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NCDEX के रेनफॉल फ्यूचर को अदालत में चुनौती देगी स्काईमेट

मौसम का पूर्वानुमान लगाने वाली निजी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी स्काईमेट वेदर सर्विसेज ने नैशनल कमोडिटी ऐंड डेरिवेटिव्स एक्सचेंज (एनसीडीईएक्स) के रेनफॉल फ्यूचर्स (बारिश के वायदा सौदे) शुरू करने के फैसले को चुनौती देने का फैसला किया है। ये अनुबंध…

NCDEX

Last Updated: 21 मई 2026 | 10:39 PM IST

मौसम का पूर्वानुमान लगाने वाली निजी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी स्काईमेट वेदर सर्विसेज ने नैशनल कमोडिटी ऐंड डेरिवेटिव्स एक्सचेंज (एनसीडीईएक्स) के रेनफॉल फ्यूचर्स (बारिश के वायदा सौदे) शुरू करने के फैसले को चुनौती देने का फैसला किया है। ये अनुबंध 29 मई के लिए शुरू होने हैं। एनसीडीईएक्स ने मौसम का पूर्वानुमान लगाने वाली सरकारी एजेंसी भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के साथ गठजोड़ किया है, जिस पर स्काईमेट ने आपत्ति जताई है।

एनसीडीईएक्स ने इस बार आईआईटी बॉम्बे के साथ साझेदारी की है, ताकि रेनमुंबई कॉन्ट्रैक्ट के लिए वैज्ञानिक ढांचा, सीडीआर (क्युमुलेटिव डेविएशन रेनफॉल) डिजाइन और सांख्यिकीय सत्यापन उपलब्ध कराया जा सके। एक्सचेंज ने पिछले तीन दशकों के बारिश के आंकड़े और मौजूदा अपडेट के लिए आईएमडी के साथ करार किया है।

स्काईमेट वेदर फ्यूचर्स की लॉन्चिंग को चुनौती दे रही है क्योंकि तीन साल पहले एनसीडीईएक्स ने देश का पहला ट्रेडेबल वेदर इंडेक्स लॉन्च करने के लिए उसके साथ गठजोड़ किया था।

स्काईमेट के चेयरमैन जतिन सिंह ने कहा, एनसीडीईएक्स ने हमसे आधारभूत आंकड़े लिये, हमने इस प्रोडक्ट के लिए जागरूकता अभियान चलाया, आंकड़ों से जुड़ी जानकारी दी और 2 साल तक डेटा फीड उपलब्ध कराया। जब ट्रेडिंग के लिए इस प्रोडक्ट को लॉन्च करने का समय आया तो उन्होंने आईएमडी के साथ गठजोड़ कर लिया, जो मंजूर नहीं है। हम नियामक सेबी से संपर्क कर रहे हैं और साथ ही अदालत में एक्सचेंज के फैसले को चुनौती दे रहे हैं।

अगस्त 2023 में एनसीडीईएक्स ने स्काईमेट के साथ एक सहमति करार (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए थे। संपर्क किए जाने पर एनसीडीईएक्स ने इस मसले पर टिप्पणी से इनकार कर दिया। वैश्विक स्तर पर बाजार के प्रतिभागी जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभाव के कारण मौसम में होने वाले लगातार बदलावों से जुड़े अपने वित्तीय जोखिमों से बचाव (हेज) के लिए व्यापार योग्य मौसम सूचकांकों का उपयोग करते हैं।

पिछली जुलाई में एनसीडीईएक्स ने भारत के पहले पैरामीट्रिक मौसम डेरिवेटिव को विकसित करने और लॉन्च करने के लिए डेटा फीड और इंडेक्स के संबंध में आईएमडी के साथ एक एमओयू पर भी हस्ताक्षर किए। इस एमओयू में जोखिम प्रबंधन, जानकारी साझा करना और इंडेक्स आधारित मौसम डेरिवेटिव पर अमल करना भी शामिल था।

जुलाई 2025 में एनसीडीईएक्स के बयान में कहा गया, यह रणनीतिक गठबंधन भारत के पहले वेदर डेरिवेटिव (मौसम से जुड़े डेरिवेटिव्स) को लॉन्च करने के लिए जरूरी आधार तैयार करता है। यह बाजार का एक ऐसा साधन है, जिसका लंबे समय से इंतजार था। इसे किसानों और उनसे जुड़े क्षेत्रों को मौसम से जुड़े जोखिमों, जैसे कि अनियमित बारिश, लू और बेमौसम की घटनाओं से बचाव में मदद के लिए डिजाइन किया गया है।

इस साझेदारी के साथ एनसीडीईएक्स, आईएमडी से मिले ऐतिहासिक और रियल-टाइम डेटासेट का इस्तेमाल करके अन्य उत्पादों के साथ-साथ बारिश पर आधारित डेरिवेटिव उत्पाद भी विकसित करेगा। इससे पहले, जून 2020 में एनसीडीईएक्स और स्काईमेट ने दो राष्ट्रीय स्तर के बारिश-आधारित इंडेक्स लॉन्च किए थे – इंडियन मॉनसून इंडेक्स और इंडियन रेन इंडेक्स। इन इंडेक्स को देश में बारिश की व्यवस्थित रफ्तार पर नजर रखने के लिए शुरू किया गया था। हालांकि ये केवल बारिश दर्शाते थे और ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध नहीं थे। उस समय, स्काईमेट के सहयोग से मौसम इंडेक्स में औपचारिक ट्रेडिंग शुरू करने के बारे में चर्चा चल रही थी।

एनसीडीईएक्स की मुंबई की बारिश पर आधारित फ्यूचर लॉन्च करने की बुधवार की घोषणा एक पायलट प्रोजेक्ट है क्योंकि मॉनसून केरल से शुरू होता है, मुंबई पहुंचता है और फिर उत्तर की ओर बढ़ता है। मुंबई एक मध्य बिंदु का काम करता है। भविष्य में एक्सचेंज पूर्वी मॉनसून कॉन्ट्रैक्ट्स और तापमान से जुड़े प्रोडक्ट्स शुरू करने पर भी विचार कर रहा है।

First Published - मई 21, 2026 | 10:35 PM IST

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