रुपये में कमजोरी से एचडी टीवी पर लगा ग्रहण

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 08, 2022 | 6:41 AM IST

डायरेक्ट-टु-होम सेवाओं की 2003 में शुरुआत से लेकर अब तक 1 करोड़ ग्राहकों के साथ के बाद भी डीटीएच सेवाएं देने वालों के लिए दर्शकों के घर से केबल टीवी को हटा पाना मुश्किल बना हुआ है।


ज्यादा से ज्यादा ग्राहकों को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए अब डीटीएच ऑपरेटरों को एचडी (हाई डेफिनिशन) टीवी से काफी उम्मीदें हैं। लेकिन एचडी टीवी की शुरुआत को रुपये की घटती कीमत की वजह से मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

जब रुपये की कीमत अधिक थी, उद्योग में एचडी टीवी का बाजार बढ़िया था। रुपये की कीमत घटने के साथ ही डीटीएच सेवाओं के लिए इस्तेमाल होने वाला सेट-टॉप बॉक्स महंगे हो जाते हैं, क्योंकि इन्हें आयात किया जाता है।

सेट-टॉप बॉक्स की कीमतों में उस समय उछाल आ रहा है, जब ज्यादातर डीटीएच ऑपरेटर भारत में हाई डेफिनिशन टीवी सेवाओं को शुरू करने का विचार बना रहे हैं। इसके लिए नई तकनीक (एमपीईजी-4) से लैस सेट टॉप बॉक्स की जरूरत है।

कीमतों में हो रही वृध्दि से हो सकता है कि डीटीएच ऑपरेटर निकट भविष्य में शुरू की जाने वाली अपनी एचडी सेवाओं पर एक बार फिर से विचार करें। टाटा स्काई ने पहले ही अपनी इस सेवा को पेश कर दिया है।

डिश टीवी की योजना दिसंबर, 20008 से अपने एचडी सेट टॉप बॉक्स बेचने की शुरुआत करने की थी, लेकिन अब इस योजना की रफ्तार पर लगाम लगाई जा सकती है। बिग टीवी की योजना चालू वित्त वर्ष की चौथी तिमाही तक एचडी सेवा पेश करने की है।

उद्योग जगत के सूत्रों का कहना है कि हर साल हमारे डीटीएच ऑपरेटर लगभग 30 लाख सेट टॉप बॉक्स आयात करते हैं। वर्ष 2008 में बिग टीवी और एयरटेल डीटीएच जैसी नई कंपनियों के आने से उद्योग में मुकाबला कड़ा हो गया है।

इससे पहले डीटीएच सेवाओं के क्षेत्र में डिश टीवी, टाटा स्काई और सन डायरेक्ट का दबदबा था।


डीटीएच बाजार में दक्षिण भारत का 35 प्रतिशत का योगदान है। दिलचस्प बात तो यह है कि सभी डीटीएच ऑपरेटरों का कहना है कि वे सबसे पहले दक्षिण में अपनी कीमतों में इजाफा करने की योजना बना रहे हैं, जबकि दक्षिणी बाजार कम कीमत के लिए जाना जाता है।

दक्षिण भारत के बाजारों में कीमतों के कुछ हिस्से में बदलाव से मांग के भी कुछ हिस्से में ही बदलाव आता है। इसलिए डीटीएच सेवाओं को छोड़ने वाले दक्षिण भारतीयों की उम्मीद बेहद कम है।

रुपये की कम होती कीमत के कारण इस बात की पूरी उम्मीद है कि सेट टॉप बॉक्स की लागत बढ़ जाएगी।

डीटीएच उद्योग के कुछ अनुमानों के अनुसार एक डीटीएच कंपनी एमपीईजी2 सेट टॉप बॉक्स लगभग 1,568 रुपये से 2,450 रुपये के बीच में खरीदती है और एमपीईजी 4 सेट टॉप बॉक्स की कीमत 2,500 रुपये से लेकर 3,038 रुपये के बीच में है।

First Published : December 1, 2008 | 10:56 PM IST