ओवीएल ओपन ऑफर: बस 1 दिन

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 09, 2022 | 3:48 PM IST

ओएनजीसी विदेश लिमिटेड (ओवीएल) की ब्रिटिश कंपनी इम्पीरियल एनर्जी के लिए ओपन ऑफर खत्म होने में सिर्फ एक दिन बाकी है।


लेकिन देश की सबसे बड़ी तेल निर्माता कंपनी तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) की विदेशों में निवेश कंपनी ओवीएल को अभी तक शेयरधारकों की ओर से 90 प्रतिशत हिस्सेदारी नहीं मिली है।

ओवीएल का अब तक का सबसे बड़ा अधिग्रहण-ब्रिटेन की कंपनी इम्पीरियल एनर्जी है, जिसे खरीदने के लिए उसे 90 प्रतिशत की शेयरधारकों की हिस्सेदारी मिलना जरूरी है।

विशेषज्ञों का कहना है कि कल ओपन ऑफर के 1 बजे से खत्म होने से पहले कंपनी को 90 प्रतिशत से ज्यादा इम्पीरियल के शेयरधारकों की मंजूरी मिलने की उम्मीद है।

इसकी एक अहम वजह यह है कि इस समय लंदन स्टॉक एक्सचेंज में इम्पीरियल के शेयर की कीमत ओवीएल की पेशकश 1,250 पेंस प्रति शेयर से कम है।

शुक्रवार को लंदन स्टॉक एक्सचेंज में कंपनी के शेयर की कीमत बाजार बंद होने तक ओवीएल की पेशकश से 18 प्रतिशत कम थी। हालांकि आज बाजार में कंपनी के शेयर की कीमत में 7 प्रतिशत की बढ़त देखी गई।

अगर इम्पीरियल के 90 प्रतिशत से कम शेयरधारक ओवीएल को अपने शेयर बेचते हैं तो भारतीय कंपनी इस करार से निकल सकती है।

कंपनी ने जब इम्पीरियल के अधिग्रहण की पेशकश की थी, तब अगस्त के अंत में कच्चे तेल की कीमत लगभग 128 डॉलर प्रति बैरल थी, जबकि मौजूदा समय में कच्चे तेल की कीमत उस स्तर से लगभग 70 प्रतिशत तक गिर चुकी है।

कच्चे तेल की कीमतों में कमी ने इम्पीरियल में ओवीएल के निवेश पर रिटर्न को भी कम कर दिया है। ब्रिटेन के अधिग्रहण नियमों के तहत ओवीएल को 140 करोड़ पाउंड में इम्पीरियल को खरीदना ही होगा, अगर कंपनी के शेयरधारक अपनी 90 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सेदारी भारतीय कंपनी को बेचने के लिए मंजूर हो जाते हैं।

इस अधिग्रहण पर नजर बनाए हुए एक विशेषज्ञ का कहना है, ‘मौजूदा तेल कीमतों के स्तर के साथ सिर्फ इम्पीरियल शेयरधारकों को अपनी हिस्सेदारी ओवीएल को बेचने पर फायदा होगा। लेकिन कल समय खत्म होने से पहले यह आंकड़ा 90 प्रतिशत से अधिक होना चाहिए।’

ओएनजीसी के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक आर एस शर्मा जो आवीएल के भी चेयरमैन हैं उन्होंने इस मामले पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

ओएनजीसी के एक दूसरे अधिकारी का कहना है, ‘अगर हमें 90 प्रतिशत हिस्सेदारी नहीं मिलती, तो हमें देखना होगा कि हमें क्या करना है। अभी ओपन ऑफर बंद तक नहीं हुआ है, जिसके साथ अभी कोई भी टिप्पणी करना जल्दबाजी होगा।’

First Published : December 29, 2008 | 10:54 PM IST