जापानी वाहन कंपनी निसान को 31 दिसंबर 2008 को समाप्त तिमाही में 83.2 अरब येन (0.81 अरब डॉलर) का शुध्द घाटा हुआ। इस वजह से कंपनी ने अपने कार्यबल में 8.5 फीसदी की कमी करने का ऐलान किया है।
इसका मतलब यह हुआ कि कंपनी अपने 20 हजार कर्मियों की छंटनी करेगी। वैसे, इस नतीजे की वजह से कंपनी अब भारत में रेनो के साथ संयुक्त उद्यम की समीक्षा करने लगी है। बिक्री में कमी और येन के मजबूत होने के कारण कंपनी को घाटा हो रहा है।
कंपनी का कहना है कि इस तिमाही में उसकी शुध्द आय 181 अरब येन रही, जो 2007 की आखिरी तिमाही से 34.4 फीसदी कम है। कंपनी का कहना है कि इस घाटे की वजह रही 2008 की दूसरी छमाही में मंदी की काली छाया।