आखिर सत्यम की सेना में कितने सिपाही हैं? सत्यम कंप्यूटर सर्विसेज के संस्थापक बी रामलिंग राजू ने चेयरमैन का पद छोड़ने से पहले दावा किया था कि इस आईटी कंपनी में 53,000 कर्मचारी काम कर रहे हैं।
इस दावे पर काफी समय तक खींचतान रही। सरकारी वकील के मुताबिक केवल 40,000 कर्मचारी हैं, लेकिन कंपनी का नया बोर्ड राजू के दावे की तसदीक कर रहा है।
दरअसल आंध्र प्रदेश अपराध जांच विभाग की ओर से सरकारी वकील अजय कुमार ने अदालत के सामने राजू के दावों पर सवालिया निशान लगा दिया।
उन्होंने कहा कि कंपनी में केवल 40,000 कर्मचारी हैं। उनका यह भी कहना था कि राजू ने पुलिस पूछताछ के दौरान यह स्वीकार किया है। लेकिन सरकार की ओर से नियुक्त छह सदस्यों वाला सत्यम का निदेशक मंडल अब राजू की पहली बात को ही सही ठहरा रहा है।
निदेशकों का कहना है कि राजू के दावों को सही साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत और आंकड़े मौजूद हैं। लेकिन कर्मचारी भविष्य निधि संगठन की मानें, तो सत्यम के कर्मचारियों के कुल 43,622 खाते हैं।
इसके उलट आयकर विभाग ने जो खुलासा किया, उसके मुताबिक वर्ष 2007-08 में कंपनी ने 44,000 कर्मचारियों के एवज में टीडीएस के रूप में 250 करोड़ रुपये का भुगतान किया।
पीएफ खातों के हिसाब से सत्यम का आंकड़ा यानी 53,000 कर्मचारियों की बात सही भी हो सकती है क्योंकि सत्यम के मुताबिक पीएफ खातों में वे कर्मचारी शामिल नहीं होते, जो विदेशी नागरिक हैं। ऐसे कर्मचारी भारत के पीएफ कानूनों के दायरे में नहीं आते हैं।
सत्यम का कारोबार 66 देशों में है और सूत्रों के ुताबिक हरेक देश में 100 से भी ज्यादा कर्मचारी तैनात हैं। इसका मतलब है कि 7,000 कर्मचारी विदेश में काम कर रहे हैं। पीएफ खातों में वे कर्मचारी भी शामिल नहीं हैं, जो सत्यम की सहयोगी कंपनियों में काम कर रहे हैं।
सत्यम के मार्केटिंग एवं कम्युनिकेशंस विभाग के ग्लोबल प्रमुख हरि तल्लापल्ल् के मुताबिक कर्मचारियों का आंकड़ा 53,000 ही है और गिनती में इसकी तसदीक भी हो चुकी है। लेकिन असली संख्या के बारे में हरि भी कुछ नहीं कह सके। अलबत्ता उन्होंने कहा कि शक की गुंजाइश नहीं है।