स्टरलाइट की याचिका खारिज

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 09, 2022 | 5:52 PM IST

सर्वोच्च न्यायालय ने स्टरलाइट इंडस्ट्रीज की उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें मद्रास उच्च न्यायालय के फैसले पर रोक लगाए जाने की मांग की गई थी।


मद्रास उच्च न्यायालय ने कंपनी से 15 करोड़ रुपये का अतिरिक्त उत्पाद शुल्क जमा करने को कहा था। न्यायाधीश डी के जैन के नेतृत्व वाली एक खंडपीठ ने स्टरलाइट की इस याचिका को खारिज किया। हालांकि खंडपीठ ने कंपनी को रकम जमा करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया है।

कंपनी को 15 करोड़ रुपये का अतिरिक्त शुल्क जमा कराने का आदेश उत्पाद शुल्क संबंधी सेक्टोरल ट्रिब्यूनल ने दिया। उसके खिलाफ कंपनी मद्रास उच्च न्यायालय में अपील की थी।

उच्च न्यायालय ने कंपनी को राहत देने से इनकार करते हुए हुए शुल्क के इस मामले को वित्त मंत्रालय के 13 फरवरी 2003 के सकुर्लर के तहत पुन: मूल्यांकन करने के लिए वापस लौटा दिया था।

उच्च न्यायालय ने कहा था कि सर्कुलर के मुताबिक मामले के आकलन में उत्पादों की कीमत, मूल्यांकन के साल की गड़बड़ियों को शामिल किया जाए।

उच्च न्यायालय के इसी आदेश पर आबकारी विभाग ने तांबा के 86 करोड़ रुपये से भी अधिक के शुल्क की रिकवरी के लिए स्टरलाइट को मई 1997 और जून 200 के बीच 17 कारण बताओ नोटिस जारी किए थे।

First Published : January 5, 2009 | 11:08 PM IST