हमने उभरते बाजारों पर ध्यान देना शुरू किया है

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 15, 2022 | 1:22 AM IST

बीएस बातचीत
श्रोडर्स इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट में वैश्विक एवं थीमेटिक इक्विटीज के प्रमुख एवं सीआईओ अलेक्स टेडर का कहना है कि अमेरिका में टेक्नोलॉजी शेयरों में वैल्यू अभी भी देखी जा सकती है। ऐश्ली कुटिन्हो के साथ एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि वैश्विक शेयर बाजारों से दीर्घावधि प्रतिफल हाल के वर्षों में घटा है और उस पर गिरती दरों का प्रभाव देखा गया है। पेश हैं उनसे हुई बातचीत के मुख्य अंश:
अमेरिका में प्रौद्योगिकी शेयरों ने तेजी का नेतृत्व किया है। क्या आप इसे बुलबुले जैसी स्थिति मानते हैं?
अक्सर, लार्ज-कैप प्रौद्योगिकी शेयर कई मानकों पर महंगे दिखाई देते हैं। हालांकि यह याद रखना जरूरी है कि कीमत वह जो आप चुकाते हैं, वैल्यू वह है जो आपको मिलती है। लार्ज-कैप प्रौद्योगिकी शेयर ऊंची कीमतों पर कारोबार कर रहे हैं क्योंकि उनका राजस्व, नकदी प्रवाह और आय आधार आकर्षक है। पूरे क्षेत्र में बड़ा अंतर है और वैल्यू निश्चित तौर पर हासिल की जा सकती है।

एसऐंडपी 500 ने 11 साल से दो अंक में प्रतिफल दिया है। अगले दशक के लिए आपको क्या उम्मीद है?
अमेरिकी इक्विटी बाजार कई कारणों से अलग दिख रहे हैं। पहला, घरेलू तौर पर कई कंपनियों को विस्तारवादी नीति से लाभ मिला है, जिससे रोगजार वृद्घि, आवास बाजार उपभोक्ता खर्च और पूंजी निवेश को मदद मिली है। इसमें बदलाव आने की कम संभावना है। बाजार की आय का 50 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा विदेशों से प्राप्त होता है।

क्या निवेशकों को वैश्विक बाजारों से अपनी प्रतिफल संबंधी उम्मीदों में बदलाव लाना होगा?
इक्विटी से दीर्घावधि प्रतिफल के लिए हमारा अनुमान हाल के वर्षों में घटा है। यह काफी हद तक गिरती दरों के प्रभाव को दर्शाता है।

उभरते बाजारों पर आपका क्या नजरिया है?
कुल मिलाकर, उभरते बाजार की इक्विटी आकर्षक मूल्यांकन और मजबूत ढांचागत विकास परिदृश्य प्रदान करते हैं। साथ ही, अपेक्षाकृत मजबूत अमेरिकी डॉलर सामरिक आधार पर एक सहायक पृष्ठभूमि प्रदान कर सकता है। हालांकि हम उभरते बाजारों को तुलनात्मक समूह के तौर पर नहीं देख रहे हैं।

भारत के बारे में आपकी क्या प्रतिक्रिया है?
भारत हमारे लिए एक आकर्षक बाजार बना हआ है। हम शेयर-केंद्रित निवेशक हैं। कोरोना महामारी के बीच, हम विकसित दुनिया में थीमों पर ध्यान देने के बजाय उभरते बाजारों पर केंद्रित रहे हैं। विकसित बाजारों के प्रति झुकाव कुछ हद तक सामान्य हुआ है, क्योंकि हमने भारत समेत उभरते बाजारों पर पुन: ध्यान देना शुरू कर दिया है।

आप वैश्विक रूप से प्रोत्साहन उपायों के बारे में क्या कहना चाहते हैं?
दुनियाभर में मौद्रिक और राजकोषीय नीति में अप्रत्याशित बदलाव अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए एक महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच प्रदान करते हैं। यह महत्वपूर्ण है कि वित्तीय व्यवस्था कंपनियों और परिवारों को लगातार तरलता प्रदान कराए जिससे कि उनके नकदी प्रवाह में व्यवधान की क्षतिपूर्ति हो सके। इस समर्थन के बगैर, यह अस्थायी झटका अर्थव्यवस्था के आपूर्ति पक्ष के लिए स्थायी नुकसान पहुंचा सकता है। इस संदर्भ में, कम ब्याज दरें उन उपायों के मुकाबले कम महत्वपूर्ण हैं जिनसे बैंकों को मना करने के बजाय ग्राहकों को ऋण देने का भरोसा पैदा हो, और वाणिज्यिक पत्रों तथा ऋण बाजारों में तरलता बरकरार रहे।

First Published : September 24, 2020 | 1:16 AM IST