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अब न रही वो मधुशाला..

उत्तर प्रदेश में नई आबकारी नीति लागू होते ही शराब की कीमत बढ़ गई है। देशी शराब पीने वाले इतने से खुश हो सकते हैं कि उन्हें अब थोड़ी ज्यादा कीमत चुका कर ज्यादा मात्रा में शराब पीने को मिलेगी।इस…

उत्तर प्रदेश में नई आबकारी नीति लागू होते ही शराब की कीमत बढ़ गई है।


देशी शराब पीने वाले इतने से खुश हो सकते हैं कि उन्हें अब थोड़ी ज्यादा कीमत चुका कर ज्यादा मात्रा में शराब पीने को मिलेगी।इस साल 1 अप्रैल से लागू नई आबकारी नीति के तहत अब देशी शराब का पौव्वा 180 मिली के बजाए 220 मिली का होगा। साथ ही इसकी कीमत 30 रुपये की जगह 33 रुपये होगी।


अंग्रेजी शराब की कीमत में भी औसतन 25 से 30 रुपये प्रति बोतल का इजाफा किया गया है। आबकारी  अधिकारी देवराज यादव के मुताबिक मीडियम रेंज की अंग्रेजी शराब 260 रुपये की बोतल 295 रुपये की मिलेगी।


सबसे ज्यादा बढ़ोतरी महंगी स्कॉच, वोदका की कीमतों में हुई है। इस खंड में कीमतों प्रति बोतल 60 रुपये तक महंगी हो जाएंगी। हालांकि अभी भी बाजार में बिक रही शराब पर नई कीमतों का टैग नहीं लगाया गया है। सरकार ने इस साल आबकारी राजस्व में भारी बढ़ोतरी कर दी है। पिछले साल सरकार ने आबकारी  राजस्व का लक्ष्य 4200 करोड़ रुपये रखा था। इस लक्ष्य को हासिल किया जा चुका है।


आबकारी आयुक्त सुधीर एम बोवड़े ने बताया कि इस साल आबकारी राजस्व में सामान्य से ज्यादा इजाफा किया गया है। उन्होंने कहा कि बढ़े हुए लक्ष्य को हासिल कर लिया जाएगा। सामान्य तौर पर हर साल आबकारी राजस्व में 10 फीसदी की बढ़ोतरी की जाती है जबकि इस बार 20 प्रतिशत बढ़ोतरी का लक्ष्य तय किया गया है।


सरकार ने शराब की खपत में जारी तेजी को देखते हुए यह इजाफा किया है। आबकारी आयुक्त के अनुसार देशी शराब की खपत तो नहीं बढ़ रही है पर बीयर की खपत में इजाफा हो रहा है। साथ ही अंग्रेजी शराब की खपत भी बढ़ती जा रही है। सरकार को सबसे ज्यादा राजस्व देशी शराब की बिक्री से मिलता है।

First Published - अप्रैल 3, 2008 | 10:11 PM IST

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