10 डॉलर से कम में फाइजर टीका

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 12, 2022 | 3:52 AM IST

अमेरिकी दवा कंपनी फाइजर बायोनटेक के साथ एमआरएनए तकनीक पर विकसित अपना टीका भारत को 10 डॉलर प्रति खुराक से भी कम पर दे सकती है। मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने यह संकेत देते हुए कहा कि दुनिया भर में फाइजर के टीके की यह सबसे कम कीमत होगी और अमेरिका, ब्रिटेन तथा यूरोपीय संघ जैसे विकसित देशों की तुलना में भारत में कीमत आधी ही होगी।
एक सूत्र ने कहा कि फाइजर 10 डॉलर प्रति खुराक से कम दाम पर भारत सरकार को टीके की आपूर्ति कर सकती है। उन्होंने कहा, ‘सरकार के टीकाकरण कार्यक्रम के लिए टीके की आपूर्ति बिना मुनाफा कमाए की जाएगी।’ फाइजर कोविड-19 टीके की आपूर्ति के लिए केंद्र सरकार से बातचीत कर रही है।
फाइजर इंडिया ने कहा कि उसने भारत में मुनाफे के बगैर केवल लागत पर टीका बनाने की पेशकश की है। फाइजर के प्रवक्ता ने कहा, ‘फाइजर ने भारत में कोविड का टीका मुनाफा कमाए बिना उपलब्ध कराने का प्रस्ताव रखा है। जरूरी नियामकीय मंजूरी मिलने के बाद निम्न और निम्न मध्यम आय वाले देशों में इसे उपलब्ध कराया जा सकता है। अभी भारत सरकार के साथ हमारी बातचीत चल रही है। यह गोपनीय मामला है, इसलिए इसका ब्योरा नहीं दिया जा सकता है।’
अमेरिका में फाइजर-बायोनटेक टीके की कीमत 19.5 डॉलर (करीब 1,423 रुपये) प्रति खुराक रखी गई है और ब्रिटेन में इसका दाम 15 पौंड (करीब 1,532 रुपये) प्रति खुराक है। यूरोपीय संघ में शुरू में इस टीके का मूल्य 15.5 यूरो (18.9 डॉलर) प्रति खुराक था मगर बाद में 23.2 डॉलर (1,693 रुपये) प्रति खुराक करने की बात चल रही है।
ऐसे में भारत में यह टीका दुनिया में सबसे सस्ते दाम में उपलब्ध होगा। निजी बाजार में रूस के स्पूतनिक वी का दाम भारत में 995 रुपये प्रति खुराक (कर सहित) है। भारत बायोटेक निजी अस्पतालों को 1,200 रुपये प्रति खुराक के हिसाब से कोवैक्सीन दे रही है। एस्ट्राजेनेका द्वारा विकसित और सीरम इंस्टीट्यूट द्वारा बनाया जा रहा कोविशील्ड टीका निजी अस्पतालों को 600 रुपये प्रति खुराक पर उपलब्ध कराया गया है। केंद्र सरकार को कोविशील्ड और कोवैक्सीन फिलहाल 150 रुपये प्रति खुराक के हिसाब से मिल रहे हैं।
भारत सरकार और टीका विनिर्माता के बीच नुकसान से सुरक्षा को लेकर बातचीत चल रही है। इस बीच अमेरिका ने फाइजर, मॉडर्ना जैसी टीका विनिर्माताओं को कानूनी सुरक्षा दी है, बशर्ते कंपनी द्वारा जानबूझकर दुरुपयोग नहीं किया गया हो। फाइजर ने जिन देशों में अपना टीका उतारा है, वहां उसे इस तरह की कानूनी सुरक्षा प्रदान की गई है।
कंपनी के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि फाइजर अपने अनुबंध में कोवैक्स संयंत्रों सहित सभी तरह की देनदारी और हानि से सुरक्षा चाहती है। जानकार सूत्रों ने बिज़नेस स्टैंडर्ड को बताया कि सरकार कंपनी को नुकसान से आंशिक सुरक्षा दे सकती है। उन्होंने कहा कि आंशिक सुरक्षा के तहत कंपनी को अपने कोविड टीके के ज्ञात प्रतिकूल प्रभाव का खुलासा करना होगा। जिस प्रतिकूल प्रभाव की जानकारी पहले से नहीं हो, उसके लिए कंपनी को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता और उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं की जा सकती।

First Published : June 9, 2021 | 11:04 PM IST