अर्थव्यवस्था

भारत ने कई देशों को पीछे छोड़ा: मोदी

मोदी ने कोच्चि में 4,000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन किया

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भाषा   
Last Updated- January 17, 2024 | 10:51 PM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि 10 वर्ष पहले तक जहाजों को बंदरगाहों पर काफी लंबा इंतजार करना पड़ता था और सामान उतारने में बहुत लंबा समय लगता था लेकिन आज स्थिति बदल गई है और जहाज ‘टर्नअराउंड’ समय के मामले में भारत ने कई विकसित देशों को पीछे छोड़ दिया है।

कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड में प्रमुख रणनीतिक पहलों सहित 4,000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने यह टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि इनसे देश के दक्षिणी क्षेत्र के विकास को गति देने में मदद मिलेगी।

मोदी ने भारत की जी20 अध्यक्षता के दौरान पश्चिम एशिया-यूरोप आर्थिक गलियारे के संबंध में किए गए समझौतों पर प्रकाश डालते हुए कहा, ‘दुनिया वैश्विक व्यापार में भारत की क्षमता और स्थिति को पहचान रही है।’ उन्होंने कहा कि यह गलियारा भारत की तटीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देकर विकसित भारत के निर्माण को और मजबूत बनाएगा।

अतीत को याद करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा, ‘10 वर्ष पहले तक जहाजों को बंदरगाहों पर काफी लंबा इंतजार करना पड़ता था और सामान उतारने में बहुत लंबा समय लगता था।’ उन्होंने कहा, ‘आज स्थिति बदल गई है और जहाज ‘टर्नअराउंड’ समय के मामले में भारत ने कई विकसित देशों को पीछे छोड़ दिया है।’

अमृत काल के दौरान भारत को ‘विकसित राष्ट्र’ बनाने की यात्रा में हर राज्य की भूमिका पर जोर देते हुए मोदी ने पहले के समय में भारत की समृद्धि में बंदरगाहों की भूमिका को याद किया और कहा कि आज भारत नए कदम उठा रहा है और वैश्विक व्यापार का एक प्रमुख केंद्र बन रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे में सरकार कोच्चि जैसे बंदरगाह शहरों की शक्ति को बेहतर बनाने में जुटी है। उन्होंने सागरमाला परियोजना के अंतर्गत बंदरगाह क्षमता में वृद्धि, बंदरगाह अवसंरचना में निवेश और बंदरगाहों के बेहतर संपर्क का उल्लेख किया।

कोच्चि को मिले देश के सबसे बड़े ‘ड्राई डॉक’ का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, ‘जहाज निर्माण, जहाज मरम्मत और एलपीजी आयात टर्मिनल जैसी अन्य परियोजनाएं भी केरल और देश के दक्षिणी क्षेत्र में विकास को गति प्रदान करेंगी।’ उन्होंने कोचीन शिपयार्ड के साथ ‘मेड इन इंडिया’ विमानवाहक पोत ‘आईएनएस विक्रांत’ के निर्माण का भी उल्लेख किया और कहा कि नई सुविधाओं से शिपयार्ड की क्षमताएं कई गुना बढ़ जाएंगी।

प्रधानमंत्री ने पिछले 10 वर्षों में बंदरगाहों, पोत परिवहन और जलमार्ग क्षेत्र में किए गए सुधारों पर प्रकाश डाला तथा कहा कि इससे भारत के बंदरगाहों में नया निवेश आया है और रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं। उन्होंने बताया कि भारतीय नाविकों से संबंधित नियमों में सुधार से देश में नाविकों की संख्या में 140 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

प्रधानमंत्री ने इन परियोजनाओं के लिए केरलवासियों को भी बधाई देते हुए कहा कि नया ‘ड्राई डॉक’ भारत का राष्ट्रीय गौरव है। उन्होंने कहा, ‘इससे न केवल बड़े जहाज उतरेंगे बल्कि यहां जहाज निर्माण और मरम्मत भी हो सकेंगे। इससे विदेशों पर निर्भरता कम होगी और विदेशी मुद्रा की भी बचत होगी।’

First Published : January 17, 2024 | 10:51 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)