एसबीआईकैप ट्रस्टी ने लिया जिंदल स्टेनलेस का हिस्सा

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 15, 2022 | 1:23 AM IST

एसबीआईकैप ट्रस्टी कंपनी लिमिटेड ने आज कहा कि उसने जिंदल स्टेनलेस लिमिटेड की 56.17 फीसदी हिस्सेदारी का अधिग्रहण किया है। कंपनी के प्रवर्तकों ने इंडसइंड बैंक से 400 करोड़ रुपये का कर्ज लेने के लिए वहां जमानत के तौर पर शेयर गिरवी रखे थे।
एसबीआईकैप ने बीएसई को भेजी सूचना में कहा है, जिंदल स्टेनलेस ने सावधि कर्ज हासिल करने के लिए 1.30 करोड़ शेयर गिरवी रखे थे। एक्सचेंज को भेजी सूचना में कहा गया है, अलग-अलग जगह की प्रवर्तक समूह की इकाइयां इसमें शामिल थी और महामारी के मौजूदा माहौल में पैदा हुई चुनौतियों के कारण जेएसएल की आखिरी प्रवर्तक इकाई ने 21 सितंबर, 2020 को करार पर हस्ताक्षर किए। इसलिए 21 सितंबर से दो कार्यदिवस के भीतर यह खुलासा किया गया।
30 जून, 2020 को जिंदल स्टेनलेस के प्रवर्तक और प्रवर्तक समूह के पास कंपनी की 68.12 फीसदी हिस्सेदारी थी और बाकी 31.99 फीसदी हिस्सेदारी आम शेयरधारकों के पास थी।
इस बीच, जिंदल स्टेनलेस के अधिकारी इस बारे में टिप्पणी के लिए उपलबब्ध नहीं हुए। मौजूदा डिस्क्लोजर स्टेनलेस स्टील उत्पादक के 1.30 करोड़ गिरवी शेयर एसबीआईकैप ट्रस्टी के हक में गिरवी रखे जाने के लिए है।
जिंदल स्टेनलेस ने जून तिमाही में 87 करोड़ रुपये का नुकसान दर्ज किया क्योंंकि कोरोना के कारण हुए राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन से बिक्री पर चोट पड़ी। पिछले महीने केयर रेटिंग्स ने जिंदल स्टेनलेस की क्रेडिट फैसिलिटी की रेटिंग उन्नत कर केयर बीबीबी कर दी थी और उसका परिदृश्य स्थिर रखा था।
जिंदल की मजबूत वित्तीय व परिचालन प्रोफाइल को देखते हुए सुधरी हुई रेटिंग कारोबारी रणनीति की सुदृढ़ता को प्रतिबिंबित करती है जबकि पिछले कुछ महीनों में महामारी के कारण काफी अवरोध पैदा हुआ है।
जिंदल स्टेनलेस भारत मं स्टेनलेस स्टील की सबसे बड़ी एकीकृत विनिर्माताओं में से एक है और उसकी उत्पादन क्षमता 11 लाख टन है। दिल्ली की इस कंपनी की इकाई ओडिशा में है जहां संयंत्र में 2.5 लाख टन फेरो एलॉय की क्षमता है। यह कॉम्पलैक्स कैप्टिव पावर से लैस है और वहां 32 लाख टन क्षमता तक स्टील निर्माण की क्षमता बढ़ाई जा सकती है।

First Published : September 24, 2020 | 1:06 AM IST