तेजी से बढ़ रहे भारतीय एफएमसीजी बाजार पर अभी तक दुनिया भर में छाई मंदी का कोई असर नहीं पड़ा है।
अगर हम अक्टूबर और नवंबर में इस क्षेत्र के बिक्री आंकड़ों पर नजर डालें तो पता चलेगा इन दो महीनों में इस क्षेत्र की बिक्री में काफी बढ़ोतरी हुई है। बल्कि साल भर में इन दो महीनों में सबसे ज्यादा बिक्री हुई है।
एफएमसीजी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के अध्यक्ष एवं कार्यकारी निदेशक एच के प्रेस से सपना अग्रवाल की बातचीत के मुख्य अंश:
ग्राहकों की खरीदारी को लेकर बेरुखी के बाद भी एफएमसीजी कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। इसकी वजह?
मौजूदा संकट का असर जानने के लिए हमें 2004 से शुरुआत करनी पड़ेगी, जब एफएमसीजी क्षेत्र बुरे दौर से गुजर रहा था। उस समय उदार आर्थिक नीतियों की वजह से रियल एस्टेट, ऑटोमोबाइल क्षेत्र सभी बढ़ रहे थे।
उस दौरान एफएमसीजी उत्पादों पर होने वाले खर्च घट गए थे और रियल एस्टेट में ज्यादा निवेश किया जा रहा था। लेकिन बाजार में पूंजी की कमी के कारण लोग अब घर और ऑटो पर होने वाले खर्च में कमी कर रहे हैं।
बाजार के हालात को देखते हुए लोग अपना पैसा संभालकर रख रहे हैं। हालांकि वह खर्च कर रहे हैं लेकिन छोटी वस्तुओं पर। इसीलिए एफएमसीजी की बिक्री में कोई गिरावट नहीं आई है।
वैसे भी एफएमसीजी क्षेत्र के ज्यादातर उत्पाद रोजमर्रा की जरूरत के हैं। और लोगों की इनकी जरूरत पड़ती ही है। इसीलिए मांग में कमी आने की संभावना भी नहीं है।
क्या इसका मतलब है कि एफएमसीजी क्षेत्र पर मौजूदा आर्थिक संकट का कोई असर नहीं पडेग़ा?
हमारे लिए यह एक दिलचस्प विरोधाभास है। इस मंदी का असर कॉर्पोरेट और बड़े स्तर पर हुआ है। अभी तक आम आदमी पर इसका इतना असर नहीं पड़ा है। उसके लिए महंगाई और नौकरी खोने का डर ही सबसे बड़ी चिंता है।
दरअसल, अक्टूबर में साबुन की बिक्री में 22 फीसदी और हेयर कलर की बिक्री में 27 फीसदी बढ़ोतरी दर्ज की गई।
पिछले महीने कच्चे माल की कीमत में गिरावट आने के बाद भी एफएमसीजी कंपनियां उत्पादों के दाम बढ़ा रही हैं?
यह हमारे लिए बहुत ही अच्छा समय है। बाजार में उत्पादों की मांग बढ़ रही है, कच्चे माल की कीमतें घट रही हैं। लेकिन अभी भी हमारे पास महंगे दाम पर खरीदे गए कच्चे माल का भंडार मौजूद हैं।
वैसे भी जब कच्चे माल के दाम बढ़ रहे थे, तब भी हमने ग्राहकों पर पूरी तरह से इसका भार नहीं डाला था। इसीलिए हमारे मार्जिन पर भी असर पड़ रहा था। लेकिन अब हमें हमारे मार्जिन पर से दबाव हटने की उम्मीद है।
मतलब भविष्य में कीमतों में कोई कटौती नहीं होगी?
नहीं। कच्चे माल की कीमतों में र्हु बढ़ोतरी के कारण हमें जो नुकसान हुआ उसकी भरपाई करने के लिए हम कीमतें फिलहाल नहीं घटाएंगे। लेकिन हम टे्रड ऑफर ,कंज्यूमर ऑफर, विज्ञापनों और उत्पादों के लॉन्च पर ज्यादा खर्च करेंगे।
मॉडर्न रिटेल कारोबार में आप क्या कर रहे हैं?
हमारी कुल कमाई का 7-8 फीसदी हिस्सा मॉडर्न रिटेल से ही आता है। मॉल में आने वाले लोगों की संख्या में कमी आना हमारे लिए भी चिंता की बात है।
लेकिन हमारे लिए इन रिटेलरों की मांग को नजरअंदाज करना मुमकिन नहीं है। अगर रिटेलर हमें भुगतान करने की अवधि बढ़ा देंगे तो हम उन्हें माल की आपूर्ति भी बंद कर सकते हैं।