छूट देने में डेवलपर से आगे निवेशक

Published by
बीएस संवाददाता
Last Updated- December 08, 2022 | 7:07 AM IST

नकदी को तरसते निवेशक अब खुल कर सामने आ गए हैं।


उन्होंने रियल एस्टेट प्रदर्शनियों में जहां अब तक सिर्फ प्रॉपर्टी डेवलपरों ही कारोबार करते थे, वहां अपने फ्लैट बेचने शुरू कर दिए हैं। निवेशक उन्हीं प्रॉपर्टी प्रदर्शनियों में भाग ले रहे हैं, जहां डेवलपरों का दबदबा था। बल्कि खरीदारों को जबरदस्त छूट की भी पेशकश की है।

रिपोर्टों के अनुसार मैजिकब्रिक्स डॉट कॉम की ओर से चल रही प्रॉपर्टी प्रदर्शनियों में देखा गया कि निवेशक बाजार दरों में 30 प्रतिशत छूट पर फ्लैट बेच रहे थे, जबकि बिल्डर 15 से 20 प्रतिशत की छूट दे रहे थे।

अमेरिका की सलाहकार कंपनी कोल्डवेल बैंकर गुडविल कंसल्टेंट के अध्यक्ष और मुख परिचालन अधिकारी सुकेतू मोदी का कहना है, ‘डेवलपरों के मुकाबले निवेशक अपनी परिसंपत्तियों को बेचने के लिए अधिक उतावले हो रहे हैं, क्योंकि उन्हें पैसे की बहुत अधिक जरूरत है।’

कम ब्याज दरों और शेयर बाजार में जबरदस्त उछाल के साथ निवेशकों ने मुख्य परिसंपत्ति बाजारों जैसे मुंबई और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में बहुत बड़ी मात्रा में निवेश कर लिया था, जिससे इन शहरों में रियल्टी कीमतों में काफी तेजी आई।

मुंबई के कई हिस्सों में अपार्टमेंट की कीमतें पिछले तीन सालों में 250 से 300 प्रतिशत तक बढ़ गई है।

लेकिन अब नकदी की तंगी झेल रहे निवेशक बड़ी-बड़ी छूट के साथ अपनी परिसंपत्तियों को बेच रहे हैं, ताकि शेयर बाजार में मंदी के दौर में नकद प्रवाह को सुधारा जाए। प्रॉपर्टी बाजारों में आमतौर पर लगभग 30 प्रतिशत निवेशकों का पैसा लगा होता है।

मुंबई की एक ब्रोकरेज फर्म के इक्विटी विश्लेषक ने नाम छुपाए रखने पर बताया, ‘खाड़ी बाजार से बड़ी संख्या में निवेशक हैें। उनमें से ज्यादातर अपनी परिसंपत्तियों को बेचने की कोशिश कर रहे हैं।’

प्रॉपर्टी ब्रोकरों का कहना है, निवेशक एनसीआर में ग्रेटर नोएडा, कुंडली और यहां तक की गुड़गांव के भी कुछ हिस्सों से निकल चुके हैं।

इन इलाकों में पहले 30 प्रतिशत निवेशक पैसा लगाते थे। इसकी वजह से ग्रेटर नोएडा और गुड़गांव जैसी जगह में प्रॉपर्टी की कीमतों में 20 प्रतिशत से अधिक सुधार हुआ है।

First Published : December 4, 2008 | 11:07 PM IST