नायरा एनर्जी ने अपने पेट्रोरसायन संयंत्र में पॉलीप्रोपिलिन इकाई लगाने के लिए भारतीय स्टेट बैंक की अगुआई वाले एक कंसोर्टियम से 4,016 करोड़ रुपये का सावधि ऋण लिया है।
कंपनी ने अपने एक बयान में अपनी विस्तार योजना के लिए वित्तीय इंतजाम की जानकारी दी। उसने बताया कि 15 वर्षों की अवधि वाले इस कर्ज राशि का इस्तेमाल गुजरात के वाडीनार में स्थित रिफाइनरी में 4.50 लाख टन सालाना उत्पादन क्षमता वाली पॉलीप्रोपिलिन इकाई लगाने में किया जाएगा।
विस्तार परियोजना को कर्ज के अलावा इक्विटी जुटाकर भी पूरा किया जाएगा। नायरा के मुताबिक उसे विस्तार के लिए नई जमीन खरीदने की जरूरत नहीं है, वह पहले से ही अपने पास मौजूद भूखंड का इस्तेमाल इसके लिए करेगी। नायरा एनर्जी के मुख्य कार्याधिकारी अलोस विराग ने वाडीनार संयंत्र में पॉलीप्रोपिलिन इकाई लगाने के लिए वित्त का इंतजाम होने को अपनी विस्तार योजना के लिए महत्त्वपूर्ण बताया। विराग ने कहा, ‘देश में ऊर्जा एवं पेट्रोरसायन का सबसे बड़ा परिसर स्थापित करने की दिशा में यह अहम है। पॉलीप्रोपिलिन की मांग सालाना करीब 10 फीसदी की दर से बढऩे की उम्मीद है। पेट्रोरसायन परियोजना के पहले चरण का निर्माण वर्ष 2023 में पूरा हो जाने की उम्मीद है।’
कंपनी ने वर्ष 2019 में हुए वाइब्रेंट गुजरात सम्मेलन में पेट्रोकेमिकल कारोबार में कदम रखने की बात कही थी। अगस्त 2017 में नायरा एनर्जी (तत्कालीन एस्सार ऑयल) का अधिग्रहण अंतरराष्ट्रीय निवेशकों रासनेफ्ट और वैश्विक जिंस कारोबार फर्म ट्रैफिगुरा एवं यूसीपी इन्वेस्टमेंट ग्रुप की भागीदारी वाले एक निवेश कंसोर्टियम ने कर लिया था। गुजरात के वाडीनार में नायरा एनर्जी के पास भारत की दूसरी बड़ी एकल स्थल रिफाइनरी है जिसकी वार्षिक क्षमता दो करोड़ टन है। उसके देश भर में 6,000 से अधिक खुदरा बिक्री केंद्र हैं।