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Rule Changes from June 1: UPI, PF, ATM, टैक्स, पैन कार्ड के नियम बदले; आपकी जेब पर पड़ेगा सीधा असर!

1 जून 2026 से UPI सिक्योरिटी, ATM विड्रॉल, एडवांस टैक्स और पैन कार्ड से जुड़े कई बड़े नियम बदल गए हैं, जिनका सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ेगा

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ऋषभ राज   
Last Updated- June 01, 2026 | 5:20 PM IST

जून 2026 की शुरुआत देश के आम आदमी के लिए कई बड़े बदलाव लेकर आई है। अगर आप डिजिटल पेमेंट करते हैं, टैक्स भरते हैं या रोजमर्रा के पैसों का लेन-देन करते हैं, तो यह महीना आपके लिए बेहद जरूरी रहने वाला है। 

सरकार और रेगुलेटरी बॉडीज ने मिलकर इस महीने से डिजिटल सिक्योरिटी को मजबूत करने, एडवांस टैक्स नियमों को सख्त करने और बड़े लेन-देन पर नजर रखने के लिए कई नए नियम लागू कर दिए हैं।

इन बदलावों का सीधा असर आपकी जेब और बैंकिंग आदतों पर पड़ने वाला है। लोगों के लिए जहां डिजिटल पेमेंट को सुरक्षित बनाने पर जोर दिया गया है, वहीं निवेशकों और टैक्सपेयर्स के लिए एक जरूरी डेडलाइन भी सामने खड़ी है। आइए बिल्कुल आसान और बोलचाल की भाषा में समझते हैं कि जून के महीने में आपकी जेब से जुड़े कौन से 5 बड़े नियम बदल गए हैं।

UPI पेमेंट पर अब और सख्त पहरा

आज के समय में UPI (UPI) हमारे जीवन का हिस्सा बन चुका है, लेकिन बढ़ते ऑनलाइन फ्रॉड को देखते हुए अब सिक्योरिटी नियमों को काफी कड़ा कर दिया गया है। जून के महीने से कुछ चुनिंदा UPI ट्रांजैक्शंस, खासकर बड़े अमाउंट के पेमेंट के लिए सिक्योरिटी की एक एक्स्ट्रा लेयर जोड़ दी गई है।

अब केवल साधारण UPI PIN डालकर पेमेंट नहीं हो पाएगा। पेमेंट ऐप और ट्रांजैक्शन के हिसाब से अब आपको फिंगरप्रिंट, फेस ऑथेंटिकेशन (Facial Recognition) या फोन के दूसरे सिक्योरिटी लॉक के जरिए अपनी पहचान दोबारा वेरिफाई करनी पड़ सकती है। 

इस कदम का मकसद यह है कि अगर किसी का मोबाइल चोरी हो जाए या किसी को पिन पता चल जाए, तब भी कोई जालसाज आपके खाते से गलत तरीके से पैसे न निकाल सके। गूगल पे, फोनपे और पेटीएम जैसे बड़े ऐप्स ने इन सिक्योरिटी फीचर्स को शामिल करना शुरू कर दिया है।

एडवांस टैक्स पर भी अपडेट

टैक्सपेयर्स के लिए 15 जून 2026 की तारीख बेहद जरूरी है। जिन भी लोगों की इस असेसमेंट ईयर (2026-27) में अनुमानित टैक्स देनदारी 10,000 रुपये से ज्यादा बनती है, उन्हें अपनी एडवांस टैक्स की पहली किस्त 15 जून तक हर हाल में जमा करनी होगी। नियम के मुताबिक, पहली किस्त में कुल अनुमानित टैक्स का 15 फीसदी हिस्सा चुकाना अनिवार्य होता है।

यह नियम आमतौर पर फ्रीलांसर्स, कंसलटेंट्स, बड़े बिजनेसमैन, डॉक्टरों-वकीलों जैसे प्रोफेशनल्स और उन निवेशकों पर लागू होता है जो शेयर बाजार या प्रॉपर्टी से कैपिटल गेन्स (मुनाफा) कमाते हैं। अगर आप इस डेडलाइन को चूक जाते हैं, तो आपको इनकम टैक्स एक्ट के तहत भारी ब्याज देना पड़ेगा, जिससे आपकी जेब पर बोझ बढ़ जाएगा।

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UPI के जरिए ATM से पैसे निकालने पर लगेगा चार्ज!

अगर आप डेबिट कार्ड घर भूल जाने पर ATM से UPI के जरिए (Cardless Cash Withdrawal) पैसे निकालते हैं, तो अब आपको थोड़ा सावधान रहने की जरूरत है। बैंक अब UPI आधारित ATM निकासी को भी आपके सामान्य ATM ट्रांजैक्शन की तरह ही गिनेंगे।

इसका मतलब यह है कि हर महीने बैंक की तरफ से मिलने वाली फ्री ATM लिमिट में यह ट्रांजैक्शन भी शामिल होगा। जैसे ही आपकी फ्री लिमिट खत्म होगी, वैसे ही UPI से कैश निकालने पर भी आपको एक्सट्रा चार्ज देना होगा। इसलिए जून के महीने से अपने कैश निकालने की गिनती का ध्यान रखें ताकि फालतू के चार्ज से बचा जा सके।

EPFO की UPI से पैसे ट्रांसफर करने वाली योजना पर नजर

नौकरीपेशा लोगों के लिए भी एक अच्छी खबर पर काम चल रहा है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अपने सब्सक्राइबर्स के लिए सीधे UPI के जरिए PF का पैसा ट्रांसफर करने की सुविधा पर विचार कर रहा है। इस सिस्टम की टेस्टिंग चल रही है, जिससे PF का पैसा सीधे आपके UPI से जुड़े खाते में बहुत कम समय में पहुंच जाएगा।

हालांकि, ध्यान रहे कि 1 जून तक इस सुविधा को देश भर में आधिकारिक तौर पर लॉन्च नहीं किया गया है। इसलिए जब तक EPFO कोई बड़ी घोषणा नहीं करता, तब तक आपको पुरानी प्रक्रिया के तहत ही पैसे निकालने के लिए क्लेम करना होगा।

PAN Card नियमों में भी हुआ बदलाव

जून से कुछ खास लेन-देन के लिए पैन कार्ड से जुड़े नियमों और उनकी लिमिट में बदलाव किया गया है। नए नियमों के तहत अब कुछ मामलों में 50,000 रुपये से ज्यादा की सामान्य कैश जमा राशि पर ऑटोमैटिकली पैन नंबर देना जरूरी नहीं होगा। हालांकि, अगर आप पूरे साल में कुल मिलाकर 10 लाख रुपये या उससे ज्यादा का कैश लेन-देन (जमा या निकासी) करते हैं, तो पैन नियमों का पालन करना बेहद जरूरी रहेगा।

इसके अलावा, सबसे बड़ा राहत भरा बदलाव प्रॉपर्टी बाजार के लिए है। जमीन या मकान की खरीद-बिक्री के समय पैन कार्ड की जानकारी देने की लिमिट को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर सीधे 20 लाख रुपये कर दिया गया है। हालांकि, जो बड़ी प्रॉपर्टी डील्स हैं या महंगे गिफ्ट्स के लेन-देन हैं, उन पर टैक्स डिपार्टमेंट की सख्त रिपोर्टिंग गाइडलाइंस पहले की तरह ही लागू रहेंगी।

आम जनता अब क्या करे?

इन सभी बदलावों के बीच खुद को सुरक्षित और अपडेटेड रखने के लिए आप कुछ आसान बातों का ख्याल रख सकते हैं। सबसे पहले अपने मोबाइल में मौजूद गूगल पे या फोनपे जैसे UPI ऐप्स को तुरंत लेटेस्ट वर्जन पर अपडेट कर लें। कोई भी पेमेंट करने से पहले सामने वाले का नाम ध्यान से चेक करें। अपने बैंक स्टेटमेंट पर नजर रखें ताकि ATM लिमिट पार न हो और अगर आप एडवांस टैक्स के दायरे में आते हैं, तो 15 जून से पहले ही इसकी हिसाब-किताब क्लियर कर लें।

First Published : June 1, 2026 | 5:20 PM IST