नैनो की टक्कर में पुरानी कारें

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 08, 2022 | 8:02 AM IST

अगर आपके पास महज 1 लाख रुपये हैं और आप चार पहियों की सवारी यानी कार के मालिक बनना चाहते हैं, तो टाटा मोटर्स की नैनो पर टकटकी लगाना ही आखिरी विकल्प नहीं है।


अब आप दूसरी कंपनियों की भी कारें इतनी ही रकम में खरीद सकते हैं, यह बात अलग है कि वे कारें पुरानी होंगी। दरअसल नई कारों के लिए केंद्रीय उत्पाद शुल्क (सेनवैट) में 4 फीसदी कटौती के सरकार के फैसले के बाद पुरानी कारों की कीमत 5 से 10 फीसदी कम होने की उम्मीद है।

कीमतों में कितनी कमी होगी, यह कारों के मॉडलों पर निर्भर करता है यानी कार कितनी पुरानी है, इस पर निर्भर करता है। लेकिन यह तय है कि एक लाख रुपये में अब आप नैनो ही नहीं किसी भी कंपनी की कार खरीदने का सपना साकार कर सकते हैं।

पुरानी कारों के प्रमुख विक्रेताओं की मानें तो अब 1 लाख रुपये या फिर उससे भी कम खर्च कर ग्राहक मारुती जेन, हुंडई सैंट्रो, फिएट पालियो, टाटा इंडिका, मारुति 800 और यहां तक कि मारुति एस्टीम, टाटा इंडिगो और फिएट सिएना जैसी कारें अपने घर ले जा सकेंगे। पहले इन कारों के लिए लगभग 1,25,000 रुपये तक खर्च करना पड़ता था।

फजुलभाई मोटर्स के आरिफ फजलभाई ने बताया, ‘पुरानी कारों के बाजार में आज की तारीख में किफायती दर पर ढेरों विकल्प हैं। रविवार को दरों में की गई कटौती से पुरानी कारें और सस्ती होंगी।

पहले एक मध्य वर्गीय परिवार महज 25,000 रुपये के चलते जिस कार को नहीं खरीद सकता था, आज वह भी कार का सपना पूरा कर सकता है।’

फजुलभाई 1 साल पुरानी फोड फिएस्टा 3.5 लाख रुपये में बेच रहे हैं। इस कार की एक्स शोरूम कीमत 7 लाख रुपये से अधिक है। इसी तरह 2007 मॉडल की मारुति एस्टीम खरीदने के लिए 2.75 लाख रुपये खर्चने पड़ेंगे। इस कार की एक्स शोरूम 5 लाख रुपये से अधिक है।

कीमतें घटने से विक्रेताओं का मुनाफा कम होगा पर उसके बाद भी पुरानी कारों के विक्रेता अपना मुनाफा घटाने को तैयार हैं क्योंकि कारों के दाम घटने से मांग बढ़ेगी। फिलहाल खरीदारों में जो निराशा है वह भी दूर होगी और बाजार में तेजी आएगी।

मारुति सुजुकी की पुरानी कारें बेचने वाली मारुति ट्रू वैल्यू के एक अधिकारी ने बताया, ‘नई कारों की कीमतें जितनी घटेंगी, पुरानी कारों की कीमतों में तो उतनी गिरावट नहीं आएगी, पर इतना तो है कि पुरानी कारें जितनी भी सस्ती होंगी उससे कारोबार बढ़ेगा।

बहुत से डीलर काफी समय से अटके पड़े स्टॉक को खाली करना चाहते हैं और इसके लिए वे कारों को सस्ते में बेचने को तैयार हैं। पुरानी कारों के क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ बताते हैं कि पहले ग्राहक इस इंतजार में बैठे थे कि उत्पाद शुल्क में कटौती की जाए।

लोगों का मानना था कि अगले बजट में शुल्क में कटौती की घोषणा हो सकती है। पर अब जबकि उत्पाद शुल्क घटाए जा चुके हैं तो ग्राहक और इंतजार नहीं करना चाहते हैं।दिसंबर और जनवरी के महीने में शादियों का मौसम होता है जिस दौरान कारों की ब्रिकी भी बढ़ जाती है।

इस मौसम में पुरानी कारों की बिक्री भी बढ़ जाती है ताकि विक्रेता नए स्टॉक रख सकें। मारुति ट्रू वैल्यू के अधिकारी ने बताया कि गैर प्रमाणित पुरानी कारों की कीमतों में तो और अधिक गिरावट आ सकती है।

First Published : December 8, 2008 | 11:46 PM IST