बहल को बाहर करेगा गोलमाल!

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 09, 2022 | 10:17 PM IST

गजनी, सिंह इज किंग और गोलमाल रिटर्न्स जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्में रिलीज करने वाली फिल्म वितरण कंपनी इंडियन फिल्म्स कंपनी (टीआईएफसी) में भी कारोबारी कड़वाहट चल रही है।


इसके जरिये कंपनी के मुख्य प्रवर्तक राघव बहल को ही बाहर का रास्ता दिखाने की कोशिश की जा रही है।


दरअसल, इस कंपनी में हिस्सेदार ब्रिटेन की हेज फंड अल्टिमा पार्टनर्स ने कंपनी के मुख्य प्रवर्तक राघव बहल और आलोक वर्मा को निदेशक बोर्ड से हटाने के लिए 5 फरवरी को एक असाधारण बैठक (ईजीएम)बुलाई है।

अल्टिमा एक प्रस्ताव लेकर आई है जिसमें बहल और वर्मा की जगह पर अतुल सेतिया और आशीष व्यास को नियुक्त करने की बात की गई है। सेतिया जहां हेज फंड में साझीदार हैं वहीं आशीष व्यास की अपनी खुद की निवेश कंपनी है।

टीआईएफसी विशुद्ध रूप से फिल्म निवेश कंपनी है जो फिल्म वितरण के कारोबार से जुड़ी है। राघव बहल ने ही टीआईएफसी की बुनियाद डाली थी और वही इसमें सबसे बड़े हिस्सेदार भी हैं। लेकिन अब उन्हें ही इससे बाहर करने का प्लेटफॉर्म तैयार किया जा रहा है।

राघव बहल नेटवर्क 18 समूह के भी मुखिया हैं जिसके तले सीएनबीसी-टीवी-18, सीएनएन आईबीएन, सीएनबीसी आवाज और कलर्स जैसे चैनल आते हैं। टीआईएफसी में भी बहल की सबसे ज्यादा 21.64 फीसदी हिस्सेदारी है। जबकि डॉयचे बैंक का कंपनी में 10.55 फीसदी, हिस्सा है।

उसके अलावा एचएसबीसी इन्वेस्टमेंट की 9.10 फीसदी, वायाकॉम ब्रांड सॉल्यूशंस की 4.55 फीसदी और ब्लैकरॉक मेरिल लिंच की 6.18 फीसदी हिस्सेदारी है। अल्टिमा इनमें से कुछ से मिलकर बहल और वर्मा की छुट्टी चाहती है।

जब बिजनेस स्टैंडर्ड ने बहल से संपर्क की कोशिश की तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। उनकी ओर से यही संदेश आया कि इस मामले में उनकी जनसंपर्क एजेंसी से संपर्क करें। कंपनी की लंदन में मौजूद जनसंपर्क एजेंसी एलेक्स वॉल्टर्स ने कहा कि अफवाहों पर कुछ नहं कहा जाएगा।

टीआईएफसी में सबसे बड़े हिस्सेदार बहल, 21.64 फीसदी हिस्सा

अल्टिमा पार्टनर्स करना चाहती है बहल को कंपनी से बेदखल

इसके लिए 5 फरवरी को बुलाई बोर्ड की असाधारण बैठक

First Published : January 16, 2009 | 11:59 PM IST