प्रॉपर्टी के दामों पर गिरेगी गाज

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 08, 2022 | 8:41 AM IST

मुश्किलों से जूझ रहे रियल एस्टेट उद्योग के लिए आने वाला वक्त और भी बदतर साबित हो सकता है। माना जा रहा है कि अगले साल के मध्य तक जमीन जायदाद के दामों में 30 फीसदी तक की गिरावट आ सकती है।


जानकारों के मुताबिक ग्राहकों का इंतजार कर रहे रियल्टी डेवलपर उन्हें लुभाने के लिए कम दाम की पेशकश कर सकते हैं।

प्रॉपर्टी सलाहकारों का कहना है कि अगर बिल्डरों की ओर से कीमतों में गिरावट हो जाती है तो बिक्री में इजाफा हो सकता है, खासतौर पर किफायती मकानों की श्रेणी में। कम दाम पर मकान चाहने वाले इसलिए इंतजार कर सकते हैं।

प्रॉपर्टी सलाहदाता फर्म नाइट फ्रैंक इंडिया के चेयरमैन प्रणय वकील का कहना है, ‘अगर आप अगले साल तक के लिए रुक सकते हैं तो आज के मुकाबले बेहतर विकल्प और कम दामों में उपलब्ध होंगे। खरीदार इंतजार कर-कर के थक जाएंगे और सभी डेवलपर यह समझने लगे हैं कि बिक्री बढ़ाने के लिए कीमतों में कटौती जरूरी है।’

मुख्य शहरों में प्रॉपर्टी की कीमतें पिछले कुछ साल में दोगुनी से भी अधिक बढ़ चुकी हैं, जिसकी वजह शेयर बाजार में तेज उछाल और मकान खरीदारों के वेतन में इजाफा है। वित्तीय संकट के साथ आर्थिक मंदी में जलती अर्थव्यवस्था की आंच को कम करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक ने कुछ अहम कदम उठाए हैं। 

जोन्स लांग लासेल मेघराज (जेएलएलएम) के चेयरमैन एवं कंट्री हेड अनुज पुरी का कहना है, ‘कई डेवलपर अपनी क्षमता से अधिक स्टॉक को बेच पाने में असमर्थ होकर अपनी पहले बताई गई दरों में कटौती करेंगे।’

बिक्री को बढ़ाने के लिए प्रॉपर्टी डेवलपर रियल एस्टेट की कीमतों में कमी करने के लिए मजबूर हैं, लेकिन खरीदार अब भी ‘देखा और इंतजार करो’ की नीति अपनाए हुए हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि अब भी ये दाम उनकी जेब से अधिक हैं।

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के गुड़गांव, नोएडा में प्रॉपर्टी की कीमतें 25 से 30 प्रतिशत गिर चुके हैं, जबकि मुंबई के उपशहरों में कीमतों में 15 से 20 प्रतिशत की गिरावट आई है।

महाराष्ट्र में सस्ते मकान

महाराष्ट्र सरकार ने रिटेल आवासीय योजना के लिए देश में पहली बार सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की सहभागिता (पीपीपी) से परियोजना शुरू कर दी है। तानाजी मालूसेर सिटी, कर्जत की साझेदारी वाली यह परियोजना मुंबई से 100 किलोमीटर दूर है।

इसमें अगले साल किराये के लिए 6,000 मकान और अगले पांच साल में 500,000 मकान तैयार किए जाएंगे। इस योजना के तहत लाभार्थियों को 160 वर्ग फुट के मकान दिए जाएंगे। इनके लिए 800 से 1500 रुपये प्रति माह किराया देना होगा।

First Published : December 10, 2008 | 10:38 PM IST