facebookmetapixel
Advertisement
आसमान से बरसती आग के बीच पैरामीट्रिक बीमा की भारी मांग, मौसम के मिजाज ने बदला इंश्योरेंस मार्केटटाटा-बिरला की राह पर किर्लोस्कर समूह! रियल एस्टेट मार्केट में धाक जमाने के लिए बनाया मेगा प्लानटाटा संस को लिस्ट करने की मांग फिर तेज, इनगवर्न ने कहा: बेहतर पूंजी आवंटन के लिए लिस्टिंग जरूरीशेयर बाजार में रिकॉर्ड तेजी के बीच गहराया बड़ा संकट, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड ने बढ़ाई भारत की टेंशनइतिहास की गूंज: साल 1973 और आज का भारत; तेल का झटका, महंगाई और मोदी सरकार के सामने बड़ी चुनौतीEditorial: RBI से सरकार को मिला ₹2.87 लाख करोड़ का रिकॉर्ड फंड, फिर भी नहीं कम होंगी वित्तीय मुश्किलेंBS Survey: RBI जून में नहीं बदलेगा रीपो रेट, पर चालू वित्त वर्ष में बढ़ सकती है आपके लोन की EMI‘चीन-पाकिस्तान की चुनौतियों से निपटने को तैयार है थिएटर कमान’, CDS अनिल चौहान का बड़ा बयानटैक्स की मार से सहमा बाजार! STT बढ़ने से ब्रोकर्स ने डेरिवेटिव ट्रेडिंग में घटाया अपना दांवम्यूचुअल फंड में स्मॉलकैप का जलवा: उतार-चढ़ाव के बीच बेंचमार्क को पछाड़कर निवेशकों को किया मालामाल

टैक्स की मार से सहमा बाजार! STT बढ़ने से ब्रोकर्स ने डेरिवेटिव ट्रेडिंग में घटाया अपना दांव

Advertisement

1 अप्रैल से प्रतिभूति लेनदेन कर (STT) बढ़ने के कारण ब्रोकर्स की लागत बढ़ गई है, जिससे अप्रैल में डेरिवेटिव मार्केट में प्रॉपराइटरी ट्रेडिंग की हिस्सेदारी घट गई

Last Updated- May 24, 2026 | 10:04 PM IST
Stock Market
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

अप्रैल में इक्विटी डेरिवेटिव सेगमेंट में प्रॉपराइटरी ट्रेडिंग की हिस्सेदारी घट गई। इसकी वजह प्रतिभूति लेनदेन कर (एसटीटी) में बढ़ोतरी के कारण आर्बिट्रेज गतिविधियों की ब्रेक-ईवन लागत बढ़ना रही। ये ट्रेडिंग ब्रोकर अपने खुद के अकाउंट में करते हैं। एनएसई मार्केट पल्स डेटा के अनुसार इक्विटी फ्यूचर्स (नोशनल टर्नओवर) में प्रॉपराइटरी ट्रेडिंग की हिस्सेदारी मार्च के 32.7 प्रतिशत से घटकर अप्रैल में 28.3 प्रतिशत रह गई। इसी अवधि में इंडेक्स ऑप्शंस सेगमेंट (प्रीमियम टर्नओवर) में यह हिस्सेदारी 49.3 प्रतिशत से घटकर 46.4 फीसदी हो गई।

इक्विटी फ्यूचर्स सेगमेंट में विदेशी निवेशकों की भागीदारी पहली बार प्रॉपराइटरी से आगे निकल गई और 30.8 प्रतिशत के अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई। खुदरा निवेशकों की भागीदारी पिछले महीने के 15.3 प्रतिशत से बढ़कर अप्रैल में 17.6 प्रतिशत हो गई।

रिपोर्ट में कहा गया है, ‘एसटीटी बढ़ोतरी लागू होने के बीच इक्विटी ऑप्शंस सेगमेंट (प्रीमियम टर्नओवर) में भागीदारी का पैटर्न भी प्रॉपराइटरी हिस्से में कमी बताता है।’ 

1 अप्रैल से, फ्यूचर्स पर एसटीटी को पहले के 0.02 प्रतिशत से बढ़ाकर ट्रेडेड वैल्यू का 0.05 प्रतिशत कर दिया गया। ऑप्शंस में प्रीमियम टर्नओवर पर टैक्स को 0.1 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.15 प्रतिशत कर दिया गया, जबकि एक्सरसाइज्ड ऑप्शंस पर लेवी को 0.125 प्रतिशत से बढ़ाकर इंट्रिंसिक वैल्यू का 0.15 प्रतिशत कर दिया गया।

बाजार हिस्सेदारी परिदृश्य में बदलाव से भागीदारी के रुझानों में व्यापक पुनर्संतुलन का संकेत मिलता है। इंडेक्स ऑप्शंस में प्रॉपराइटरी और रिटेल दोनों तरह के कारोबार में गिरावट आई, जबकि स्टॉक ऑप्शंस में गतिविधियां बढ़ी, जो शेयर-विशिष्ट अनुबंधों की ओर धीरे-धीरे बदलाव का संकेत देती है।

Advertisement
First Published - May 24, 2026 | 10:04 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement