सरकार की मांग तो मानी, लेकिन पूरी नहीं

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 10, 2022 | 7:04 PM IST

सत्यम फर्जीवाड़े में फंसे रामलिंग राजू के बेटे बी तेजा राजू की कंपनी मायटास इन्फ्रा में सरकारी दखल के अनुरोध को कंपनी लॉ बोर्ड (सीएलबी) ने पूरे तौर पर तो नहीं, लेकिन आंशिक तौर पर जरूर स्वीकार कर लिया है।
इसके तहत सीएलबी ने सरकार को मायटास इन्फ्रा के बोर्ड में चार सदस्य नियुक्त करने की मंजूरी दी है। इन सदस्यों में से ही किसी एक को कंपनी का अध्यक्ष भी बनाया जाएगा।
सीएलबी ने इसी समूह की एक अन्य कंपनी मायटास प्रॉपर्टीज में भी सरकार को अपना एक प्रतिनिधि रखने की इजाजत भी दी। अपने फैसले में सीएलबी ने निर्देश दिया है कि सरकार को एक अप्रैल से इन कंपनियों के कामकाज की हर महीने की रिपोर्ट भी पेश करनी होगी।
इस फैसले के तुरंत बाद कंपनी मामलों के मंत्री प्रेमचंद गुप्ता ने इन कंपनियों में सरकार के नुमाइंदों को ऐलान भी कर दिया।
इंस्टीटयूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) के पूर्व अध्यक्ष वेद जैन को मायटास इन्फ्रा और मायटास प्रॉपर्टीज दोनों कंपनियों के बोर्ड में नामित किया गया है। इसके अलावा जाने-माने कॉर्पोरेट वकील ओ पी वैश्य को भी मायटास इन्फ्रा के बोर्ड में सरकार की ओर से जगह दी गई है। 

First Published : March 5, 2009 | 6:55 PM IST