सुजलॉन पहुंची निकारागुआ

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 09, 2022 | 3:48 PM IST

पवन ऊर्जा क्षेत्र की पांच दिग्गज कंपनियों में शुमार सुजलॉन एनर्जी लिमिटेड जल्द ही अमेरिका के निकारागुआ में भी कदम रखने वाली है। सुजलॉन निकारागुआ में 9 करोड़ डॉलर की लागत से 19 नए विंड टरबाइन लगा रही है।


इस परियोजना को अपनी यूरोपीय इकाई सुजलॉन विंड एनर्जी के जरिए पूरा कर रही है। इन पवन चक्कियों  से 40 मेगावाट बिजली बनाई जाएगी। निकारागुआ में यह कंपनी की पहली परियोजना है। सूत्रों के अनुसार लेक निकारागुआ के पास कंपनी 2.1 मेगावाट की 19 पवन चक्कियां लगा रही है।

सुजलॉन के प्रवक्ता ने बताया पवन चक्की अगले कुछ हफ्तों में काम शुरू कर देंगी। सुजलॉन को यह ठेका टेक्सास के अर्कटास कैपिटल ग्रुप एलपी से मिला था। अमेरिका की डीर ऐंड कंपनी के  लिए लगाई गई कंपनी को दी गई विंड टरबाइनों में कुछ समस्याएं सामने आई थी।

जिस कारण बिजली का उत्पादन कम हो रहा था। इसके बाद एडिसन मिशन एनर्जी ने भी कहा कि कंपनी की पववन चक्की के ब्लेड खराब हैं। एडिसन ने हर्जाने की मांग भी की थी तब सुजलॉन ने लगभग 590 करोड़ रुपये का हर्जाना भरने के लिए योजना बनाई थी।

पवन चक्की के काम शुरू करने के बाद ईंधन की लागत पर लगभग 90 लाख रुपये की बचत की जा सकेगी। इसके साथ ही निकारागुआ की ऊर्जा खपत का करीब 6 फीसदी हिस्से की आपूर्ति भी इन्हीं से की जाएगी।

एसोसिएटेड प्रेस को निकारागुआ के ऊर्जा मंत्री एमिलो रापाकियोली ने बताया कि पवन ऊर्जा का उत्पादन शुरू होने से साल 2013 तक ऊर्जा के लिए तेल पर निर्भरता 3 फीसदी घट जाएगी। फिलहाल निकारागुआ की ऊर्जा खपत की 34 फीसदी आपूर्ति भूतापीय ऊर्जा, पनबिजली और एथेनॉल के जरिए पूरी की जाती हैं।

First Published : December 29, 2008 | 10:52 PM IST