बड़ी जंग की तैयारी में रिलायंस रिटेल

Published by
बीएस संवाददाता
Last Updated- December 14, 2022 | 11:25 PM IST

रिलायंस रिटेल ने बुधवार को कहा कि प्राइवेट इक्विटी फर्म जनरल अटलांटिक उसकी सहायक कंपनी रिलायंस रिटेल के 0.84 फीसदी हिस्सेदारी के लिए कंपनी में 3,675 करोड़ रुपये निवेश करेगी। इस तरह से तीन हफ्ते में मुकेश अंबानी की अगुआई वाली कंपनी की तरफ से तीसरे बड़े सौदे का ऐलान है।
सूत्रों ने कहा कि रणनीतिक निवेशक को फर्म में बाद में शामिल किया जा सकता है और हिस्सेदारी बिक्री की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है, जो अभी तक छोटे सौदे तक सीमित है। पीई फर्म सिल्वर लेक, केकेआर और जनरल अटलांटिक ने कुल मिलाकर 4.2 लाख करोड़ रुपये के मूल्यांकन पर रिलायंस रिटेल की 3.87 फीसदी हिस्सेदारी के लिए 16,725 करोड़ रुपये निवेश किया है।
मुबादला और अबु धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी जैसे निवेशक अगली निवेशक हो सकते हैं, हालांकि रिलायंस के प्रवक्ता ने बाजार के कयासों पर टिप्पणी नहीं की।
प्रवक्ता ने कहा, नीति के तौर पर हम बाजार के मीडिया के कयासों व अफवाहों पर टिप्पणी नहीं करते। हमारी कंपनी विभिन्न मौकों का आकलन करती है। हम सेबी के नियमों और स्टॉक एक्सचेंजों से हमारे करार के मुताबिक जरूरी खुलासा किया है और आगे भी यह जारी रखेंगे।
आरआईएल का शेयर आज बीएसई पर 0.49 फीसदी की गिरावट के साथ 2,233.75 रुपये पर बंद हुआ।
केआर चोकसी इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स के प्रबंध निदेशक देवेन चोकसी ने कहा, विनिवेश कार्यक्रम के तहत रिलायंस रिटेल का 20-25 फीसदी हिस्सा बेचा जा सकता है और खुदरा कंपनी में रणनीतिक निवेशक को शामिल किया जा सकता है। आरआईएल व उसकी सहायक कंपनी पर नजर रखने वाले चोकसी ने कहा, पहले वित्तीय निवेशकों के साथ छोटे लेनदेन पूरे किए जाएंगे और बड़े सौदे बाद में होंगे जिसमें रणनीतिक निवेशक शामल होंगे, प्राथमिकता के तौर पर खुदरा कंपनी जो अपने आपूर्ति शृंखला के प्रबंधन से रिलायंस की मदद कर सके। पहले कयास लगाए जा रहे थे कि जेफ बेजॉस के स्वामित्व वाली एमेजॉन रिलायंस रिटेल में निवेश करना चाहती है, लेकिन दोनों कंपनियों ने इस खबर से इनकार किया था। फ्यूचर एंटरप्राइजेज में एमेजॉन छोटी निवेशक बनी हुई है और खुदरा परिसंपत्ति रिलायंस को बेचे जाने के बाद यही कंपनी बाकी बची हुई है जो फ्यूचर समूह के एफएमसीजी व फैशन ब्रांडों के विनिर्माण, वितरण व सोर्सिंग ऑपरेशन को अंजाम देती है। समूह का टेक्सटाइल व बीमा संयुक्त उद्यम भी फर्म का हिस्सा है।
चोकसी ने कहा, ऑनलाइन व ऑफलाइन के बीच सहयोग पुरानी कंपनियों के लिए अहम होगा ताकि वह ऐसे समय में मजबूत पेशकश कर सके जब एक दूसरे समीपता में इजाफा हो रहा है। विडंबना यह है कि फ्यूचर समूह के संस्थापक किशोर बियाणी खुदरा कारोबार से करीब-करीब तब बाहर हो गए जब रिलायंस सौदे ने होम रिटेलिंग में उनकी दिलचस्पी पर रोक लगा दी। बियाणी ऑनलाइन व ऑफलाइन के गठजोड़ का मजबूती से वकालत करते थे।
मंगलवार को खबर आई कि वॉलमार्ट टाटा समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म में निवेश पर विचार कर रही है, लेकिन दोनों कंपनियों ने इसका खंडन किया। वित्त वर्ष 20 की सालाना रिपोर्ट में रिलायंस रिटेल ने कहा है कि वह अपने जियोमार्ट प्लेटफॉर्म के जरिए पारंपरिक रिटेल के कायापलट की ओर बढ़ रही है। कंपनी के खुद के करीब 12,000 स्टोर हैं और फ्यूचर सौदे के बाद उसे अपने नेटवर्क में 1,800 अतिरिक्त स्टोर मिल गए।
फैशन, लाइफस्टाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए रिलायंस रिटेल के अपने ऑनलाइन चैनल हैं और जियोमार्ट मॉडल के जरिए ये सभी एक प्लेटफॉर्म पर मिल जाएंगे, जो उपभोक्ताओं के लिए सुविधाजनक व आसान हो जाएगा। ऐसा विशेषज्ञों का मानना है। बिग बाजार, सेंट्रल व ब्रांड फैक्टरी जैसे ब्रांड वाले फ्यूचर स्टोर भी आगामी महीनों में जियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराए जाएंगे।

First Published : September 30, 2020 | 11:39 PM IST