आईटीसी को अब महिलाओं से आस

Published by
बीएस संवाददाता
Last Updated- December 09, 2022 | 10:52 PM IST

खुद को लाइफस्टाइल ब्रांड के रूप में स्थापित कर चुकी आईटीसी की खुदरा परिधान कंपनी विल्स लाइफस्टाइल ने अब औरतों के परिधान बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की तैयारी कर ली है।


वैसे इस क्षेत्र में कंपनी की विकास संभावनाओं को सकारात्मक बताया जा रहा है। फिलहाल विल्स लाइफस्टाइल की कुल बिक्री में महिलाओं के परिधान की हिस्सेदारी 35 फीसदी की है।

टेक्नोपैक नाम की मैनेजमेंट कंसल्टिंग फर्म का अनुमान है कि औरतों के पश्चिमी परिधान का कुल बाजार 4 हजार करोड़ रुपये से अधिक का है।

इनमें संगठित बाजार की हिस्सेदारी करीब 900 करोड़ रुपये की है। महिलाओं के कपड़ों के एक्सक्लूसिव रेंज के लिए विल्स लाइफस्टाइल ने पहले ही इटली की रिकॉर्डो रामी स्टूडियो और भारत के डिजाइनरों मनीष अरोड़ा और अनामिका खन्ना के साथ करार किया हुआ है।

कंपनी ने ऐसा उपभोक्ताओं को डिजायनर वियर और फैशन वियर में व्यापक विकल्प मुहैया कराने की खातिर किया है। आईटीसी हर दो-चार हफ्ते में नए स्टाइल और डिजाइन के कपड़ों के अलावा बैग जैसी एक्सेसरीज भी उपलब्ध कराती है।

आईटीटसी के लाइफस्टाइल रिटेलिंग बिानेस खंड के डिवीजनल चीफ एक्जक्यूटिव अतुल चांद के मुताबिक, ‘हालांकि हमारा पूरा कारोबार अभी 20 फीसदी की दर से बढ़ रहा है लेकिन महिलाओं का परिधान कारोबार 25 फीसदी की दर से तरक्की कर रहा है।

हमारा मानना है कि इस खंड में तरक्की की काफी संभावनाएं हैं।’ टेक्पैक एडवाइजर्स के सह-उपाध्यक्ष पूर्णेन्दू कुमार ने बताया, ‘कामकाजी महिलाओं के अलावा नौजवान उपभोक्ताओं की विशाल तादाद पश्चिमी परिधानों के प्रति बहुत आकर्षित है। उम्मीद है कि इस खंड की विकास दर 18 से 20 फीसदी रहेगी।’

आईटीसी को रेमंड्स, ऐलन सॉली, यूनाइटेड कलर्स ऑफ बेनेटन के अलावा रिटेल कंपनियों के खुद के ब्रांडों  जैसे वेस्टसाइड, पैंटालून और शॉपर्स स्टॉप से कड़ी प्रतिस्पद्र्धा रहती है। आईटीसी ने भी उपभोक्ताओं को बेहतर अंतरराष्ट्रीय अनुभव देने के लिए अपने उत्पाद लॉन्च किए हैं।

चांद ने बताया कि पश्चिम के विपरीत देश के ज्यादातर खुदरा बिक्रेताओं ने कम से कम उत्पादों के जरिए अधिक उपभोक्ताओं को खुश करने की कोशिश की है।

First Published : January 22, 2009 | 10:55 PM IST