जून के महीने में स्पेसिफाइड अंडरटेकिंग ऑफ द यूनिट ट्रस्ट ऑफ इंडिया (सूटी) का बोरिया बिस्तर बंधने की बात कही जा रही है, लेकिन शायद उसकी उम्र बढ़ सकती है।
कम से कम आईटीसी, ऐक्सिस बैंक और लार्सन ऐंड टुब्रो (एलऐंडटी) के शेयर जब तक उसके पास रहते हैं, तब तक कंपनी भी काम करती रहेगी। सूत्रों के मुताबिक इस बारे में सरकार को कानूनी सलाह मिल गई हैं।
सलाह के मुताबिक पूर्ववर्ती यूनिट ट्रस्ट ऑफ इंडिया की ओर से चलाई गई किसी भी योजना के साथ जब तक सभी निवेशक जुड़े रहते हैं, तब तक सूटी काम कर सकती है। सूटी में तीनों दिग्गज कंपनियों के शेयरों की ही कुल कीमत 15,000 करोड़ रुपये से ज्यादा है।
इसके अलावा उसमें कई ऐसी कंपनियों का भी निवेश है, जो सूचीबद्ध नहीं हैं और जिनकी कीमत सरकार तय नहीं कर सकती। सूटी ने यूनिट ट्रस्ट ऑफ इंडिया की तय शुदा रिटर्न देने वाली योजनाओं के ऐसेट और देनदारियों को ले लिया था।
जिन फंडों ने बाजार के आधार पर पेशकश की थी वे यूटीआई ऐसेट मैनेजमेंट कंपनी में चले गए। जहां तक कानूनी सवाल है, तो सरकार सूटी को जीवनदान देने के मामले में धीरे-धीरे ही कदम बढ़ाएगी। सूत्रों के मुताबिक इससे सरकार को ही राहत मिलेगी।
दूसरी ओर सूटी की ओर से सोमवार को बयान आया कि फिलहाल कंपनी की एआरएस बॉन्ड नाम की एक ही योजना चल रही है, जो 1 अप्रैल से बंद हो जाएगी। सरकार द्वारा नियुक्त सूटी के प्रशासक के एन पृथ्वीराज का कहना है कि एआरएस बॉन्ड के भुगतान के लिए कंपनी के पास पर्याप्त नकदी है।
अनुमान लगाया जा रहा है कि कंपनी को एआरएस बॉन्ड के भुगतान के लिए तकरीबन 5,600 करोड़ रुपयों का भुगतान करना होगा। पूरे निपटारे के बाद कंपनी के पास कितना कुछ बचेगा इस बारे में पृथ्वीराज ने कुछ भी नहीं कहा।
लंबी होगी उम्र
एलऐंडटी, आईटीसी और ऐक्सिस बैंक के शेयर रहेंगे सूटी में
शेयरों के रहने तक बंद नहीं हो सकती सूटी की योजना