अमेरिका में भारतीय सौर उत्पादों पर 126 प्रतिशत तक आयात शुल्क लगाने की घोषणा से बुधवार को निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई और घरेलू शेयर बाजार अपनी शुरुआती तेज बढ़त गंवाते हुए मामूली लाभ के साथ बंद हुए।
सेंसेक्स में 50 अंक जबकि निफ्टी में 58 अंक की तेजी दर्ज की गई। बीएसई का 30 शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक सेंसेक्स 50.15 अंक यानी 0.06 प्रतिशत बढ़कर 82,276.07 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 731.99 अंक चढ़कर 82,957.91 अंक तक पहुंच गया था। वहीं, एनएसई का 50 शेयरों वाला मानक सूचकांक निफ्टी 57.85 अंक यानी 0.23 प्रतिशत की बढ़त के साथ 25,482.50 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय निफ्टी 228 अंक चढ़कर 25,652.60 अंक पर बंद हुआ था।
सेंसेक्स की कंपनियों में एचसीएल टेक, टाटा स्टील, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस), इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो), सन फार्मा, महिंद्रा एंड महिंद्रा, मारुति सुजुकी और टेक महिंद्रा के शेयर चढ़कर बंद हुए। दूसरी तरफ रिलायंस इंडस्ट्रीज, भारतीय स्टेट बैंक, अदाणी पोर्ट्स और इटर्नल के शेयर गिरावट में रहे।
मोतीलाल ओसवाल फाइनैंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख (संपत्ति प्रबंधन) सिद्धार्थ खेमका ने कहा, ‘सकारात्मक वैश्विक संकेतों से बाजार बढ़त के साथ बंद हुए। हालांकि, व्यापार संबंधी अनिश्चितताओं के कारण निवेशकों ने जोखिम से बचने को तरजीह दी।’
बाजार में अमेरिकी प्रशासन के 126 प्रतिशत शुल्क लगाने की घोषणा से सौर उपकरण क्षेत्र की कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई।
ऑनलाइन ट्रेडिंग फर्म एनरिच मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पोनमुडी आर. ने कहा, ‘सकारात्मक वैश्विक संकेतों और अमेरिकी प्रौद्योगिकी शेयरों में उछाल से घरेलू बाजार ने मजबूती के साथ शुरुआत की। लेकिन ऊपरी स्तर पर मुनाफावसूली हावी होने और वैश्विक व्यापार संबंधी चिंताओं से यह बढ़त सिमट गई।’ छोटी कंपनियों का बीएसई स्मॉलकैप सेलेक्ट सूचकांक 0.59 प्रतिशत चढ़ गया जबकि मझोली कंपनियों के मिडकैप में 0.37 प्रतिशत की तेजी रही।