अनिल धीरूभाई अंबानी समूह की रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) को एक्सपोर्ट डेवलपमेंट कनाडा (ईडीसी) ने लगभग 750 करोड़ रुपये का ऋण बढ़ा दिया है।
यह ऋण आरकॉम को पहले दिए गए 1250 करोड़ रुपये के ऋण के बाद निर्धारित किया गया है। इस मामले से जुड़े सूत्रों के मुताबिक इस कोष के जरिये आरकॉम को कनाडाई आपूर्तिकर्ताओं से दूरसंचार प्रौद्योगिकी और सेवाएं खरीदने में मदद मिलेगी।
सूत्रों का कहना है कि इस कोष का इस्तेमाल आरकॉम की जीएसएम सेवा को पेश करने के लिए किया जाएगा जिसके मौजूदा वर्ष के अंत तक शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।हालांकि रिलायंस के प्रवक्ता ने इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया है।
इस साल के शुरू में ईडीसी ने अल्काटेल-ल्यूसेंट से दूरसंचार उपकरणों की खरीद के लिए आरकॉम को 1,250 करोड़ रुपये का कोष मुहैया कराया था।
कोष की मौजूदा मात्रा का आधार दीर्घावधि भुगतान है। यह निवेश आरकॉम की ओर से जुटाई जाने वाली बाहरी फंडिंग के लिए है। बाकी कोष की व्यवस्था अंदरूनी स्रोतों के जरिये की जाएगी।
सीडीएमए कंपनी आरकॉम ने अपनी जीएसएम सेवाओं के लिए 15,000 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि निर्धारित की है। इसकी जीएसएम सेवाएं अगले साल के मध्य तक पूरे भारत में शुरू हो जाने की संभावना है।
कंपनी ने हाल ही में मोबाइल हैंडसेटों की खरीद के लिए लगभग 3850 करोड़ रुपये के ठेके दिए थे।
यह समझा गया था कि आरकॉम के अधिकारियों की हालिया कनाडा यात्रा से यह सौदा पूरा हो गया था। कंपनी के वरिष्ठ प्रबंधन और रणनीतिक अधिकारियों ने व्यापार और भागीदारी अवसरों पर चर्चा करने के लिए 50 कनाडाई कारोबारी घरानों से मुलाकात की थी।
कंपनी को उम्मीद है कि उसका 6 करोड़ का ग्राहक आधार, जिसमें लगभग 17 लाख विदेशी रिटेल ग्राहक भी शामिल हैं, जीएसएम सेवाओं के शुरू होने से कई गुना बढ़ जाएगा। देश में मोबाइल नंबर पोटर्बिलिटी की शुरुआत से कंपनी के लिए अतिरिक्त ग्राहकों की संख्या में भी इजाफा होने की संभावना है।
अन्य सीडीएमए ऑपरेटर टाटा टेलीसर्विसेज द्वारा भी अपनी जीएसएम सेवाएं अगले साल तक शुरू कर दिए जाने की संभावना है।
नई कंपनी श्याम-सिस्तेमा भी जीएसएम क्षेत्र पर नजर लगाए हुए है। जीएसएम सेवा सीडीएमए के अलवा कई नई दूरसंचार कंपनियों के लिए भी आकर्षक विकल्प साबित होगी।