मंदी के कारण घटती बिक्री को बढ़ाने के लिए फ्यूचर समूह अपने निजी लेबलों की कीमतों में कटौती करने की योजना बना रहा है।
फ्यूचर समूह ने यह फैसला हिंदुस्तान लीवर, मैरिको जैसी दिग्गज एफएमसीजी कंपनियों द्वारा उत्पादों की कीमतें नहीं घटाने की घोषणा के बाद लिया है।
हाल ही में सरकार ने उत्पादों की बढ़ती कीमत पर कुछ अंकुश लगाने के लिए सेनवैट में 4 फीसदी की कटौती की है।
इससे एफएमसीजी कंपनियों की लागत में कमी आएगी, लेकिन कंपनियां इसका फायदा ग्राहकों को पहुंचाने की योजना नहीं बना रही हैं।
सरकार की इस घोषणा के तुरंत बाद ही ऑटोमोबाइल उद्योग और सीमेंट उद्योग ने उत्पादों के दाम भी घटा दिए है। हालांकि एफएमसीजी उद्योग ने कीमतों में कटौती करने की योजना फिलहाल टाल दी है।
फ्यूचर समूह के निदेशक (ग्राहक) दामोदर मल ने बताया, ‘हम आने वाले एक-दो दिन में कीमतों में कटौती की घोषणा कर देंगे।’ हालांकि उन्होंने इस बारे में कोई भी जानकारी देने से साफ मना कर दिया।
उन्होंने बताया, ‘कच्चा माल सस्ता होने से हमें निजी लेबलों पर मुनाफा हो रहा है, इसीलिए हम अपने ग्राहकों तक इसका लाभ पहुंचाना चाहते हैं।’
कैमिकल, कच्चा तेल, मेटल जैसे कच्चे माल की कीमत गिरने के बाद फ्यूचर समूह पहले ही बर्तन, प्लास्टिक और सिंथेटिक कपड़ों के दाम घटा चुका है। इस्पात और तांबे के दामों में 30-40 फीसदी की गिरावट आई है।
इसके अलावा पिछली तिमाही में कच्चे तेल की कीमत घटने के बाद इथाइलिन और पॉलीप्रोपाइलीन के दाम भी 70 फीसदी तक घटे हैं।
मल ने कहा, ‘एफएमसीजी कंपनियों को उत्पाद शुल्क घटने के बाद ही उत्पादों के दामों में कटौती क र देनी चाहिए थी।’ समूह ने आने वाले 4 साल में लगभग 10,000 करोड़ रुपये का कारोबार करने का लक्ष्य रखा है।
इस दौरान कंपनी एफएमसीजी, टिकाऊ उपभोक्ता, इलेक्ट्रॉनिक्स और कपड़ा कारोबार में नए उत्पाद उतारने की योजना भी बना रही है।
किशोर बियाणी ने बताया, ‘कच्चे माल की कीमतें इस समय सबसे कम स्तर पर है। इसीलिए नए उत्पाद बाजार में उतारने का यह सही समय है।’
कंपनी आने वाले 3-4 महीनों में निजी ब्रांड के तहत एफएमसीजी में टूथपेस्ट, साबुन पेश करने के साथ ही स्पोट्र्स वियर और सौंदर्य उत्पाद बाजार में उतारने की योजना बना रही है।