नैनो और ब्याज दर की मार

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 09, 2022 | 3:49 PM IST

मंदी का असर दोपहिया बाजार पर जबरदस्त हुआ है और अगले साल भी इस उद्योग का पहिया सड़क से उतर सकता है। इसलिए दोपहिया कंपनियों को 2009 से भी ज्यादा उम्मीदें रखनी नहीं चाहिए।


इस बाजार में विकास की दर काफी कम रहने का अंदेशा है।दरअसल दोपहिया कंपनियों पर अगले साल दोतरफा चोट पड़ने वाली है। मुझे लगता है कि ब्याज दरों के साथ नैनो भी इन कंपनियों का भट्ठा बिठाने में कसर नहीं छोड़ेगी।

दरअसल ज्यादातर बाइक या स्कूटर फाइनैंस के जरिये खरीदे जाते हैं और बैंकों ने ऑटो लोन महंगा कर दिया है। उन्होंने नियम भी सख्त कर दिए हैं, जिनसे दोपहिया कंपनियां बड़ी तादाद में ग्राहक गंवा रही हैं। अनिश्चितता के दौर में ग्राहक ऊंची ब्याज दर पर ऑटो लोन भी नहीं ले रहे।

जाहिर है, दोपहिया कंपनियों को तगड़ी मार पड़ रही है। ये हालात 2009 में भी बरकरार रहना लगभग तय है। दूसरी जो परेशानी मेरे हिसाब से हो सकती है, वह नैनो है,

जिससे अब तक दोपहिया कंपनियां इनकार कर रही थीं। मुझे लगता है कि प्रीमियम श्रेणी की यानी महंगी बाइक खरीदने वाले नैनो का बाजार देखने के लिए खरीदारी टाल सकते हैं।

अगर नैनो उन्हें भा गई, तो दोपहिया कंपनियों के ग्राहक गए और अगर नहीं भी भाती है, तो बिक्री तो कुछ समय के लिए टल ही गई यानी कंपनियों का नुकसान तय है। इन पहलुओं का असर निवेश और उत्पादन पर तो पड़ेगा ही।

यकीन मानिए, अगले साल उत्पादन में अच्छी खासी कटौती होगी क्योंकि स्टॉक का बोझ उन पर भारी पड़ रहा है। निवेश की कहानी भी ऐसी ही रहेगी। कंपनियां लाख इनकार करें, लेकिन विस्तार और निवेश योजनाओं में ढील बरती जाएगी।

कर्मचारियों को इस हालत में छंटनी के लिए तैयार रहना चाहिए और तनख्वाह में 10 फीसदी या उससे ज्यादा की उम्मीद लगाकर जो बैठे हैं, उन्हें वक्त रहते संभल जाना चाहिए क्योंकि उनका सपना 2009 में तो पूरा होता नहीं दिख रहा।

(बातचीत : ऋषभ कृष्ण)


पहली छमाही में तो बिक्री बढ़ने के बजाय हो सकती है कम

एच एस गोइंडी
अध्यक्ष (मार्केटिंग) टीवीएस मोटर


बाजार ठंडा है, तो टल सकती हैं कुछ बड़ी निवेश योजनाएं

दिलीप शेनॉय
महानिदेशक सियाम

First Published : December 29, 2008 | 11:14 PM IST