ने अपनी चुकता पूंजी के अतिरिक्त शेयर जारी करने और इसे डीमैट रूप में बदलने, जुर्माना नहीं चुकाने और भ्रामक कॉरपोरेट घोषणाएं सामने रखने पर सोमानी सीमेंट की खिंचाई की है। बीएसई व एनएसई ने कहा है कि इसने सूचीबद्धता समझौते का अनुपालन नहीं किया है, न ही कॉरपोरेट गवर्नेंस रिपोर्ट जमा कराया है।

इनगवर्न रिसर्च सर्विसेज के प्रबंध निदेशक श्रीराम सुब्रमण्यन ने कहा कि कोई कंपनी कमजोर निवेश हो सकता है, इसके लिए निवेशक कुछ निश्चित संकेतकों की पहचान कर सकते हैं। संबंधित पक्षकार लेनदेन और प्रवर्तकों की तरफ से बिक्री संकेतक हो सकते हैं, जिनपर निवेशकों को नजर डालनी चाहिए। साथ ही अगर संस्थागत निवेशकों ने अल्पावधि में ज्यादा बिकवाली की हो तो यह खुदरा निवेशकों के लिए खतरे की घंटी है। इस सूची में कई और कंपनियां हैं। प्रोटेक इनट्रेड ने डेट रिकवरी ट्रिब्यूनल का बकाया चुकाने में चूक की है। कंवर अजय फूड ने सीमा व उत्पाद शुल्क के भुगतान में चूक की है। कर विभाग के मुताबिक, दोनों कंपनियों का पता नहीं चल पा रहा है।

Keyword: Share Markets, Income Tax, BSE,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या बीमा नियामक की पहल से वाहन बीमा होगा सस्ता?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.