मध्य आय वर्ग के लोगों के लिए महंगे और आलिशान मकानों की बिक्री इन दिनों चारों खाने चित्त पड़ी हुई है।
इसलिए रियल एस्टेट कंपनियां अब ऐसे मकान बनाने की तैयारी कर रही हैं, जिनकी कीमत 10 लाख रुपये के आस पास होगी। नकदी की कमी और मांग घटने से परेशान रियल एस्टेट कंपनियां अब बिक्री बढ़ाने के लिए नया रास्ता ढूंढ़ने में लगी हैं।
वित्तीय संकट के कारण मकानों की बिक्री में लगभग 60 फीसदी की जबरदस्त गिरावट आई है और इस वजह से डेवलपर्स को नकदी की किल्लत हो रही है। बिक्री घटने के दो बड़े कारणों में अचल संपत्ति की ऊंची कीमतों और ब्याज दरों का अधिक होना बताया जा रहा है।
वाणिज्यिक बैंक डेवलपर्स को ऋण देने से कतरा रहे हैं और इससे उन्हें काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। वहीं शेयर बाजारों के ढहने और बाह्य ऋण पर रोक लगाने से भी डेवलपर्स को अब नकदी जुटाने के लिए दूसरे रास्ते तलाशने पड़ रहे हैं।
दिल्ली में अचल संपत्ति क्षेत्र की प्रमुख कंपनी यूनिटेक ने गुड़गांव में 7 से 15 लाख तक के मकान बनाने के लिए हरियाणा सरकार से मंजूरी मांगी है। 450 से 800 वर्ग फीट के दायरे में कंपनी चार मंजिला इमारतें बनाने की तैयारी में हैं।
भारतीय रिजर्व बैंक 30 लाख रुपये और उससे कम का ऋण जो देनदार मकान खरीदने वालों को देते हैं, उन्हें प्राथमिक क्षेत्र के ऋण में शामिल करता है। इसका मतलब है कि बैंक भी रियायती दर पर एक-दूसरे से ऋण ले सकते हैं और कर्ज लेनदारों को ऋण मुहैया करा सकते हैं।
यूनिटेक के अध्यक्ष रमेश चंद्रा ने बताया, ‘अगर 20 से 30 लाख की रेंज में किफायती मकान बेचे जाएं तो अचल संपत्ति क्षेत्र में बिक्री में जो गिरावट आई है उसे दूर किया जा सकता है। यूनिटेक इसी को ध्यान में रखते हुए अपनी नई परियोजनाएं लाने का मन बना रही है।’
हालांकि देश की सबसे बड़ी सूचीबद्ध रियल एस्टेट कंपनी डीएलएफ की कम कीमत वाले मकान बनाने की कोई योजना नहीं है। कंपनी के अधिकारी ने बताया कि कंपनी 2,700 से 3,000 रुपये प्रति वर्ग फीट की रेंज वाले मकान ही बनाएगी। कंपनी ने पिछले 6 महीनों में इस सेगमेंट के करीब 2,600 मकान बेचे हैं।
कोंजिम इन्फो प्राइवेट लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी जे मुरुगावेल ने बताया, ‘पूरे देश भर में ऐसे मकानों की मांग बढ़ रही है जो किफायती हों। इनमें बेंगलुरु, मुंबई, दिल्ली और चेन्नई जैसे शहर भी शामिल हैं।’ खासतौर पर मंदी को दूर करने के लिए छोटी डेवलपर्स कंपनियां कम कीमत वाले मकान तैयार करने को ही तवज्जो दे रही हैं।
दिल्ली की ही डेवलपर कंपनी फैल्कन रियल्टी सर्विसेज ने शहर के पास ग्लोबल इको सिटी के गुलमोहर वुड्स में 5.5 लाख रुपये के मकान तैयार किये हैं। जबकि मुंबई की मैथरन रियल्टी ने मुंबई से 100 किमी की दूरी पर करजत में 3 से 7 लाख रुपये के मकान बनाए हैं।
जोन्स लान्ग लासाले की सब्सिडरी कंपनी होमबे रेसिडेंशियल के प्रबंध निदेशक रामिंदर ग्रोवर कहते हैं, ‘डेवलपर के लिए किफायती मकान एक नया मंत्र है क्योंकि 20 लाख रुपये से कम का ऋण लेना आसान होता है। तमाम डेवलपर्स अब इस सेगमेंट पर ही ध्यान दे रहे हैं।’