प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक को अपने स्वामित्व वाली मैसेजिंग इकाई व्हाट्सऐप के लिए विवादास्पद नई गोपनीयता शर्तों को भारी विरोध के बाद तीन महीने के लिए स्थगित करना पड़ा है। इसके बावजूद बाजार में सिग्नल और टेलीग्राम जैसे उसके प्रतिस्पर्धियों की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है।
संचार ऐप के दैनिक डाउनलोड के लिहाज से सिग्नल और टेलीग्राम शीर्ष दो पायदान पर मौजूद हैं। सेंसर टावर की ओर से रविवार के लिए जारी ताजा आंकड़ों से इसका खुलासा हुआ है। इससे एक दिन पहले यानी शनिवार को फेसबुक ने व्हाट्सऐप के लिए विवादास्पद गोपनीयता शर्तों को फिलहाल टालने की घोषणा की थी। बाजार में फेसबुक को एक नई प्रतिस्पर्धी बिप का भी सामना करना पड़ रहा है। बिप दूरसंचार ऑपरेटर तुर्कसेल के स्वामित्व वाली इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप है जो भारतीय बाजार में धूम मचाता दिख रहा है।
सेंसर टॉवर के आंकड़ों के अनुसार, बीईपी ने 15 जनवरी को तमाम संचार ऐप के बीच डाउनलोड के मामले में व्हाट्सऐप को तीसरे पायदान से भी बाहर कर दिया। जबकि 16 जनवरी को फेसबुक ने घोषणा की थी कि वह नई गोपनीयता शर्तों को लागू करने की योजना को तीन महीने के लिए स्थिगित कर रही है। फेसबुक की इस घोषणा का लोगों पर अधिक प्रभाव पड़ता नहीं दिख रहा है। तमाम संचार ऐप के बीच बिप की रैंकिंग 11 जनवरी को 425वें पायदान पर थी जो अगले दिन बढ़कर 12वें स्थान पर पहुंच गई। महज 24 घंटे के भीतर किसी मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के लिए यह सबसे बड़ी छलांग है।
बिप की शुरुआत 2013 में हुई थी और फिलहाल दुनिया भर में उसके उपयोगकर्ताओं की संख्या करीब 5 करोड़ है। स्थानीय मीडिया खबरों के अनुसार, व्हाट्सऐप की नई गोपनीयता शर्तों को लेकर दुनिया भर में हो रहे विरोध के बाद बिप के उपयोगकर्ताओं की संख्या बढ़कर 6 करोड़ हो चुकी है और जल्द ही यह आंकड़ा 10 करोड़ को पार कर सकता है। यह ऐप भी व्हाट्सऐप के समान सुविधाएं उपलब्ध कराता है। इसे तुर्की में विकसित किया गया है और इसका उपयोग दुनिया के 192 देशों में किया जा रहा है जिनमें अधिकतर यूरोपीय देश शामिल हैं।
फेसबुक के लिए एकमात्र अच्छी खबर यह है कि रविवार को व्हाट्सऐप तीसरे पायदान पर अपनी वापसी करने में सफल रहा जबकि सेंसर टावर के आंकड़ों के अनुसार बिप छठे पायदान पर रहा। दिलचस्प है कि हाल में सरकार द्वारा चीनी वीडियो ऐप टिकटॉक पर सरकार द्वारा प्रतिबंध लगाए जाने के बाद भारतीय ऐप डेवलपरों ने एमएक्स टका टक, मोज अथवा जोश आदि नए ऐप के साथ सामने आए थे ताकि विदेशी कंपनियों को बाहर रखा जा सके। लेकिन व्हाट्सऐप के मामले में भारतीय कंपनियों द्वारा ऐसी कोई पहल नहीं की जा रही है।
इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप हाइक स्टिकर चैट को 2019 में भारत में लॉन्च किया गया था लेकिन जनवरी 2021 से उसे बंद करने का निर्णय लिया गया है। भारती एंटरप्राइजेज के सुनील मित्तल, टेनसेंट और फॉक्सकॉन के निवेश वाले इस ऐप को दो नए उत्पादों- वाइब और रश से बदला जाएगा।