घटते निर्यात से हुंडई हुई परेशान

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 09, 2022 | 3:49 PM IST

भारत की सबसे कार निर्यातक और आई-10 और आई-20 जैसी कारें बनाने वाली कंपनी हुंडई इंडिया लिमिटेड (एचएमआईएल) को 2009 में निर्यात ठेकों में जबरदस्त गिरावट का सामना कर रही है।


कंपनी के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्याधिकारी एच एस लीम का कहना है, ‘अगले साल के लिए हमें अभी तक मिले कम निर्यात ठेकों को लेकर मैं चिंतित हूं। अभी तक भारत से निर्यात होने वाली कुल यात्री कारों का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा हुंडई ही निर्यात करती रही है।

निर्यात की मौजूदा स्थिति को देखते हुए हमें सरकार से मदद चाहिए।’ एच एस लीम ने प्रीमियम कॉम्पैक्ट कार आई-20 को पेश किया। इस समय हुंडई के पास निर्यात के ऑर्डर काफी कम हैं।

उन्होंने कहा कि हर माह करीब 20,000 कारों के आर्डर की जगह कंपनी के पास जनवरी, फरवरी और मार्च के लिए क्रमश: 9,000 इकाई, 11,000 इकाई और 4,000 इकाई के  ऑर्डर हैं। आई-20 की एक्स शोरूम कीमत 4.80 लाख रुपये से 5.82 लाख रुपये के बीच ही होगी।

एच एस लीम ने बताया, ‘बाजार में नई कार पेश करने में करीब 3-4 महीने का समय लगता है। हम इस कार को पेश करने की घोषणा पहले ही कर चुके थे। इसीलिए हमने बाजार के खराब हालात के बाद भी आई-20 को निर्धारित तारीख पर ही लॉन्च करने का फैसला किया।’

लीम ने कहा कि कंपनी को अगले साल तक विदेशी बाजारों में 1.2 लाख आई-20 बेचने की उम्मीद है। जबकि घरेलू बाजार में 20,000 इकाइयों की बिक्री की जाएगी।

इसके अलावा कंपनी जनवरी में सोनाटा का नया संस्करण भी बाजार में उतारेगी। बाजार में मंदी के कारण कंपनी ने भी अपने 1,200 प्रशिक्षुओं को नौकरी नहीं देने का फैसला भी किया है।

इस बारे में लीम ने बताया, ‘हम घटती मांग के कारण उत्पादन भी कम करने की योजना बना रहे हैं। इसके साथ ही हम अगले महीने से कंपनी की कारों के दाम भी बढ़ाने वाले हैं। और लागत कम करने के लिए कठिन फैसले लेना भी जरूरी है।’

इस बारे में कंपनी के अध्यक्ष अशोक झा ने बताया, ‘हम चेन्नई संयंत्र में उत्पादन घटाने के लिए तीन शिफ्टों के बजाय दो शिफ्ट में ही उत्पादन करेंगे।’

उन्होंने बताया कि मांग कम होने के कारण कंपनी ने कुल उत्पादन में 20-25 फीसदी की कटौती करने का भी फैसला किया है। झा ने बताया, ‘तमिलनाडु सरकार की शर्तों के अनुसार हमें कंपनी में 1,718 प्रशिक्षुओं को रखना जरूरी है।

लेकिन अभी तक हम हर साल इससे कहीं ज्यादा प्रशिक्षु रख रहे थे। लेकिन अब हमें लागत कम करनी है तो हम निश्चित संख्या में ही प्रशिक्षु रखेंगे।’ उनके अनुसार फिलहाल कंपनी में करीब 3,500 प्रशिक्षु कार्यरत हैं और इनका प्रशिक्षण तीन महीने बाद समाप्त होगा।

First Published : December 29, 2008 | 11:10 PM IST