नई नीति वापस ले व्हाट्सऐप

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 12, 2022 | 9:32 AM IST

भारत सरकार ने व्हाट्सऐप को नई गोपनीयता नीति वापस लेने के लिए कहा है। सरकार ने कहा है कि फेसबुक नियंत्रित व्हाट्सऐप ने अपनी गोपनीयता नीति में जो बदलाव किए हैं, वे उपयोगकर्ताओं की निजता का हनन करते हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इस मैसेजिंग ऐप को सात दिन के भीतर अपनी ‘निजी एवं सूचना स्थानांतरण एवं साझा नीति और सामान्य कारोबार व्यवहारों’ से जुड़े मुद्दे पर स्थिति स्पष्ट करने के लिए कहा है। व्हाट्सऐप के वैश्विक प्रमुख विल कैथकार्ट को भेजे ई-मेल में मंत्रालय ने कहा कि भारत में इस ऐप के उपयोगकर्ताओं की संख्या 40 करोड़ से अधिक है और गोपनीयता नीति में बदलाव से उन पर प्रतिकूल असर पड़ेगा।
मंत्रालय ने व्हाट्सऐप को ई-मेल मिलने के सात दिनों के भीतर प्रस्तावित गोपनीयता नीति पर 14 सवालों के जवाब देने के लिए कहा है।
इससे पहले व्हाट्सऐप ने कहा था कि कंपनी जो बदलाव लाने जा रही है वे व्हाट्सऐप पर वैकल्पिक कारोबारी तथ्यों से संबंधित हैं और ये उसके द्वारा डेटा जुटाने में अपनाई जाने वाली पारदर्शिता को और अधिक मजबूत करते हैं। इस ऐप ने दिसंबर में गोपनीयता नीति में बदलाव करना शुरू कर दिया था और यूजर को 8 फरवरी तक इन्हें स्वीकार करने के लिए कहा था। व्हाट्सऐप ने कहा था कि जो यूजर नई नीति से सहमत नहीं होंगे वे सेवा का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे।
हालांकि कंपनी ने स्पष्ट किया है कि संदेश एवं निजी वार्तालाप पहले की तरह ही गोपनीय और सुरक्षित हैं, लेकिन लोगों की चिंता बरकरार है। कई उपयोगकर्ता अब दूसरे मैसेजिंग ऐप जैसे सिग्नल और टेलीग्राम पर जा रहे हैं। नए बदलावों पर सख्त प्रतिक्रिया मिलने के  बाद व्हाट्सऐप ने नई गोपनीयता नीति अमल में लाने की तारीख 8 फरवरी से बढ़ाकर 15 मई कर दी है। मंत्रालय ने गोपनीयता नीति में बदलाव को एक तरफा निर्णय करार दिया और प्रस्तावित बदलावों से जुड़ी कई चिंता का जिक्र किया। ई-मेल में कहा गया है, ‘प्रस्तावित बदलाव भारतीय नागरिकों की पसंद एवं उनकी स्वायत्ता के लिए गंभीर जोखिम पैदा करते हैं। इन बातों को ध्यान में रखते हुए नए बदलाव वापस लिए जाने चाहिए।’
ई-मेल में यूरोप के उपयोगकर्ता के मुकाबले भारत के लोगों के साथ भेदभाव पूर्ण नीति अपनाने का भी विषय उठाया। मंगलवार को इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रौद्योगिकी मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि व्हाट्सऐप, फेसबुक या फिर कोई भी डिजिटल प्लेटफॉर्म क्यों न हो वे भारत में आराम से कारोबार कर सकती हैं, लेकिन उन्हें यहां के लोगों के अधिकारियों के अतिक्रमण की इजाजत नहीं दी जाएगी।’

First Published : January 19, 2021 | 11:09 PM IST